राज 28 साल का मर्द था। तीन महीने विदेश में रहकर जब वह घर लौटा तो उसके शरीर में जोश उबल रहा था। कोई गर्लफ्रेंड नहीं थी, इसलिए वह हर रात हॉर्नी रहता। माँ सरोज 55 साल की थीं और उन्हें घर की साफ-सफाई के लिए एक नई नौकरानी की जरूरत थी। राज ने दोस्तों से पूछा कि कोई जवान, आकर्षक भाभी टाइप की औरत चाहिए।
दोस्त राजत ने सविता का नाम सुझाया। सविता 32 साल की थी, गोरी चमड़ी, 36-28-38 की कसी हुई आकृति, शराबी और कर्जदार पति के साथ रहती थी। उसे पैसे की सख्त जरूरत थी। राज ने उसे बुलाया।
पहले दिन सविता जब घर आई तो राज की निगाहें उसकी कसी हुई साड़ी पर अटक गईं। ब्लाउज के अंदर उसके बड़े स्तन साफ दिख रहे थे। सविता ने भी राज की मांसल काया पर नजर डाली। रोज की बातचीत में राज को पता चला कि सविता का पति उसे बिल्कुल नहीं छूता। राज ने कहा कि वह उसके पति को नौकरी दिलवा सकता है।
धीरे-धीरे राज सविता को छूने लगा। कंधे पर हाथ रखना, कमर पकड़ना। सविता मुस्कुराती लेकिन कुछ नहीं कहती। एक दिन राज नंगा लेटा था, उसका 7 इंच का खड़ा लंड साफ दिख रहा था। सविता ने देखा, मुस्कुराई और चली गई।
माँ शादी में गईं तो राज घर पर अकेला था। सविता जब उसके कमरे में घुसी तो राज ने पीछे से उसे जकड़ लिया। उसकी गर्दन पर होंठ रखे, स्तनों को जोर से दबाया। सविता ने पहले विरोध किया लेकिन फिर पिघल गई।
राज ने उसकी साड़ी और ब्लाउज उतारे। उसके भूरे निप्पल चूसने लगा। पंद्रह मिनट तक चूसता रहा। सविता कराह रही थी। राज ने कहा, “तेरी चूत का रस पीऊँ?” सविता ने सिर हिलाया। राज ने उसकी हल्की-हल्की बालों वाली, कसी हुई, गीली चूत चाटी। दस मिनट तक जीभ और उंगलियों से उसे चोदा। सविता का रस पीता रहा।
फिर सविता ने राज का लंड मुँह में लिया। दस मिनट तक चूसा। राज का लंड चमक रहा था। सविता ने कहा, “अब मुझे चोदो।” राज ने उसे कुत्ते की तरह झुकाया। पहले दर्द हुआ फिर सविता चीखने लगी, “और जोर से!” पच्चीस मिनट तक राज ने उसकी चूत को पीटते हुए चोदा। दोनों एक साथ झड़ गए।
थोड़ी देर बाद राज ने सविता को मिशनरी पोजीशन में लिया। पंद्रह मिनट तक जोर-जोर से धक्के मारे। सविता के स्तन उछल रहे थे। राज ने फिर लंड निकाला, तेल लगाया और सविता की गांड में घुसा दिया। शुरू में सविता चीखी लेकिन बीस मिनट बाद वह खुद कहने लगी, “गांड और फाड़ो!”
उस दिन राज ने सविता को पाँच बार चोदा—चूत, गांड और मुँह तीनों जगह। उसके बाद से सविता हफ्ते में चार सुबह राज के लंड पर सवार होती। कभी-कभी सिर्फ मुँह से चूसती। कभी दोस्त के घर जाकर दो-तीन घंटे तक चुदवाती।
सविता अब राज की हो चुकी थी। वह कहती, “मेरा शरीर अब सिर्फ तुम्हारा है।” राज भी हर हफ्ते नई-नई पोजीशन आजमाता। सविता की चूत और गांड दोनों राज के लंड की आदि हो चुकी थीं।
एक दिन राज ने सविता को दीवार से टिकाकर खड़ा किया। उसकी एक टाँग उठाई और पीछे से चूत में लंड घुसा दिया। सविता चीख पड़ी, “आह्ह… और गहरा!” राज ने उसके बाल खींचे और जोर-जोर से धक्के मारे। सविता का दूधिया शरीर पसीने से तर हो गया। राज ने उसके स्तनों को मसलते हुए चोदा।
फिर राज ने सविता को घुटनों के बल बिठाया। सविता ने खुद राज का लंड मुँह में लिया। गले तक ले गई। राज ने उसके सिर को पकड़कर मुँह चोदा। सविता की आँखों से आँसू निकल आए लेकिन वह रुकी नहीं। राज का गरम पानी उसके गले में उतरा।
राज ने सविता को बिस्तर पर लिटाया। उसकी टाँगें कंधों पर रखीं और चूत में जोर-जोर से लंड मारा। सविता चीख-चीखकर चुद रही थी। राज ने उसकी चूत के अंदर झड़कर उसे भर दिया। सविता की चूत से सफेद रस बह रहा था।
