नमस्ते दोस्तों, मैं शिल्पा शर्मा हूँ। दिल्ली की रहने वाली एक साधारण सी लड़की। उम्र है अभी सिर्फ सोलह साल की। हमारा परिवार छोटा सा है लेकिन खुशहाल। घर में मेरे अलावा मेरा बड़ा भाई, भाभी, छोटा भाई, माँ और पापा सब रहते हैं। मैं स्कूल जाती हूँ और पढ़ाई में ठीक ठाक हूँ।
लेकिन मेरी जिंदगी में एक ऐसी आदत है जो शायद बहुत सी लड़कियों की तरह मेरी भी है। मैं garamkisse.com जैसी वेबसाइट्स पर सेक्स स्टोरीज़ पढ़ती हूँ। खासकर जीजा साली चुदाई वाली कहानियाँ।
पढ़ते पढ़ते मेरा मन इतना उत्तेजित हो जाता है कि मैं अपने कमरे में चली जाती हूँ, दरवाजा बंद कर लेती हूँ और अपनी चूत में उंगली डालकर मुठ मारने लगती हूँ। कभी कभी तो मैं अपनी सबसे मोटी पेन को अपनी चूत में घुसा लेती हूँ और क्लिट को रगड़ती रहती हूँ।
लेकिन अब लगता है कि ये सब काफी नहीं है। मुझे असली चुदाई चाहिए। कोई ऐसा लड़का जो मुझे प्यार करे और मुझे जोरदार चोदे।
मैं खुद को ज्यादा गोरी तो नहीं मानती लेकिन मेरा चेहरा आकर्षक है। बड़ी बड़ी आँखें जिनकी पुतलियाँ बहुत खूबसूरत हैं। नरम गाल जो मोटे मोटे हैं। होंठ रसीले जो मेरे चेहरे पर बिल्कुल फिट बैठते हैं।
मेरे स्तन अभी उभर रहे हैं लेकिन आकर्षक हैं। वे कड़े और चिकने हैं जैसे संगमरमर के। और मेरी चूत तो खास है। वो सिर्फ एक बार चुद चुकी है। मेरी कजिन बहन के देवर ने मेरी सील तोड़ी थी।
उसने मुझे जोरदार चोदा था। खून निकला था तो उसने उसे साफ भी किया। उसके बाद किसी और से नहीं चुदाई हुई। लेकिन वो यादें अभी भी ताजा हैं।
एक दिन की बात है। मैं घर पर थी। अचानक मुझे अपने भाई भाभी के कमरे से अजीब सी आवाजें सुनाई दीं। जिज्ञासा हुई तो मैं चुपके से कमरे के पास गई। दरवाजा थोड़ा खुला था। झाँककर देखा तो भाई भाभी नंगे होकर चुदाई कर रहे थे।
भाई का लंड भाभी की चूत में तेजी से अंदर बाहर हो रहा था। भाभी की चीखें निकल रही थीं। ‘आह आह ओह ओह चोदो जीजा चोदो और जोर से।’ मैं वहीं खड़ी हो गई। मेरा शरीर गरम हो गया। चूत में खुजली सी होने लगी।
मैं भागकर अपने कमरे में चली गई। दरवाजा लॉक किया और बेड पर लेट गई। अपनी स्कर्ट ऊपर की और चड्डी नीचे सरका दी। अपनी सबसे मोटी पेन को चूत में डाल लिया। क्लिट को रगड़ने लगी।
कल्पना करने लगी कि कोई मोटा लंड मेरी चूत में घुस रहा है। ‘आह आह ओह ओह’ मैं चीखने लगी। आखिरकार झड़ गई। लेकिन मन नहीं माना। मुझे लगा कि अब ये उंगली या पेन से काम नहीं चलेगा। मुझे असली लंड चाहिए। कोई ऐसा लड़का जो मुझे चोदे और प्यार भी करे।
फिर एक दिन पढ़ाई से ब्रेक मिला। भाभी को अपने मायके जाना था। मैंने कहा कि मैं भी चलूँगी। भाभी खुश हो गई। माँ और भाई को मनाना पड़ा लेकिन भाभी की मदद से इजाजत मिल गई। हम बस से निकले।
भाभी के मायके का नाम है। वहाँ पहुँचते ही सबने स्वागत किया। भाभी के मम्मी पापा, छोटी बहन और भाई पवन। पवन मेरी उम्र का ही लग रहा था। स्मार्ट दिखता था। घर बड़ा और सुंदर था। भाभी ने कहा कि हम एक ही कमरे में सोएँगी।
लेकिन मैंने मना कर दिया। मैंने कहा कि अलग कमरा चाहिए। मुझे भाभी के भाई पवन का कमरा पड़ोस में मिला। मैं उसे देखते ही पसंद कर चुकी थी। मन ही मन ठान लिया कि इसे मेरा बना लूँगी।
अगले दिन सुबह मैंने पवन से बात शुरू की। ‘हाय पवन, क्या पढ़ाई करते हो?’ उसने मुस्कुराते हुए कहा ‘मैं पॉलिटेक्निक कर रहा हूँ। दूसरा साल है। छुट्टियों में घर आया हूँ।’ हमारी बातें बढ़ने लगीं। घंटों बातें करते।
