मेरा नाम रिया है। मैं एक 22 साल की कॉलेज गर्ल हूं। मेरी जिंदगी में सब कुछ परफेक्ट चल रहा था। पढ़ाई, दोस्ती, और सबसे खास मेरे बॉयफ्रेंड अजय के साथ का रिश्ता। अजय और मैं पिछले दो साल से साथ थे। हमारी मुलाकात कॉलेज के फेस्ट में हुई थी।
वो इंजीनियरिंग का स्टूडेंट था, लंबा, हैंडसम, और हमेशा मुस्कुराता रहता। हमारी केमिस्ट्री इतनी जबरदस्त थी कि जल्दी ही हम दोनों एक-दूसरे के लिए पागल हो गए।
लेकिन हमारा रिश्ता अभी तक सिर्फ किसिंग और हगिंग तक ही सीमित था। मैं थोड़ी शर्मीली हूं, और अजय भी मेरी इज्जत करता था। वो कभी फोर्स नहीं करता था। लेकिन धीरे-धीरे हम दोनों के बीच वो आकर्षण बढ़ता गया जो कंट्रोल से बाहर होने लगा।
हर बार जब हम अकेले मिलते, तो किसिंग सेशन लंबा हो जाता। उसके हाथ मेरी कमर पर घूमने लगते, और मैं भी उसकी बॉडी को छूने लगती। लेकिन हम दोनों जानते थे कि अगला स्टेप कुछ बड़ा होगा।
एक दिन अजय ने मुझे मैसेज किया, ‘रिया, कल शाम को फ्री हो? कुछ स्पेशल प्लान है।’ मैंने रिप्लाई किया, ‘हां बेबी, क्या प्लान है?’ वो बोला, ‘सरप्राइज है। बस तैयार हो जाना।’ मेरा दिल धड़कने लगा। क्या पता चल जाए कि वो क्या सोच रहा है।
अगले दिन मैंने अपना बेस्ट ड्रेस पहना – एक टाइट ब्लू टॉप और जींस। बाल खुले छोड़े, लाइट मेकअप किया। शाम को अजय मेरे हॉस्टल के बाहर आया। उसकी कार में बैठते ही उसने मेरी तारीफ की, ‘वाह रिया, आज तो तू कमाल लग रही है।’
हम शहर से बाहर निकल गए। रास्ते में वो मेरे हाथ पकड़कर बातें करता रहा। ‘रिया, मैं तुझे बहुत प्यार करता हूं। तू मेरी जिंदगी है।’ मैं शरमाई, ‘मैं भी तुझे।
लेकिन आज का सरप्राइज क्या है?’ वो मुस्कुराया, ‘पता चलेगा।’ आखिरकार हम एक लग्जरी होटल के सामने रुके। मेरा मुंह खुला रह गया। ‘अजय, ये तो होटल है!’
हां बेबी, आज हमारा स्पेशल नाइट है। मैंने रूम बुक किया है।’ मेरा चेहरा लाल हो गया। दिल की धड़कन तेज हो गई। क्या ये वो पल है जिसका हम इंतजार कर रहे थे? रिसेप्शन पर चेक-इन करते हुए मैं थोड़ी नर्वस थी। अजय ने सब संभाल लिया।
लिफ्ट में जाते हुए उसने मुझे दीवार से सटा लिया और किस करने लगा। उसके होंठ मेरे होंठों पर थे, जीभ अंदर घुस रही थी। मैंने उसकी कमर पकड़ ली। ‘अजय, यहां नहीं।’ वो बोला, ‘बस थोड़ा सा।’
रूम में एंटर होते ही लाइट्स डिम थीं। बेड पर गुलाब की पंखुड़ियां बिखरी हुईं। कैंडल्स जल रही थीं। रोमांटिक म्यूजिक बैकग्राउंड में बज रहा था। अजय ने दरवाजा लॉक किया और मुझे गले लगा लिया। ‘रिया, आज रात हमारी है।
मैं तुझे कभी भूलूंगा नहीं।’ मैंने सिर हिलाया, लेकिन अंदर से घबराहट हो रही थी। ये मेरी पहली बार थी। क्या सब ठीक होगा?
