जसकरन की उम्र चौबीस साल थी और वह नोएडा में किराए के फ्लैट में रहता था। सुबह सात बजे उठकर वह नाश्ता करके सीधे BPO कंपनी में चला जाता। कंपनी की बड़ी हॉल में सैकड़ों लोग हेडफोन लगाए अंग्रेज़ी बोलते नज़र आते।
एक दिन जसकरन की नज़र पास वाली सीट पर बैठी लड़की पर पड़ी। उसका नाम नम्रता था। गोरी रंगत, लंबे काले बाल, मासूम चेहरा और आकर्षक शरीर। उसकी आँखें बड़ी-बड़ी थीं, होंठ गुलाबी, छाती बत्तीस इंच की, कमर पतली और कूल्हे गोल-गोल।
शुरू-शुरू में दोनों सिर्फ़ हँसी-मज़ाक करते। कॉल के बीच में एक-दूसरे को पानी पिलाते। फिर नंबर एक्सचेंज हुआ। रात को फोन पर घंटों बातें होने लगीं। जसकरन ने नम्रता को डिनर पर बुलाया। दोनों ने खाना खाया और सिनेमा हॉल में फिल्म देखने चले गए।
अँधेरे में जसकरन ने नम्रता का हाथ थामा। उसने पहले तो हाथ छुड़ाना चाहा, पर जसकरन ने ज़ोर से पकड़ लिया। जसकरन ने धीरे से उसके गाल पर होंठ रख दिए। नम्रता ने आँखें बंद कर लीं। जसकरन ने उसकी जीभ को चूसा। नम्रता की साँस तेज़ हो गई।
फिल्म खत्म होने के बाद जसकरन ने नम्रता को उसके फ्लैट तक छोड़ा। गेट पर खड़े होकर उसने फिर से उसे किस किया। नम्रता ने कहा, “जसकरन, अभी नहीं।”
जसकरन ने मुस्कुराते हुए कहा, “ठीक है, जब मन करे तब।” पर जसकरन के मन में एक ही बात घूम रही थी कि कैसे नम्रता को पूरी तरह अपना बनाया जाए।
अगले हफ्ते फिर सिनेमा हॉल में दोनों गए। जसकरन ने नम्रता की टी-शर्ट के अंदर हाथ डाला। उसकी ब्रा को ऊपर खिसकाकर निप्पल को उँगलियों से दबाया। नम्रता ने फुसफुसाकर कहा, “कोई देख लेगा।”
जसकरन ने उसका मुंह अपने मुंह से ढक दिया और निप्पल को चूसने लगा। नम्रता का शरीर काँपने लगा। जसकरन ने उसकी जांघ पर हाथ फेरा और पैंटी के ऊपर से ही उसकी चूत को सहलाया। नम्रता ने पैर दबा लिए, पर जसकरन ने नहीं रुका।
घर लौटकर नम्रता ने फोन पर जसकरन से कहा, “तुम बहुत आगे बढ़ रहे हो।” जसकरन ने जवाब दिया, “मैं तुम्हें चाहता हूँ, नम्रता।” रात को दोनों ने फोन सेक्स किया। जसकरन ने नम्रता को अपनी चूत में उँगली डालने को कहा।
नम्रता ने पहले मना किया, पर जसकरन के बार-बार कहने पर उसने अपनी पैंटी उतारी और उँगली अंदर डाली। जसकरन ने भी अपना लंड हाथ में लेकर हिलाया। दोनों एक साथ झड़ गए।
अगले दिन जसकरन ने नम्रता के फ्लैट पर जाने का प्लान बनाया। नम्रता के माता-पिता दो दिन के लिए बाहर गए थे। जसकरन ने कंडोम का पैकेट खरीदा और शाम को नम्रता के फ्लैट पर पहुँच गया। नम्रता ने दरवाज़ा खोला। जसकरन ने तुरंत उसे दीवार से लगाकर किस किया।
नम्रता ने जसकरन की टी-शर्ट उतारी और उसके सीने को चूमने लगी। जसकरन ने नम्रता की टी-शर्ट और ब्रा उतार दी। उसके गुलाबी निप्पल्स को चूसा।
नम्रता की साँसें भारी हो गईं। जसकरन ने उसकी लोअर और पैंटी भी उतार दी। नम्रता अब पूरी तरह नंगी थी। जसकरन ने उसे उठाकर बेड पर लिटा दिया।
जसकरन ने नम्रता की जांघें खोलीं और उसकी चूत को चाटने लगा। नम्रता का शरीर अकड़ गया। जसकरन ने जीभ से उसकी चूत के होठों को अलग किया और अंदर तक चाटा। नम्रता की चूत से पानी निकलने लगा। जसकरन ने अपनी उँगली अंदर डाली और ऊपर-नीचे करने लगा। नम्रता चीखने लगी, “जसकरन… और…” जसकरन ने दूसरी उँगली भी डाल दी। नम्रता का शरीर पसीने से तर हो गया।
जसकरन ने अपना लंड निकाला। वह सात इंच का मोटा लंड था। उसने कंडोम पहना और नम्रता की चूत के पास ले आया। नम्रता ने डरते हुए कहा, “दर्द होगा।” जसकरन ने कहा, “थोड़ा ही।” उसने लंड का सिरा चूत के छेद पर रखा और धीरे-धीरे दबाया।