उसे भी मुझमें रुचि लग रही थी। धीरे धीरे हम करीब आ गए। एक दिन उसके कमरे में मैं बैठी थी। जाने लगी तो उसने मेरा हाथ पकड़ लिया। ‘शिल्पा, मुझे तुम पसंद हो। तुम बहुत आकर्षक हो।’ मैं खुश हो गई। झपटकर उसके होंठ चूम लिये। फिर चली गई। वो खुश लग रहा था।
उस रात सब सो गए। मैं अपने कमरे में लेटी थी। अचानक दरवाजा खुला। पवन अंदर आ गया। ‘शिल्पा, मैं तुम्हारे बिना सो नहीं पा रहा।’ हम बेड पर लेट गए। बातें करने लगे। फिर वो मेरे करीब आया।
उसके होंठ मेरे होंठों पर आ गए। हम जोरदार किस करने लगे। मैंने उसे कसकर गले लगा लिया। उसके होंठ चूसने लगी जैसे एमरान हाशमी स्टाइल में। उसके हाथ मेरे स्तनों पर रख दिये।
हमारा किस चलता रहा। उसके दाँत मेरे होंठ काटने लगे। दर्द हुआ लेकिन मजा आया। मेरा शरीर गरम हो गया। मैं ऊपर चढ़ गई। जोरदार किस करने लगी।
लस्ट हावी हो गया। हमने एक दूसरे के कपड़े उतार दिये। नंगे होकर गले मिल गए। फिर से किस करने लगे। करीब चालीस मिनट तक किस चला। फिर पवन ने मेरी गर्दन चूमना शुरू किया। पूरा शरीर चूमने लगा।
मैं बेकाबू हो गई। अपने स्तन दबाने लगी। वो मेरे स्तनों पर आया। जोरदार दबाया। मैं कराहने लगी। ‘आह आह ओह ओह।’ वो चूसने लगा। जीभ से काले निप्पल चाटने लगा। सर्कल में घुमाने लगा। साइड से काटने लगा। दर्द और मजा दोनों मिले। मैं तड़पने लगी।
स्तनों की चाट चाट के बाद वो पेट और कमर पर आया। स्तन दबाते रहा। फिर चूत पर हाथ फेरा। मैं सिहर उठी। अपने स्तन सहलाने लगी। उसने उँगलियाँ चूत में डाल दीं। तेजी से अंदर बाहर करने लगा।
जैसे गीली मिट्टी में धक्का मार रहा हो। मेरी चूत भीग गई। ‘आह हाह ओह ओह ओह उह उफ उफ।’ मैं चीखी। वो चूत फैलाकर जीभ से चाटने लगा। उँगलियाँ चलाते रहे। मैं पागल हो गई। ‘उन्हु उनहु उनहु आह आह उफ उफ उफ।’ उँगलियाँ तेज हुईं। चूत फड़कने लगी। रस निकलने लगा। वो और तेज किया। ज्यादा रस बहा।
पवन उत्तेजित हो गया। अपना मोटा लंबा लंड सहलाने लगा। मेरे स्तनों पर थप्पड़ मारे। फिर मुझे थमा दिया। मैंने लंड मुंह में ले लिया। जोरदार चूसा। काटा भी। वो तड़पने लगा। आनंद से चीखा।
लंबे समय तक ब्लोजॉब चला। फिर वो लंड निकाला। मेरी चूत पर रगड़ने लगा। दर्द हुआ। फिर जोरदार धक्का मारा। लंड अंदर चला गया। मैं चीख उठी। दर्द बहुत था।
पवन ने तेजी से चुदाई शुरू की। मोटा लंबा लंड मेरी कोमल रसीली चूत में अंदर बाहर। चूत के होंठ खुलते बंद होते। जोरदार धक्के। मुझे बहुत मजा आया। मैं जंगली चुदाई का आनंद लेने लगी।
उसका लंड इतना बड़ा था कि शरीर काँपने लगा। जैसे इंजन पिस्टन की तरह। पूरा जोर लगाकर चोद रहा था। ‘हच हच’ की आवाजें। मैं आगे पीछे हो रही थी। चीख रही थी।
‘आह आह ओह उह ओह ओह ओह उफ उफ उफ माँ माँ माँ मम्मी उफ उफ उनहु उनहु उनहु ही ही सी सी सी ओह फास्टर एंड हार्डर फक फक मोर इट्स हर्टिंग बट फील्स सो गुड फक एंड टियर माई पुसी उम्म आह आह।’
मैं अपनी चूत रगड़ रही थी। उसे और उकसा रही थी। एक घंटे तक लगातार चुदाई चली। फिर वो लंड निकाला। सहलाने लगा। तनाव हुआ। चीखा। ‘आह आह आह उफ उफ उफ आह।’ वीर्य निकल गया। फिर हम किस करने लगे। वो मेरे स्तन दबाता रहा।
बाद में पवन ठंडे स्वर में बोला। ‘शिल्पा, मैं तुमसे प्यार नहीं करता। तुम मेरी तरह गोरी नहीं हो। बस लस्ट मिटाने के लिए बोला था।’ मैंने कहा।
सब लड़के एक जैसे हो। बस चूत चाहिए। इमोशंस की परवाह नहीं।’ वो चुदाई करके चला गया।
मैं गुस्से में थी लेकिन चुदाई से संतुष्ट। भाभी का भाई अपनी हवस बुझा चुका था। मेरी चूत चोदकर।
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