वो मुझे बेड पर बैठाया। उसके हाथ मेरे चेहरे पर फिरे। धीरे-धीरे मेरी गर्दन पर किस करने लगा। मैं सिहर उठी। ‘अजय, मैं थोड़ी डर रही हूं।’ वो बोला, ‘डरो मत बेबी। मैं धीरे-धीरे करूंगा। तुझे प्यार से छुऊंगा।’
उसके शब्दों से मुझे सुकून मिला। वो मेरे टॉप के हुक खोलने लगा। मैंने आंखें बंद कर लीं। टॉप ऊपर सरका दिया। अब मैं ब्रा में थी। उसकी नजरें मेरे बूब्स पर टिक गईं। ‘रिया, तू कितनी सेक्सी है।’
वो मेरी ब्रा के स्ट्रैप्स नीचे सरका रहा था। ब्रा खुल गई। मेरे निप्पल्स हार्ड हो चुके थे। वो झुका और एक बूब को मुंह में ले लिया। चूसने लगा। जीभ से घुमाने लगा। मैं कराह उठी, ‘आह अजय… अच्छा लग रहा है।’
उसका दूसरा हाथ दूसरे बूब को मसल रहा था। फिंगर्स निप्पल को पिंच कर रहे थे। मैंने उसके बाल पकड़ लिए। सांसें तेज हो गईं।
कुछ मिनट बाद वो नीचे आया। मेरी जींस का बटन खोला। जिपर नीचे किया। जींस खींचकर उतार दी। अब मैं सिर्फ पैंटी में थी। उसकी आंखें चमक रही थीं। ‘रिया, तेरी लेग्स कितनी स्मूथ हैं।’
वो मेरी जांघों पर किस करने लगा। ऊपर से नीचे। धीरे-धीरे पैंटी के पास पहुंचा। मैंने पैर सिकोड़ लिए। ‘अजय, शर्मा रही हूं।’ वो बोला, ‘ओपन कर बेबी। मैं तुझे देखना चाहता हूं।’
मैंने पैर फैलाए। पैंटी गीली हो चुकी थी। वो पैंटी को साइड किया और मेरी चूत को देखा। ‘वाह, कितनी प्यारी प्यारी है।’ उसकी उंगली अंदर घुसाई। मैं चिल्लाई, ‘आह!’ वो बोला, ‘वेट है। तू तैयार हो गई।’
उंगली अंदर-बाहर करने लगा। स्पीड बढ़ाई। मैं मोअन करने लगी, ‘अजय… हां… और तेज।’ उसने दो उंगलियां डाल दीं। क्लिट को रगड़ने लगा। मेरा बदन कांप रहा था।
अब मेरी बारी थी। मैंने उसके शर्ट के बटन खोले। चेस्ट पर किस किए। उसके पैंट की बेल्ट खोली। जिपर नीचे। अंदर बॉक्सर में उसका लंड खड़ा हो चुका था।
बड़ा सा, मोटा। मैंने बॉक्सर नीचे किया। लंड बाहर आ गया। टिप पर प्रीकम था। मैंने हाथ में पकड़ा। रगड़ने लगी। अजय सिसकारी ले रहा था, ‘रिया… अच्छा लगा।’
मैं झुकी और लंड चूसने लगी। जीभ से चाटा। ऊपर-नीचे किया। वो मेरे सिर पर हाथ रखकर प्रेशर दे रहा था। ‘हां बेबी, ब्लोजॉब दे रही है।’ मैंने स्पीड बढ़ाई। गले तक लिया। सलाइवा से गीला हो गया। अजय बोला, ‘बस रिया, अब और नहीं सहन होता।’
वो मुझे बेड पर लिटाया। कंडोम निकाला और पहना लिया। मेरे पैर फैलाए। लंड चूत पर रगड़ा। ‘रिया, तैयार है?’ मैंने सिर हिलाया, ‘हां अजय, आ जा।’ वो धीरे से अंदर धकेला। दर्द हुआ।
‘आह!’ मैं चिल्लाई। वो रुका, ‘पेन हो रहा है?’ ‘हां थोड़ा।’ वो बोला, ‘रिलैक्स हो जा।’ फिर से ट्राई किया। आधा अंदर। अब स्लो-स्लो मूवमेंट। दर्द कम हो गया। प्लेजर आने लगा।
अब वो पूरी स्पीड से चोदने लगा। लंड अंदर-बाहर। तेज तेज। मैं चिल्ला रही थी, ‘अजय… हां… चोद मुझे… और जोर से।’ उसके हाथ मेरे बूब्स मसल रहे थे।
कमर पकड़कर धक्के मार रहा। बेड हिल रहा था। स्वेट्स आ रहे थे। ‘रिया, तेरी चूत कितनी टाइट है। मजा आ रहा है।’ मैं बोली, ‘तुम्हारा लंड बड़ा है… भर रहा है।’
पोजीशन चेंज की। मैं ऊपर आ गई। काउगर्ल पोजिशन। लंड पर बैठी। ऊपर-नीचे उछलने लगी। उसके हाथ मेरी गांड पर। थप्पड़ मार रहा। ‘हां रिया, राइड कर।’
मैं तेज हो गई। चूत में घर्षण हो रहा। ऑर्गेज्म आने वाला था। ‘अजय, मैं कम करने वाली हूं।’ वो बोला, ‘मैं भी।’
एक साथ क्लाइमैक्स। मैं चिल्लाई, ‘आह्ह्ह!’ चूत से जूस निकला। अजय ने कंडोम में झड़ दिया। हम दोनों पड़े रहे। सांसें तेज। वो मुझे किस किया, ‘लव यू रिया। ये बेस्ट नाइट थी।’ मैं बोली, ‘मेरी भी।’
लेकिन ये तो बस शुरुआत थी। रात अभी लंबी थी। थोड़ी देर रेस्ट के बाद अजय फिर एक्टिव हो गया। ‘रिया, एक बार और?’ मैं मुस्कुराई, ‘हां बेबी।’ इस बार वो मुझे डॉगी स्टाइल में लिया।
पीछे से गांड पकड़ी। लंड चूत में घुसाया। जोरदार धक्के। मैं तकिए में मुंह दबा रही थी। ‘आह अजय… गांड मारो क्या?’ वो हंसा, ‘अभी चूत ही। लेकिन अगली बार।’
चुदाई जारी रही। मिशनरी, साइड बाय साइड, हर पोजिशन ट्राई की। रात भर हमने एक-दूसरे को संतुष्ट किया। सुबह तक थक गए।
लेकिन खुश थे। ये हमारी पहली बार थी, लेकिन आखिरी नहीं। हमारा रिश्ता और मजबूत हो गया।