मेरा नाम जसकरन है और मैं पंजाब का रहने वाला हूं मेरी उम्र 28 साल है और मैं एक प्लेबॉय हूं मेरा लंड 7 इंच का है और मैं हर तरह की औरतों को चोदने का शौकीन हूं आज मैं आपको एक बहुत ही गर्म और रोमांचक कहानी सुनाने जा रहा हूं जो मेरे साथ हुई
लगभग 10 दिन पहले मेरे ईमेल पर एक मैसेज आया था जिसमें लिखा था “मैं एक अकेली औरत हूं और मुझे सेक्स चाहिए क्या तुम मेरी मदद कर सकते हो?” मैंने तुरंत जवाब दिया और अपना नंबर दे दिया कुछ ही देर में उसने मुझे फोन किया
उसकी आवाज बहुत मीठी थी और वह धीरे-धीरे बोल रही थी जैसे कोई उसे सुन न ले उसने बताया कि उसका नाम कविता है और वह एक सरकारी अफसर की पत्नी है उसका पति मुंबई में पोस्टेड है और वह अपनी सास के साथ रहती है
कविता ने कहा “मेरी सास तीन दिनों के लिए बाहर जा रही है और मैं पूरी तरह से अकेली हूं मुझे पूरा मजा चाहिए क्या तुम आ सकते हो?”
मैंने कहा “हां बिल्कुल आपका पता बताइए और मेरी फीस इतनी है”
उसने कहा “कोई बात नहीं फीस तुम्हें मिल जाएगी बस तुम आ जाओ”
उसने मुझे अपना पता दिया और मैं उसके घर पहुंच गया उसका घर बहुत बड़ा और शानदार था दरवाजा खटखटाया तो अंदर से एक खूबसूरत औरत ने दरवाजा खोला वह काले रंग की साड़ी पहने हुए थी
उसकी साड़ी इतनी टाइट थी कि उसके शरीर का हर अंग साफ दिख रहा था उसकी ऊंचाई लगभग 6 फुट थी और उसका फिगर 34-30-36 का था उसकी गोरी चमड़ी और काले लंबे बाल देखकर मैं मंत्रमुग्ध हो गया
उसने कहा “अंदर आ जाओ पहले पानी पियो फिर बात करते हैं”
मैं अंदर गया तो उसने मुझे बैठने को कहा और पानी लेकर आई फिर उसने चाय बनाई और हम थोड़ी देर बातें करते रहे
फिर उसने कहा “चलो मैं तुम्हें बेडरूम दिखाती हूं”
मैं उसके पीछे-पीछे गया बेडरूम में एक बड़ा सा बिस्तर था और कमरे में हल्की रोशनी थी उसने दरवाजा बंद कर दिया और फिर से बाहर गई
कुछ देर बाद वह वापस आई तो उसने एक सेक्सी ब्लैक साड़ी पहन रखी थी जो उसके शरीर पर चिपक गई थी उसके अंदर का ब्लाउज भी काला था और उसकी गोरी गर्दन और कंधे दिख रहे थे
मैं उठकर उसके पीछे गया और उसे अपनी बाहों में भर लिया उसने कोई विरोध नहीं किया बल्कि अपना सिर पीछे की तरफ मेरे कंधे पर रख दिया
मैंने उसके कंधों को चूमना शुरू किया और फिर उसके कानों को मैंने उसके कान की बाली को अपने दांतों से पकड़ कर खींचा और फुसफुसाया “कविता जी आप तो बहुत गरम हो”
उसने धीरे से कहा “हां मैं तुम्हारे लिए पागल हो रही हूं बहुत दिनों से कोई मुझे छूता नहीं है मेरा पति तो साल में दो बार ही आता है और जब आता है तो बस अपना काम करके चला जाता है”
मैंने उसके स्तनों को अपने हाथों से दबाना शुरू किया उसके स्तन बहुत बड़े और मुलायम थे मैंने उन्हें जोर-जोर से दबाया तो उसने कराहते हुए कहा “हां और दबाओ मेरे दूध को बहुत मजा आ रहा है”
फिर मैंने उसे घुमाकर अपने सामने किया और उसके होंठों को चूम लिया यह कोई साधारण चुंबन नहीं था बल्कि एक गहरा लिप-लॉक था हमारी जीभें आपस में लड़ने लगीं और उसने मेरे बालों में अपनी उंगलियां फंसा दीं
