रमेश की उम्र 22 साल थी। वह एक साल पहले शादी करके आया था। उसकी पत्नी का नाम पूजा था। पूजा और पूरे परिवार के लोग एक दूर के रिश्तेदार की शादी में गए थे। शादी तीन दिन की थी। इसलिए पूजा और सास-ससुर तीन दिन बाद लौटने वाले थे।
घर में सिर्फ रमेश और उसकी छोटी साली तनिशा रह गई थी। तनिशा 20 साल की थी। वह कॉलेज में पढ़ती थी। तनिशा बहुत सुंदर थी। उसकी कद-काठी पतली थी। उसके स्तन 32 इंच के थे। उसकी कमर पतली थी और गांड गोल थी।
दोपहर के 1 बजे का समय था। रमेश को भूख लग रही थी। उसने तनिशा को आवाज दी। तनिशा अपने कमरे से बाहर आई। वह हल्का नीला सूट पहने हुए थी।
“तनिशा, मुझे खाना लगाओ,” रमेश ने कहा।
“ठीक है जीजू, मैं अभी नहा कर आती हूं, फिर खाना बनाती हूं,” तनिशा ने जवाब दिया।
तनिशा अपने कमरे में चली गई। रमेश का मन हुआ कि वह तनिशा को नहाते देखे। वह चुपके से तनिशा के बाथरूम के पास गया। बाथरूम के दरवाजे में एक छोटा सा छेद था। रमेश ने उस छेद से अंदर झांका।
तनिशा अंदर नहाने की तैयारी कर रही थी। उसने अपने बालों को ऊपर बांध लिया। फिर उसने अपनी साड़ी का पल्लू उतारा। साड़ी को खोलकर उसने उसे अलग रख दिया। अब वह ब्लाउज और पेटीकोट में थी।
तनिशा ने ब्लाउज के हुक खोले। ब्लाउज उतारकर उसने उसे कुर्सी पर रख दिया। उसके स्तन ब्रा में बंद थे। ब्रा का हुक खोलकर उसने ब्रा उतार दी। उसके 32 इंच के स्तन बाहर निकल आए। स्तन कड़े थे। निप्पल गुलाबी रंग के थे।
तनिशा ने दोनों हाथों से अपने स्तनों को पकड़ा। उसने उन्हें सहलाया। फिर उसने अपने निप्पलों को उंगलियों से दबाया।
उसके बाद तनिशा ने पेटीकोट का नाड़ा खोला। पेटीकोट नीचे गिर गया। अब तनिशा सिर्फ पैंटी में थी। पैंटी काली रंग की थी। तनिशा ने पैंटी का इलास्टिक पकड़ा और उसे नीचे उतार दिया।
अब तनिशा पूरी तरह नंगी थी। रमेश ने देखा कि तनिशा की जांघें बहुत चिकनी थीं। उसकी गांड गोल और भरी हुई थी। उसकी चूत के ऊपर एक भी बाल नहीं था। चूत के होठ गुलाबी रंग के थे।
रमेश का लंड खड़ा हो गया। वह अपनी पैंट के ऊपर से लंड को सहलाने लगा।
तनिशा ने नल खोला। पानी उसके शरीर पर गिरने लगा। तनिशा ने साबुन लिया और उसे अपने स्तनों पर लगाया। साबुन के झाग उसके स्तनों पर फैल गए। तनिशा ने साबुन अपनी चूत के पास लगाया। फिर उसने साबुन अपनी गांड के छेद पर भी लगाया।
पानी से धोकर तनिशा साफ हो गई। उसने तौलिए से शरीर पोता। फिर उसने कपड़े पहने।
रमेश चुपके से अपने कमरे में लौट आया। तनिशा नहाकर बाहर आई। उसने रमेश को खाना बुलाया।
“जीजू, खाना तैयार है,” तनिशा ने कहा।
रमेश ने तनिशा की पैंटी उठा ली। उसने पैंटी को अपनी अंडरपैंट के अंदर छुपा लिया।
दोनों डाइनिंग टेबल पर बैठे। तनिशा ने एक थाली में खाना परोसा। दोनों एक ही थाली से खाने लगे।
“तनिशा, तेरा कोई बॉयफ्रेंड है?” रमेश ने पूछा।
“नहीं जीजू, मैंने अभी तक किसी से दोस्ती नहीं की,” तनिशा ने जवाब दिया।
