रमजान का पवित्र महीना समाप्त हो चुका था। पूरी मुस्लिम दुनिया ईद की खुशी में डूबी हुई थी। जावेद का परिवार भी इस त्योहार को बड़े उत्साह से मना रहा था। जावेद एक 22 साल का जवान लड़का था जो अपनी दो आकर्षक मौसियों अलिया और फिरदौस के साथ रहता था।
अलिया 38 साल की थीं लेकिन उनकी फिगर ऐसी थी मानो वे अभी भी 20 की हों। उनके बड़े-बड़े स्तन, पतली कमर और गोल गंधी हर किसी को मदहोश कर देती थी। फिरदौस 40 साल की थीं, थोड़ी मोटी लेकिन उनकी गांड इतनी रसीली थी कि कोई भी देखकर लंड खड़ा कर ले।
दोनों बहनें विधवा थीं और जावेद के चाचा की मौत के बाद वे उसके साथ ही रहने लगी थीं। रमजान के पूरे महीने में रोजा रखने की वजह से सबकी भूख मिट चुकी थी लेकिन जावेद की एक अलग ही भूख थी जो महीनों से दबी हुई थी।
ईद की नमाज के बाद पूरा परिवार घर लौटा। महिलाएं नई साड़ियां और सलवार कमीज पहने हुए थीं। अलिया ने हरी रंग की सलवार कमीज पहनी थी जो उनके स्तनों को और उभार रही थी।
फिरदौस ने लाल रंग की साड़ी बांधी थी जो उनकी कमर को लपेटे हुए थी। जावेद ने अपनी सफेद कुर्ता पाजामा पहनी थी लेकिन उसके मन में कुछ और ही चल रहा था। रमजान के दौरान वह रातों को अकेले में अपनी मौसियों के बारे में सोचकर हस्तमैथुन करता था।
अलिया मौसी की चूत को चाटने का ख्याल आते ही उसका लंड सख्त हो जाता। फिरदौस मौसी की गांड को चोदने की कल्पना में वह झड़ जाता। आज ईद थी, त्योहार का दिन, और वह सोच रहा था कि शायद आज उसकी यह भूख मिट जाए।
घर में ईद की तैयारियां जोरों पर थीं। अलिया और फिरदौस रसोई में सेवई और खीर बना रही थीं। जावेद ने चुपके से रसोई में जाकर अलिया को पीछे से गले लगाया। ‘ईद मुबारक मौसी’ उसने कहा और अपना लंड उनकी गांड पर रगड़ दिया।
अलिया चौंकी लेकिन मुस्कुराई। ‘अरे जावेद, क्या कर रहे हो? फिरदौस देख लेगी’ उसने धीरे से कहा। लेकिन उसकी आवाज में एक कामुकता थी। फिरदौस ने मुड़कर देखा और हंस पड़ी। ‘अरे बहन, यह तो बस ईदी मांग रहा है। रमजान के बाद तो भूख लगी होगी ना’ फिरदौस ने कहा।
जावेद का दिल धड़कने लगा। क्या ये दोनों मौसियां जानती हैं उसके मन की बात? वह बोला, ‘हां मौसी, रमजान में सब कुछ कंट्रोल किया लेकिन अब ईद है, थोड़ी खुशी तो बनती है।’ अलिया ने उसका हाथ पकड़ लिया और बोली, ‘ठीक है बेटा, लेकिन पहले खाना खा लो।
फिर देखते हैं क्या ईदी देते हैं।’ तीनों ने हंसते हुए खाना खाया। परिवार के बाकी सदस्यों ने ईदी दी लेकिन जावेद की नजरें मौसियों पर टिकी हुई थीं। खाने के बाद सब सोने चले गए। जावेद का कमरा अलिया और फिरदौस के कमरे के पास था।
रात के 11 बजे दरवाजा खटखटाया गया। अलिया अंदर आई। वह नाइट गाउन पहने हुए थी जिसमें उसके निप्पल्स साफ दिख रहे थे। ‘जावेद, सो गए क्या? ईदी लाई हूं तेरे लिए’ उसने कहा।