हम सोफे पर गिर गए मैंने उसकी साड़ी खोलनी शुरू की वह खुद ही मेरी मदद कर रही थी उसने अपनी साड़ी के पल्लू को हटा दिया और फिर ब्लाउज के बटन खोलने लगी मैंने उसके हाथों को रोका और कहा “रुको कविता जी यह काम मुझे करने दो”
मैंने धीरे-धीरे उसके ब्लाउज के सारे बटन खोले और उसे उतार दिया वह सिर्फ ब्रा और पैंटी में रह गई थी उसकी ब्रा भी काली थी और उससे उसके स्तन बाहर निकलने को बेताब लग रहे थे
मैंने उसकी ब्रा का हुक खोला और वह भी नीचे गिर गई उसके स्तन सामने आ गए वह गोल और कसे हुए थे और उनके निप्पल गुलाबी रंग के थे और सख्त खड़े थे मैंने एक स्तन को अपने मुंह में ले लिया और चूसने लगा
कविता ने कराहते हुए कहा “हां बहुत अच्छा लग रहा है ऐसे ही चूसते रहो मेरे बच्चे”
मैंने उसके एक स्तन को चूसा और दूसरे को अपने हाथ से दबाया फिर मैं उसके पेट पर नीचे की तरफ बढ़ा मैंने उसकी नाभि को चूमा और फिर पैंटी के ऊपर से उसकी चूत को सहलाया
उसकी चूत पहले से गीली हो चुकी थी मैंने उसकी पैंटी को नीचे खींचा और उसकी चूत को देखा वह बिल्कुल गोरी और चिकनी थी और उसके बाल बहुत कम थे उसकी चूत के होंठ लाल और सूजे हुए थे और उसमें से रस टपक रहा था
मैंने अपना मुंह उसकी चूत पर रख दिया और पहले तो बाहरी सिलवटों को चाटा फिर मैंने अपनी जीभ को उसकी चूत के अंदर डाला और गोल-गोल घुमाने लगा
कविता ने अपने हाथों से मेरा सिर पकड़ लिया और जोर से दबाया “हां वहीं जीभ अंदर डालो और चूसो मेरी चूत को बहुत मजा आ रहा है”
मैंने करीब 10 मिनट तक उसकी चूत को चाटा और चूसा जब तक कि वह पागल नहीं हो गई उसकी पहली ऑर्गेज्म आई और उसकी चूत से रस फव्वारे की तरह बहने लगा उसने चिल्लाते हुए कहा “हाय मैं तो पिघल गई मेरी चूत फट गई”
जब वह थोड़ी शांत हुई तो मैंने कहा “अब तुम्हें मेरा लंड चूसना होगा”
उसने तुरंत मेरी पैंट खोली और मेरा 7 इंच का लंड बाहर निकाला उसे देखते ही उसकी आंखें चमक उठीं उसने कहा “वाह कितना बड़ा और सुंदर लंड है लाल सिर वाला मेरे पति का तो छोटा और काला है”
फिर उसने अपना मुंह खोला और मेरे लंड को अपने मुंह में ले लिया वह उसे गहरा निगलने की कोशिश कर रही थी लेकिन उसका गला छोटा था इसलिए वह पूरा नहीं ले पाई
उसने कहा “माफ करना मैं पूरा नहीं ले पा रही लेकिन एक दिन जरूर लूंगी तुम्हारा पूरा लंड अपने गले में उतारूंगी”
उसने मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर घुमाना शुरू किया और अपनी जीभ से उसके सिर को सहलाया मैंने उसके बालों को पकड़ लिया और उसके मुंह में धक्के लगाने लगा वह घुट रही थी लेकिन फिर भी चूसती रही
करीब 15 मिनट तक उसने मेरा मुंह चूसा फिर उसने मुंह से निकालकर कहा “अब बहुत हो गया मुझे तुम्हारा लंड अपनी चूत में चाहिए कृपया मुझे चोदो”
मैंने उसे बिस्तर पर लिटा दिया और उसके पैरों को अपने कंधों पर रख लिया उसकी चूत पूरी तरह से खुली हुई थी और उसमें से रस निकल रहा था मैंने अपने लंड का सिर उसकी चूत के छेद पर रखा और धीरे-धीरे अंदर सरकाने लगा
जैसे ही मेरा लंड अंदर गया कविता ने दर्द से चीख मारी “आह बहुत दर्द हो रहा है रुक जाओ”
उसकी आंखों में आंसू आ गए थे मैंने रुककर पूछा “क्या हुआ?”