खाने के बाद दोनों लिविंग रूम में टीवी देखने लगे। रमेश ने तनिशा के पास बैठकर कहा, “तनिशा, मुझे तेरी पत्नी से ज्यादा तू पसंद है।”
तनिशा शरमा गई। उसने कुछ जवाब नहीं दिया।
रमेश ने तनिशा का हाथ पकड़ा। वह उसे अपने कमरे में ले गया। रमेश ने तनिशा को बिस्तर पर लिटाया। उसने तनिशा की आंखों पर काली पट्टी बांध दी।
“यह क्या कर रहे हो जीजू?” तनिशा ने पूछा।
“एक खेल खेलते हैं,” रमेश ने जवाब दिया।
रमेश ने अपनी पैंट उतारी। उसने अपना लंड तनिशा के हाथ में पकड़ा दिया। तनिशा ने सोचा कि यह केला है। उसने काटने की कोशिश की।
“अरे, यह क्या है?” तनिशा ने पूछा।
“यह मेरा लंड है,” रमेश ने कहा।
तनिशा हंस पड़ी। “जीजू, यह बहुत गंदा खेल है।”
“खेल जारी रख,” रमेश ने कहा।
तनिशा ने भी रमेश की आंखों पर पट्टी बांध दी। उसने रमेश का हाथ अपनी नाभि पर रखा। फिर उसने रमेश का हाथ अपने स्तनों तक ले गई।
रमेश ने तनिशा के स्तनों को जोर से दबाया। तनिशा की सांस तेज हो गई।
“तनिशा, मैं तुझे चूमना चाहता हूं,” रमेश ने कहा।
“ठीक है,” तनिशा ने जवाब दिया।
दोनों ने जोरदार किस किया। उनकी जीभें एक-दूसरे के मुंह में गईं।
रमेश ने तनिशा का सूट उतारा। तनिशा ने अपनी ब्रा उतार दी। रमेश ने तनिशा की पैंटी उतार दी। अब दोनों पूरी तरह नंगे थे।
रमेश ने तनिशा की चूत में उंगली डाली। तनिशा की चूत बहुत तंग थी। रमेश ने अपनी जीभ से तनिशा की चूत चाटी। तनिशा के शरीर में सिहरन दौड़ गई।
रमेश ने तनिशा के स्तनों को चूसा। उसने तनिशा के निप्पलों को दांतों से काटा। तनिशा चीख पड़ी।
रमेश ने तनिशा की नाभि में जीभ डाली। फिर उसने तनिशा की गांड चाटी। तनिशा की गांड का छेद बहुत छोटा था।
“जीजू, मुझे अपना लंड दो,” तनिशा ने कहा।
रमेश ने अपने लंड पर थूक लगाया। उसने तनिशा की चूत के पास लंड रखा। फिर उसने जोर से धक्का लगाया।
तनिशा का हymen टूट गया। उसकी चूत से खून निकलने लगा। तनिशा चीख पड़ी।
“आह… दर्द हो रहा है,” तनिशा ने कहा।
रमेश रुका। उसने तनिशा के स्तन चूसना शुरू किया। तनिशा का दर्द कम होने लगा।
रमेश ने फिर धक्के लगाने शुरू कर दिए। उसका लंड तनिशा की चूत में अंदर-बाहर हो रहा था।
“जीजू, और जोर से… मेरी चूत फाड़ दो,” तनिशा ने कहा।
रमेश ने तनिशा को उल्टा कर दिया। उसने तनिशा की गांड में लंड डाला। तनिशा फिर चीख पड़ी।
“आह… गांड में मत डालो,” तनिशा ने कहा।
रमेश ने लंड निकाला। उसने फिर तनिशा की चूत में लंड डाला। तनिशा दो बार झड़ चुकी थी।
रमेश को लगा कि वह झड़ने वाला है। तनिशा ने कहा, “मेरे मुंह में डालो।”
रमेश ने लंड निकाला। उसने तनिशा के मुंह में लंड डाला। तनिशा ने सारा वीर्य पी लिया।
दोनों ने एक-दूसरे को साफ किया।
“जीजू, तुमने मुझे शादी से पहले सुहागरात दे दी,” तनिशा ने कहा।
“हम आगे भी मिलेंगे,” रमेश ने कहा।
“हां, लेकिन किसी को पता नहीं चलना चाहिए,” तनिशा ने कहा।
“अगली बार मैं तेरी गांड और मुंह दोनों में डालूंगा,” रमेश ने कहा।
“ठीक है,” तनिशा ने जवाब दिया।
रमेश ने पाठकों से कहा, “अगर आपकी भी कोई साली है तो आप भी उसे चोद सकते हैं।”