जावेद बिस्तर से उठा और बोला, ‘क्या ईदी मौसी? पैसे तो सबने दे दिए।’ अलिया ने दरवाजा बंद किया और उसके पास आकर बोली, ‘पैसे नहीं बेटा, कुछ और। रमजान में तू रातों को हमारी बातें करता था ना? हम सुन लेती थीं।’
जावेद शर्मा गया लेकिन उसका लंड खड़ा हो गया। तभी फिरदौस भी आ गई। ‘हां जावेद, हम दोनों तेरी मौसियां हैं लेकिन तेरी भूख भी हम मिटा सकती हैं। ईद की खास ईदी है ये’ फिरदौस ने कहा। दोनों मौसियां उसके बिस्तर पर बैठ गईं। अलिया ने अपना गाउन खोला और उसके सामने अपने बड़े स्तन नंगे कर दिए।
‘चूस ले बेटा, रमजान में भूखे रहे हो’ अलिया बोली। जावेद ने झपटकर अलिया के स्तनों को मुंह में लिया और जोर-जोर से चूसने लगा। ‘आह… हां जावेद, ऐसे ही चूस… मम्मी की तरह चूस’ अलिया सिसकारी लेने लगी।
फिरदौस ने जावेद की पाजामा उतार दी और उसके लंड को हाथ में ले लिया। ‘वाह बेटा, कितना बड़ा लंड है तेरा। रमजान में इसे कंट्रोल किया? अब आज चोदेंगे हम तुझे’ फिरदौस बोली।
वह लंड को मुंह में लेकर चूसने लगी। जावेद की सांसें तेज हो गईं। ‘ओह मौसी… कितना अच्छा लग रहा है… चूसो और जोर से’ वह बोला। अलिया ने उसके सिर को दबाया और बोली, ‘अब मेरी चूत चाट ले बेटा। रमजान में तरस गई हूं मैं।
अलिया ने अपना गाउन पूरी तरह उतार दिया। उसकी चूत साफ शेव्ड थी और गीली हो चुकी थी। जावेद ने सिर नीचे किया और अलिया की चूत पर जीभ फेरने लगा। ‘उम्म… हां… चाटो मौसी की चूत… अंदर जीभ डालो’ अलिया चीखी।
फिरदौस अब भी लंड चूस रही थी। ‘जावेद, मेरी गांड भी चाट ले। तेरी चाची की गांड रसीली है’ फिरदौस बोली। वह बिस्तर पर लेट गई और गांड ऊपर कर दी। जावेद ने अलिया की चूत चाटते हुए हाथ बढ़ाया और फिरदौस की गांड में उंगली डाल दी।
आह… हां बेटा… उंगली चला… चोद मेरी गांड’ फिरदौस बोली। तीनों नंगे हो चुके थे। कमरे में सिसकारियां गूंज रही थीं। अलिया बोली, ‘जावेद, पहले मुझे चोद। तेरी मौसी की चूत में लंड डाल।’ जावेद ने अलिया को लिटाया और अपना लंड उसकी चूत पर रगड़ा। ‘डालो बेटा… चोदो मुझे… ईद की ईदी है ये’ अलिया बोली।
जावेद ने जोर से धक्का मारा और लंड अलिया की चूत में घुस गया। ‘आह… कितना मोटा है… फाड़ दिया’ अलिया चीखी।
जावेद चोदने लगा। जोर-जोर से धक्के मारते हुए। ‘हां मौसी… तेरी चूत कितनी टाइट है… चोदूंगा रोज’ वह बोला। फिरदौस ने अलिया के स्तनों को चूसना शुरू कर दिया। ‘बहन, तेरी चूत चुद रही है… मैं भी चोदवाऊंगी’ फिरदौस बोली।
अलिया सिसक रही थी, ‘हां जावेद… और जोर से… झड़ने वाली हूं मैं।’ जावेद ने स्पीड बढ़ाई और अलिया झड़ गई। उसकी चूत से रस बहने लगा। जावेद ने लंड निकाला और फिरदौस की ओर मुड़ा।
अब तेरी बारी मौसी। गांड में लंड डालूं?’ वह बोला। फिरदौस मुस्कुराई, ‘हां बेटा, गांड चोद। रमजान में सपने में देखा था।’