उसने कहा “तुम्हारा लंड बहुत बड़ा है मेरी चूत छोटी है मुझे दर्द हो रहा है”
मैंने कहा “थोड़ी देर रुको फिर ठीक हो जाएगा”
मैंने धीरे-धीरे अपना लंड अंदर और धकेला जब तक कि वह पूरी तरह से अंदर नहीं चला गया कविता ने अपने दांत पीस लिए और आंखें बंद कर लीं
फिर मैंने धीमी गति से चोदना शुरू किया पहले पांच मिनट तक धीमी गति से फिर धीरे-धीरे गति बढ़ाई
कविता ने कहा “हां अब अच्छा लग रहा है और तेज चोदो और गहरा”
मैंने जोर-जोर से धक्के लगाने शुरू कर दिए उसकी चूत के अंदर की दीवारें मेरे लंड को दबा रही थीं और हर धक्के के साथ वह चिल्लाती थी
वह बोली “हां और चोदो मुझे मैं तुम्हारी रंडी हूं मुझे अपनी रखैल बनाओ मेरी चूत को अपनी चीज समझो तुम जितना चाहो उतना चोदो”
उसकी दूसरी ऑर्गेज्म आई और उसकी चूत ने मेरे लंड को इतनी जोर से दबाया कि मुझे लगा कि मेरा लंड कट जाएगा मैंने रुककर कहा “क्या मैं अंदर छोड़ सकता हूं?”
उसने कहा “हां अंदर ही छोड़ो मुझे तुम्हारा माल चाहिए”
मैंने और तेजी से चोदा और फिर अपना गर्म माल उसकी चूत में छोड़ दिया वह भी उसी समय ऑर्गेज्म में आ गई और हम दोनों की आवाजें कमरे में गूंज गईं
थोड़ी देर बाद हम शॉवर में गए वहां पर उसने मेरे लंड को अच्छी तरह से साफ किया और फिर से चूसना शुरू कर दिया मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया
लेकिन मैंने कहा “रुको अब थोड़ा आराम करते हैं फिर रात को पूरा खेल होगा”
उसने मुझे पैसे दिए और कहा “यह तुम्हारी फीस है और अगर तुम चाहो तो मैं और भी दूंगी बस तुम मुझे अच्छी तरह से चोदो”
मैंने पैसे ले लिए और हम दोनों बिस्तर पर लेट गए थोड़ी देर बातें कीं और फिर सो गए
लेकिन रात को 2 बजे उसने मुझे जगाया उसने कहा “चलो फिर से चोदो मुझे नींद नहीं आ रही मुझे तुम्हारा लंड चाहिए”
मैंने उसे पलट दिया और पीछे से उसकी चूत में अपना लंड डाल दिया इस बार मैंने बिना किसी रुकावट के तेजी से चोदा वह चिल्लाती रही और मैं चोदता रहा
उसने कहा “हां और तेज चोदो मेरी चूत को फाड़ डालो मैं तुम्हारी पर्सनल वेश्या हूं तुम जब चाहो मुझे चोद सकते हो”
पूरी रात हमने चार बार सेक्स किया कविता ने मेरे लंड को इतना चूसा और चोदा कि वह लाल और सूज गया
