शादीशुदा पड़ोसन होटल में आकर चुदी

(Married PadosanKo Hotal Main Choda)

मेरे सभी दोस्तो, आपका फिर से स्वागत है, मेरी नई, रसीली और सच्ची दिलकश सेक्स कहानी में.

शिल्पा मेरी पड़ोसन थी। जब मैंने मोबाइल खरीदने के लिए बाजार जाने की सोची तो उसका फोन नंबर मेरे पास आया। उसने मुझे बताया कि वह भी नया फोन लेना चाहती है। हम दोनों साथ बाजार गए। शिल्पा की उम्र 26 साल थी।

उसकी शादी तीन साल पहले हुई थी लेकिन उसका पति अक्सर बाहर रहता था। शिल्पा की कद-काठी बहुत आकर्षक थी। उसके स्तन बड़े और भरे हुए थे। उसकी कमर पतली थी और नितंब गोल-गोल थे। उसने हल्का नीला सूट पहना था जिससे उसके शरीर की हर रेखा साफ दिख रही थी।

बाजार में फोन चुनते समय शिल्पा बार-बार मेरे शरीर से छूकर खड़ी होती। उसकी सांस मेरे गले पर पड़ती। मैंने देखा कि उसकी आँखों में एक अलग सी चमक थी। फोन खरीदने के बाद हम दोनों एक रेस्तरां में बैठे। शिल्पा ने कहा कि वह थक गई है। मैंने उसे होटल में रुकने का सुझाव दिया। वह मान गई।

होटल के कमरे में प्रवेश करते ही शिल्पा ने दरवाजा बंद किया। उसने अपना दुपट्टा उतारा। उसके स्तनों की गहराई साफ दिख रही थी। मैंने उसके पास जाकर उसके होंठों पर अपना मुंह रखा।

शिल्पा ने भी मेरे होंठों को चूमा। हम दोनों एक-दूसरे को जोर से चूमने लगे। मेरी जीभ उसके मुंह में घुस गई। शिल्पा ने भी अपनी जीभ निकालकर मेरी जीभ से रगड़ना शुरू किया।

मैंने शिल्पा के सूट का बटन खोला। उसके स्तन ब्रा के अंदर बंद थे। मैंने ब्रा का हुक खोला। शिल्पा के स्तन बाहर निकल आए। वे बड़े, गोल और कड़े थे। उसके निप्पल गुलाबी रंग के थे। मैंने एक स्तन को हाथ में लिया और चूसने लगा।

शिल्पा की सांस तेज हो गई। वह चीखने लगी। मैंने दूसरे स्तन को भी चूसा। शिल्पा ने मेरे सिर को अपने स्तनों पर दबाया।

मैंने शिल्पा की सलवार का नाड़ा खोला। सलवार उसके पैरों से नीचे गिर गई। वह अब सिर्फ पैंटी में थी। मैंने पैंटी भी उतार दी। शिल्पा की चूत साफ दिख रही थी। उसके जांघों के बीच बाल नहीं थे। चूत के होंठ गुलाबी थे। मैंने शिल्पा को बिस्तर पर लिटाया।

उसके पैरों को फैलाया। मैंने अपनी जीभ उसकी चूत पर रखी। शिल्पा का शरीर काँप उठा।

मैंने उसकी चूत चाटना शुरू किया। शिल्पा की चूत से पानी निकल रहा था। मैंने उस पानी को चाट लिया।

शिल्पा ने मेरे कपड़े उतारने शुरू किए। मेरी पैंट खोलकर उसने मेरे लंड को बाहर निकाला। मेरा लंड खड़ा हो चुका था। शिल्पा ने उसे हाथ में लिया और सहलाने लगी। फिर उसने मुंह में लिया। उसकी जीभ मेरे लंड के सिरे पर घूम रही थी।

वह मेरे लंड को चूस रही थी। मैंने शिल्पा के बालों में हाथ डाला और उसके सिर को आगे-पीछे करने लगा।

कुछ देर बाद शिल्पा ने लंड मुंह से निकाला। मैंने उसे पीठ के बल लिटाया। उसके पैरों को खोला।

मैंने अपने लंड को उसकी चूत पर रखा। शिल्पा की चूत बहुत तंग थी। मैंने धीरे से लंड अंदर डाला। शिल्पा चीख पड़ी।

मैंने और जोर लगाया। लंड आधा अंदर घुस गया। शिल्पा की आँखों से आँसू निकल आए। मैंने पूछा कि दर्द हो रहा है। उसने हाँ कहा।

मैंने धीरे-धीरे लंड आगे-पीछे करना शुरू किया। शिल्पा की चूत से खून निकल रहा था। उसकी कुंवारीपन का प्रमाण था। मैंने और जोर लगाया।

पूरा लंड अंदर घुस गया। शिल्पा चीख रही थी। मैंने उसके स्तनों को हाथ में लिया और दबाने लगा। शिल्पा का दर्द धीरे-धीरे कम हो रहा था। वह भी कमर उठाकर मेरे लंड का साथ देने लगी।

हम दोनों जोर-जोर से चुदाई कर रहे थे। बिस्तर की आवाज आ रही थी। शिल्पा के स्तन ऊपर-नीचे हो रहे थे। मैंने उसके निप्पलों को चूसा। शिल्पा ने मेरी पीठ पर नाखून गड़ाए।