दूसरे दिन राज ने सविता को नहाते हुए पकड़ा। बाथरूम में ही उसने सविता की गांड मारी। सविता दीवार से सटी खड़ी थी। राज ने उसके स्तनों को पीछे से दबाते हुए गांड चोदी। सविता का शरीर काँप रहा था। राज ने फिर चूत में डाला और दोनों एक साथ झड़ गए। पानी के नीचे उनकी चुदाई और भी गंदी लग रही थी।
राज ने सविता को एक हफ्ते तक रोज नई जगह पर चोदा। किचन में, बालकनी में, माँ के कमरे में। हर जगह सविता की चीखें गूँजतीं। सविता अब राज के बिना रह नहीं पाती थी। वह खुद आकर राज के लंड को छूती और चोदने का इशारा करती।
एक शाम राज ने सविता को दोस्त के घर बुलाया। वहाँ राज और उसके दोस्त ने मिलकर सविता को चोदा। सविता पहले शर्माई लेकिन फिर दोनों के लंड चूसने लगी। राज ने चूत मारी, दोस्त ने गांड। सविता बीच में लटकती रही। दोनों ने उसे घंटों चोदा। सविता थककर बेहोश हो गई।
राज अब सविता को अपनी रखैल बना चुका था। सविता हर सुबह राज के कमरे में आती, कपड़े उतारती और लंड पर बैठ जाती। राज उसके स्तन चूसता, गांड सहलाता और चोदता। सविता चीख-चीखकर चुदती।
राज ने सविता को नंगी तस्वीरें भी खींचीं। सविता मुस्कुराकर पोज देती। राज उन तस्वीरों को देखकर हस्तमैथुन करता। सविता को पता था लेकिन वह परेशान नहीं होती थी।
एक दिन राज ने सविता को बाँधकर बिस्तर पर लिटाया। हाथ-पैर बाँधे। सविता की आँखों में डर था लेकिन चूत गीली थी। राज ने पहले चूत चाटी फिर गांड चाटी। सविता चीख रही थी। राज ने लंड डाला और घंटे भर चोदा। सविता कई बार झड़ चुकी थी।
राज ने सविता को सिखाया कि कैसे लंड चूसना है। सविता अब राज के अंडों को चाटती, लंड को गले तक ले जाती। राज का पानी पीने लगी। सविता को अब राज का स्वाद पसंद आ गया था।
राज ने सविता को बाहर घुमाने लगा। होटल में कमरा लेकर चोदता। सविता नंगी घूमती, राज फोटो खींचता। फिर दोनों घंटों तक चोदते। सविता की चीखें कमरे में गूँजतीं।
सविता अब राज की गुलाम बन चुकी थी। वह राज के हर आदेश मानती। राज कहता, “चूत दिखा” तो सविता तुरंत कपड़े उतार देती। राज कहता, “गांड मारूँ” तो सविता खुद मुड़ जाती।
राज ने सविता को औरतों के कपड़े भी पहनाए। सविता ने राज के सामने नंगी डांस किया। राज ने उसे पकड़कर चोदा। सविता की चूत से रस टपक रहा था।
एक रात राज ने सविता को छत पर ले जाकर चोदा। चाँदनी में सविता की नंगी देह चमक रही थी। राज ने उसे कुत्ते की तरह झुकाकर चोदा। सविता चीख रही थी। राज ने गांड में झड़कर उसे भर दिया।
सविता अब राज के बिना नहीं रह सकती थी। वह हर दिन राज के पास आती। राज उसे चोदता। सविता खुश रहती। राज भी संतुष्ट था।
राज की माँ को कुछ पता नहीं चला। सविता दिन में काम करती, रात में राज से चुदती। दोनों की चुदाई का सिलसिला जारी रहा।
सविता की जिंदगी बदल गई थी। पहले वह उपेक्षित औरत थी, अब राज की पसंदीदा रखैल बन गई थी। राज उसे हर हफ्ते नई-नई चीजें सिखाता। सविता सीखती और राज को खुश करती।
राज अब सविता के साथ और भी गंदी चुदाई करता। सविता की चूत और गांड दोनों राज के लंड की गुलाम बन चुकी थीं। सविता हर रात राज के नाम पर हस्तमैथुन करती।
एक दिन राज ने सविता को दोस्तों के साथ मिलाकर चोदा। तीन लंड एक साथ। सविता चीख-चीखकर चुद रही थी। राज ने सबसे पहले चूत मारी, फिर गांड। सविता का शरीर काँप रहा था। तीनों ने उसे घंटों चोदा।
सविता अब राज की प्रॉपर्टी थी। राज उसे जहाँ चाहे चोदता। सविता खुशी-खुशी मान जाती। दोनों की चुदाई का मजा बढ़ता गया।