अब कविता मुझे नियमित रूप से फोन करती है जब भी उसकी सास घर पर नहीं होती तो वह मुझे अपने घर बुलाती है और जब सास घर पर होती है तो वह होटल में मिलती है
वह मुझसे कहती है “तुम मेरे लिए सब कुछ हो मेरे पति तो सिर्फ नाम के हैं लेकिन तुम मेरी जिंदगी में आए तो मैंने असली मजा पाया”
वह मुझे अपनी सामान्य फीस से ज्यादा पैसे देती है क्योंकि वह चाहती है कि मैं उसके साथ हमेशा रहूं
एक बार उसने कहा “जसकरन अगर तुम चाहो तो मैं अपने पति को तलाक दे दूंगी और तुमसे शादी करूंगी”
मैंने कहा “नहीं कविता जी यह तो ठीक नहीं है तुम्हारी शादी तो तुम्हारे पति से हुई है हमारा रिश्ता सिर्फ सेक्स का है लेकिन हम इसे जारी रख सकते हैं जब तक तुम चाहो”
उसने मान लिया और अब हम हर हफ्ते कम से कम दो बार मिलते हैं और खूब चोदाई करते हैं
आज ही की बात है कविता ने मुझे फोन किया “जल्दी आओ मेरी सास तीन दिनों के लिए बाहर गई है और मैं पूरी तरह से अकेली हूं मैंने तुम्हारे लिए नई पैंटी पहनी है जिसमें छेद है ताकि तुम सीधे चोद सको”
मैं तुरंत पहुंचा उसने दरवाजा खोला तो वह एक पारदर्शी नाइटी पहने हुए थी जिसमें उसका पूरा शरीर दिख रहा था उसने मुझे गले लगा लिया और कहा “आज मैं पागल हो गई हूं तुम्हारे लिए पूरे दिन से सिर्फ तुम्हारे बारे में सोच रही थी”
हम बिना कुछ बोले बेडरूम में गए और उसने अपनी नाइटी उतार दी वह सिर्फ उस पैंटी में थी जिसमें छेद था मैंने उस पैंटी को फाड़ दिया और सीधे उसकी चूत में अपना लंड डाल दिया
उसने चीखते हुए कहा “हां यही चाहिए था मुझे आज तुम बहुत देर तक चोदो मेरा पूरा शरीर तड़प रहा है”
मैंने उसे दो घंटे तक चोदा उसने पांच बार ऑर्गेज्म ली और मैंने तीन बार मेरा लंड पूरी तरह से लाल और सूजा हुआ था लेकिन वह और चाहती थी
उसने कहा “जसकरन तुम मेरी जिंदगी का सबसे अच्छा हिस्सा हो तुम्हारे बिना मेरी जिंदगी अधूरी है कृपया मुझे कभी मत छोड़ो”
मैंने उसके माथे पर चुंबन दिया और कहा “मैं तुम्हें कभी नहीं छोड़ूंगा जब तक तुम चाहो मैं तुम्हारे साथ रहूंगा”
अब मैं हर हफ्ते कविता से मिलता हूं और हम खूब सेक्स करते हैं वह मेरी सबसे अच्छी क्लाइंट बन गई है और मैं उसका सबसे अच्छा लवर
अब आप लोग मुझे बताइए कि यह कहानी आपको कैसी लगी अगर आपको अच्छी लगी हो तो कृपया मुझे ईमेल करके बताइए मैं और भी ऐसी ही गरम कहानियां आपके साथ शेयर करूंगा