फिरदौस ने गांड ऊपर की और जावेद ने थूक लगाकर लंड डाला। ‘आह… दर्द हो रहा है लेकिन मजा आ रहा… चोदो’ फिरदौस बोली। जावेद गांड चोदने लगा। अलिया ने फिरदौस की चूत चाटनी शुरू कर दी।
बहन, तेरी चूत गीली है… चाट रही हूं’ अलिया बोली। तीनों एक-दूसरे को चोद रहे थे। जावेद बोला, ‘मौसियों, आज से रोज ऐसा करेंगे। ईद की ईदी हर दिन।’ दोनों मौसियां हंस पड़ीं। ‘हां बेटा, तेरी ईदी हमारी चूत और गांड हैं’ अलिया बोली।
यह तो बस शुरुआत थी। रात भर तीनों ने चुदाई की। जावेद ने अलिया की चूत में फिर से लंड डाला। इस बार डॉगी स्टाइल में। अलिया की गांड हिल रही थी। ‘हां… पीछे से चोदो… गहराई तक’ अलिया बोली।
फिरदौस ने जावेद के अंडकोष चाटे। ‘बेटा, तेरे अंडे भरे हैं… कम झाड़ना आज’ वह बोली। जावेद ने अलिया को चोदा और फिर उसकी गांड में लंड डाल दिया। ‘जावेद… गांड फाड़ दी… लेकिन जारी रखो’ अलिया चीखी। फिरदौस ने अपना लंड चूसना शुरू किया। तीनों पोजीशन बदलते रहे।
सुबह होने को थी लेकिन चुदाई रुकी नहीं। अलिया बोली, ‘जावेद, मेरे मुंह में कम डाल। ईदी का स्वाद चख लूं।’ जावेद ने लंड अलिया के मुंह में डाला और झड़ गया। गर्म कम उसके मुंह में गिरा। अलिया ने निगल लिया।
उम्म… स्वादिष्ट ईदी’ वह बोली। फिरदौस बोली, ‘मुझे चूत में कम डालो। प्रेग्नेंट हो जाऊंगी शायद।’ जावेद ने फिरदौस की चूत में लंड डाला और जोर-जोर से चोदा। ‘हां मौसी… भर दूंगा तेरी चूत’ वह बोला।
आखिरकार वह झड़ गया। फिरदौस की चूत कम से भरी हुई। तीनों थककर लेट गए। ‘ईद मुबारक’ सबने कहा।
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती। अगले दिन ईद का दूसरा दिन था। परिवार बाहर गया था लेकिन तीनों घर पर थे। अलिया ने कहा, ‘जावेद, कल रात की ईदी अच्छी लगी? आज और मजा करेंगे।’ जावेद बोला, ‘हां मौसी, लेकिन और क्या?’
फिरदौस लाई एक बोतल तेल। ‘आज गांड की चुदाई ज्यादा करेंगे। तेल लगाकर।’ तीनों नहाने गए। बाथरूम में अलिया ने जावेद का लंड साबुन से धोया। ‘बेटा, साफ-सुथरा लंड चोदने में मजा आता है’ वह बोली। फिरदौस ने अलिया की चूत धोई। ‘बहन, तेरी चूत अभी भी गीली है कल की चुदाई से।’
बाथरूम में ही चुदाई शुरू हो गई। जावेद ने अलिया को दीवार से सटा दिया और पीछे से चोदा। पानी बह रहा था। ‘आह… गर्म पानी और गर्म लंड… कमाल है’ अलिया बोली। फिरदौस ने नीचे बैठकर चूत चाटी।
बाहर आकर बेड पर लेटे। फिरदौस बोली, ‘जावेद, आज मेरी चूत और गांड दोनों चोद।’ जावेद ने पहले चूत में लंड डाला। फिर निकालकर गांड में। ‘हां बेटा… वैसा ही… चोदो’ फिरदौस सिसकी। अलिया ने स्तन चुसवाए। रात भर चुदाई चली।
ईद के तीसरे दिन भी यही सिलसिला चला। जावेद की भूख कभी न मिटने वाली लग रही थी। अलिया और फिरदौस भी खुश थीं। ‘बेटा, तू हमारा पति बन गया’ अलिया बोली।
जावेद ने कहा, ‘हां मौसी, आप दोनों मेरी बीवियां। रोज चोदूंगा।’ इस तरह ईद की चुदाई की ईदी ने उनके रिश्ते को नया मोड़ दे दिया।