राज ने सविता को प्रेग्नेंट करने का प्लान बनाया। सविता राजे हुए बच्चे को जन्म देना चाहती थी। राज ने सविता की चूत में बिना कंडोम के झड़ना शुरू कर दिया। सविता की चूत राज के बीज से भरी रहती।
सविता अब राज की पूरी तरह से हो चुकी थी। वह राज के हर आदेश पर चलती। राज कहता, “चूत खोल” तो सविता तुरंत टाँगें फैला देती। राज कहता, “गांड चाट” तो सविता राज की गांड चाटती।
राज ने सविता को और भी गंदी चीजें सिखाईं। सविता अब राज के पेशाब भी पीने लगी। राज कहता, “मुँह खोल” तो सविता मुँह खोलती और राज पेशाब करता। सविता सब कुछ पी जाती।
सविता की जिंदगी अब सिर्फ राज के लंड के इर्द-गिर्द घूमती थी। वह सुबह उठकर राज के लंड को चूमती, फिर काम शुरू करती। शाम को राज के कमरे में आकर चुदती।
राज अब सविता को अपनी बीवी की तरह रखता। सविता राज के कपड़े बदलती, नहाती, और चोदती। राज खुश था। सविता भी।
दोनों की चुदाई का सिलसिला जारी रहा। सविता की चूत और गांड राज के लंड की गुलाम बनी रहीं। राज हर दिन नई-नई पोजीशन आजमाता। सविता हर पोजीशन में चीख-चीखकर चुदती।
राज ने सविता को औरतों के कपड़े भी पहनाए। सविता ने राज के सामने नंगी डांस किया। राज ने उसे पकड़कर चोदा। सविता की चूत से रस टपक रहा था।
एक रात राज ने सविता को छत पर ले जाकर चोदा। चाँदनी में सविता की नंगी देह चमक रही थी। राज ने उसे कुत्ते की तरह झुकाकर चोदा। सविता चीख रही थी। राज ने गांड में झड़कर उसे भर दिया।
सविता अब राज के बिना नहीं रह सकती थी। वह हर दिन राज के पास आती। राज उसे चोदता। सविता खुश रहती। राज भी संतुष्ट था।
राज की माँ को कुछ पता नहीं चला। सविता दिन में काम करती, रात में राज से चुदती। दोनों की चुदाई का सिलसिला जारी रहा।
सविता की जिंदगी बदल गई थी। पहले वह उपेक्षित औरत थी, अब राज की पसंदीदा रखैल बन गई थी। राज उसे हर हफ्ते नई-नई चीजें सिखाता। सविता सीखती और राज को खुश करती।
राज अब सविता के साथ और भी गंदी चुदाई करता। सविता की चूत और गांड दोनों राज के लंड की गुलाम बन चुकी थीं। सविता हर रात राज के नाम पर हस्तमैथुन करती।
एक दिन राज ने सविता को दोस्तों के साथ मिलाकर चोदा। तीन लंड एक साथ। सविता चीख-चीखकर चुद रही थी। राज ने सबसे पहले चूत मारी, फिर गांड। सविता का शरीर काँप रहा था। तीनों ने उसे घंटों चोदा।
सविता अब राज की प्रॉपर्टी थी। राज उसे जहाँ चाहे चोदता। सविता खुशी-खुशी मान जाती। दोनों की चुदाई का मजा बढ़ता गया।
राज ने सविता को प्रेग्नेंट करने का प्लान बनाया। सविता राजे हुए बच्चे को जन्म देना चाहती थी। राज ने सविता की चूत में बिना कंडोम के झड़ना शुरू कर दिया। सविता की चूत राज के बीज से भरी रहती।
सविता अब राज की पूरी तरह से हो चुकी थी। वह राज के हर आदेश पर चलती। राज कहता, “चूत खोल” तो सविता तुरंत टाँगें फैला देती। राज कहता, “गांड चाट” तो सविता राज की गांड चाटती।
राज ने सविता को और भी गंदी चीजें सिखाईं। सविता अब राज के पेशाब भी पीने लगी। राज कहता, “मुँह खोल” तो सविता मुँह खोलती और राज पेशाब करता। सविता सब कुछ पी जाती।
सविता की जिंदगी अब सिर्फ राज के लंड के इर्द-गिर्द घूमती थी। वह सुबह उठकर राज के लंड को चूमती, फिर काम शुरू करती। शाम को राज के कमरे में आकर चुदती।
राज अब सविता को अपनी बीवी की तरह रखता। सविता राज के कपड़े बदलती, नहाती, और चोदती। राज खुश था। सविता भी।
दोनों की चुदाई का सिलसिला जारी रहा। सविता की चूत और गांड राज के लंड की गुलाम बनी रहीं। राज हर दिन नई-नई पोजीशन आजमाता। सविता हर पोजीशन में चीख-चीखकर चुदती।