मैंने उसकी चूत में और तेजी से लंड घुसाया। शिल्पा चीख रही थी। उसकी चूत का पानी मेरे लंड पर बह रहा था।

मैंने शिल्पा को उल्टा कर दिया। उसके नितंब ऊपर उठाए। मैंने उसके पीछे से लंड डाला। शिल्पा की चूत और भी तंग लग रही थी। मैंने उसके बालों में हाथ डाला और जोर-जोर से चोदा। शिल्पा का सिर बिस्तर में दबा हुआ था। वह चीख रही थी।

कुछ देर बाद मैंने शिल्पा को घुमाया। वह अब मेरे ऊपर बैठी थी। उसने मेरे लंड पर अपनी चूत रखी। धीरे से नीचे बैठी। लंड पूरी तरह अंदर घुस गया। शिल्पा ऊपर-नीचे होने लगी।

उसके स्तन मेरे मुंह के सामने आ रहे थे। मैंने उन्हें चूसा। शिल्पा की चूत का पानी मेरे लंड पर गिर रहा था।

शिल्पा ने तेजी से चुदाई की। उसका शरीर पसीने से तर हो गया था। मैंने भी कमर उठाकर उसके लंड को पूरा अंदर लिया। शिल्पा चीख रही थी। उसकी चूत सिकुड़ रही थी। मुझे लगा कि वह झड़ने वाली है।

शिल्पा का शरीर काँप उठा। उसकी चूत ने मेरे लंड को कस लिया। वह जोर से चीखी और झड़ गई। उसका पानी मेरे लंड पर बह रहा था।

मैंने भी जोर लगाया। मेरा लंड फड़क उठा। मैंने शिल्पा की चूत में अपना वीर्य छोड़ा। शिल्पा ने मेरे शरीर को कस लिया।

हम दोनों थककर बिस्तर पर गिर गए। शिल्पा मेरे सीने पर सिर रखकर लेटी थी। कुछ देर बाद शिल्पा ने फिर मेरे लंड को हाथ में लिया।

वह फिर खड़ा हो गया। शिल्पा ने फिर मुंह में लिया। उसने मेरे लंड को चूसा।

मैंने शिल्पा को फिर बिस्तर पर लिटाया। इस बार मैंने उसके मुँह में लंड डाला। शिल्पा ने चूसा। मैंने उसके स्तनों को हाथ में लिया।

कुछ देर बाद मेरा लंड फिर फड़का। मैंने शिल्पा के मुंह में वीर्य छोड़ा। शिल्पा ने सब कुछ पी लिया।

रात भर हम दोनों कई बार चुदाई करते रहे। शिल्पा की चूत बार-बार मेरे लंड को लेती रही। उसकी कुंवारी चूत अब पूरी तरह खुल चुकी थी। शिल्पा ने कई बार झड़कर अपना पानी छोड़ा। मैंने भी कई बार उसकी चूत में वीर्य डाला।

सुबह होने पर शिल्पा ने कहा कि वह फिर आना चाहती है। मैंने कहा कि मैं भी यही चाहता हूँ। हम दोनों ने फिर एक-दूसरे को चूमा।

शिल्पा ने कपड़े पहने और चली गई।

कुछ दिनों बाद शिल्पा फिर मेरे पास आई। हम दोनों फिर होटल गए। इस बार शिल्पा ने खुद ही कपड़े उतारे। वह नंगी होकर बिस्तर पर लेट गई। मैंने भी कपड़े उतारे। शिल्पा ने मेरे लंड को हाथ में लिया और सहलाया।

मैंने शिल्पा की चूत चाटी। शिल्पा ने मेरे सिर को दबाया। मैंने उसकी चूत के अंदर जीभ डाली। शिल्पा चीख रही थी।

मैंने उसके क्लिटोरिस को चूसा। शिल्पा का शरीर काँप रहा था।

शिल्पा ने मुझे ऊपर खींचा। मैंने लंड उसकी चूत में डाला। शिल्पा ने कमर उठाई। लंड पूरा अंदर घुस गया।

हम दोनों जोर-जोर से चुदाई करने लगे। शिल्पा के स्तन मेरे हाथों में थे। मैंने उन्हें दबाया।

शिल्पा ने मुझे उल्टा कर दिया। वह मेरे ऊपर चढ़ गई। उसने लंड पर चूत रखी और बैठ गई। लंड अंदर घुस गया।

शिल्पा ऊपर-नीचे होने लगी। उसके नितंब मेरे हाथों में थे। मैंने उन्हें दबाया।

शिल्पा ने तेजी से चुदाई की। उसकी चूत का पानी मेरे लंड पर गिर रहा था।

मैंने भी कमर उठाकर लंड अंदर डाला। शिल्पा चीख रही थी।

कुछ देर बाद शिल्पा झड़ गई। उसने मेरे शरीर को कस लिया। मैंने भी वीर्य छोड़ा। शिल्पा की चूत में मेरा वीर्य भर गया।

हम दोनों फिर थककर लेट गए। शिल्पा ने कहा कि वह बहुत खुश है। मैंने कहा कि मैं भी खुश हूँ।