नम्रता चीख पड़ी। जसकरन ने और ज़ोर लगाया। नम्रता की चूत का हymen टूट गया और खून निकल आया।
जसकरन ने पूरा लंड अंदर घुसा दिया। नम्रता की आँखों से आँसू निकल आए। जसकरन ने धीरे-धीरे अंदर-बाहर करना शुरू किया। नम्रता का दर्द धीरे-धीरे कम होने लगा और मज़ा आने लगा।
जसकरन ने नम्रता को उल्टा कर दिया। अब डॉगी स्टाइल में सेक्स शुरू हुआ। जसकरन ने नम्रता के बाल पकड़कर जोर-जोर से चोदा।
नम्रता की चूत से “चप-चप” की आवाज़ आने लगी। जसकरन ने नम्रता के गोल कूल्हों को थपथपाया। नम्रता चीख रही थी, “और जोर से…” जसकरन ने और तेज़ी से चोदा। दोनों एक साथ झड़ गए। जसकरन का कंडोम भर गया।
दोनों नंगे ही बाथरूम में गए। जसकरन ने नम्रता को दीवार से लगाकर खड़ा किया और फिर से लंड अंदर डाल दिया। पानी की बौछार के नीचे दोनों सेक्स कर रहे थे। जसकरन ने नम्रता के स्तनों को मसलते हुए चोदा। नम्रता का शरीर काँप रहा था।
जसकरन ने नम्रता को घुटनों के बल बिठाया और अपना लंड उसके मुंह में डाल दिया। नम्रता ने जसकरन के लंड को चूसना शुरू किया। जसकरन ने नम्रता के बाल पकड़कर मुंह में चोदना शुरू किया। नम्रता का मुँह लार से भर गया।
बेड पर लौटकर जसकरन ने नम्रता को अपनी छाती पर लिटाया। नम्रता ने जसकरन के लंड पर बैठकर ऊपर-नीचे होना शुरू किया। जसकरन ने नम्रता की कमर पकड़कर ऊपर-नीचे करने में मदद की।
नम्रता की चूत जसकरन के लंड को पूरी तरह निगल रही थी। जसकरन ने नम्रता के निप्पल्स को चूसा। नम्रता का सिर पीछे की तरफ झुक गया। दोनों फिर झड़ गए।
जसकरन ने नम्रता को 69 पोजीशन में लिटाया। नम्रता ने जसकरन के लंड को चूसा और जसकरन ने नम्रता की चूत को चाटा। दोनों एक साथ चरम सुख तक पहुँच गए। जसकरन का मुँह नम्रता के पानी से गीला हो गया। नम्रता ने जसकरन का वीर्य निगल लिया।
दोनों थककर बिस्तर पर गिर पड़े। जसकरन ने नम्रता को अपनी बाहों में लिया। नम्रता ने जसकरन के सीने पर सिर रखा।
दोनों की साँसें अभी भी तेज़ चल रही थीं। जसकरन ने नम्रता के बालों को सहलाया। नम्रता ने जसकरन के लंड को हाथ में लेकर धीरे-धीरे हिलाना शुरू किया। जसकरन का लंड फिर खड़ा हो गया।
जसकरन ने नम्रता को दीवार से लगाकर खड़ा किया और पीछे से लंड अंदर डाल दिया। नम्रता की चूत अभी भी गीली थी। जसकरन ने जोर-जोर से चोदा। नम्रता की चीखें पूरे फ्लैट में गूँज रही थीं। जसकरन ने नम्रता के स्तनों को आगे से पकड़कर मसला। नम्रता का शरीर पसीने से तर हो गया।
जसकरन ने नम्रता को बेड पर लिटाया और उसके पैर कंधों पर रखकर चोदा। इस पोजीशन में लंड और गहराई तक जाता था।
नम्रता की चूत जसकरन के लंड को कसकर पकड़ रही थी। जसकरन ने तेज़ी से चोदा। नम्रता का शरीर अकड़ गया और वह फिर झड़ गई। जसकरन ने भी अंदर झड़कर कंडोम भर दिया।
दोनों फिर नहाने गए। जसकरन ने नम्रता के शरीर पर साबुन लगाया। नम्रता ने जसकरन के लंड को हाथ में लेकर साफ़ किया।
जसकरन ने नम्रता की चूत को उँगलियों से साफ़ किया। दोनों फिर से उत्तेजित हो गए। जसकरन ने नम्रता को बाथरूम के फर्श पर लिटाकर फिर से चोदा। नम्रता की चीखें पानी की आवाज़ के साथ मिल रही थीं।
दोनों ने कपड़े पहने और ऑफिस के लिए निकल पड़े। जसकरन ने नम्रता का हाथ थाम लिया। नम्रता ने जसकरन की तरफ देखकर मुस्कुराई। दोनों की आँखों में एक नई चमक थी। जसकरन ने नम्रता को गाल पर किस किया………..