चचेरी बहन की होटल में चुदाई

(Chacheri Bahan Ki Hotal Me Chut Chudayi)

दोस्तो, मेरा नाम रमेश है और मैं गाजियाबाद का रहने वाला हूँ। ये एक सच्ची सेक्स कहानी है। इसमें मैंने अपनी चचेरी बहन को कैसे चोदा, उसकी सेक्स कहानी को लिखा है। यह गरम किस्से की सेक्स कहानी 5 साल पुरानी है। अभी मेरी आयु 29 साल है तथा उसकी उम्र लगभग 24 साल है। तब उसकी उम्र 19 साल थी तथा मेरी उम्र 24 साल थी।

बहन के फिगर की बात करें तो उसका फिगर 30-28-32 का था तथा हाइट 5 फुट 4 इंच की थी। वह देखने में थोड़ी सांवली जरूर थी लेकिन बहुत मस्त माल थी और अब तो और ज्यादा मस्त माल हो गई है।

हमारी चचेरी बहन का नाम रिया था। हम बचपन से ही साथ खेलते-कूदते थे, लेकिन बड़े होने के बाद रिश्ते में एक अजीब सी दूरी आ गई थी। फिर भी, व्हाट्सएप पर कभी-कभी चैट करते रहते थे। धीरे-धीरे चैट्स में मजाकिया बातें शुरू हुईं। एक दिन उसने मुझे मैसेज किया, ‘भैया, ट्रुथ या डेयर खेलें?’ मैं हैरान हो गया। 19 साल की लड़की ट्रुथ या डेयर? लेकिन मजा आ गया। मैंने हामी भर ली।

शुरुआत में सब सामान्य था। मैंने पूछा, ‘ट्रुथ: तू बता पहला क्रश कौन था?’ रिया ने हंसते हुए बताया, ‘स्कूल का ही एक लड़का। लेकिन अब तो भूल गई।’ फिर उसका डेयर आया, ‘मुझे एक जोक सुनाओ।’ मैंने एक डबल मीनिंग वाला जोक सुना दिया, जो थोड़ा सेक्सी था।

रिया ने लाफिंग इमोजी भेजे और बोली, ‘भैया, तुम भी ना!’ चैट्स ऐसे ही चलती रहीं। धीरे-धीरे बातें खुलने लगीं। वह अपनी कॉलेज लाइफ के बारे में बताती, लड़कों के पीछे पड़ने वाली बातें। मैं भी अपनी जॉब और गर्लफ्रेंड्स की स्टोरीज शेयर करता।

एक रात चैट करते करते लेट नाइट हो गई। रिया ने पूछा, ‘ट्रुथ: भैया, तुम्हें सेक्स का कितना एक्सपीरियंस है?’ मैं चौंक गया, लेकिन उत्साहित भी। ‘काफी है यार, लेकिन डिटेल्स नहीं बता सकता। तू बता, तूने कभी किस किया?’ रिया ने शरमाते हुए लिखा, ‘एक बार ट्राई किया, लेकिन ज्यादा नहीं।’ फिर डेयर आया।

मैंने कहा, ‘अपनी एक फोटो भेजो, बिना शर्ट के।’ वह हिचकिचाई, लेकिन भेज दी। उसकी सांवली स्किन पर ब्रा स्ट्रैप्स दिख रहे थे। उसके 30 के बूब्स उभरे हुए थे। मेरा लंड तनने लगा।

चैट्स ऐसे ही सेक्सी होते गए, रिया खुलने लगी। वह बताती कि कैसे उसके दोस्त सेक्सी वीडियोज शेयर करते हैं। एक दिन उसने कहा, ‘भैया, हम मिलें? फैमिली फंक्शन में तो बोरिंग होता है। कहीं बाहर चलें’ मैंने सोचा, क्यों न होटल में मिलें? प्राइवेसी मिलेगी।

मैंने बुकिंग कर ली एक अच्छे होटल की गाजियाबाद में ही। रिया को मैसेज किया, ‘कल शाम 7 बजे होटल में मिलते हैं। ट्रुथ या डेयर कंटिन्यू करेंगे।’

अगले दिन मैं होटल पहुंचा। रूम नंबर 205 दिल धड़क रहा था। रिया ब्लैक टॉप और जींस में आई,। उसकी सांवली रंगत चमक रही थी। हाइट 5’4″ की, लेकिन कर्व्स कमाल के। 30-28-32 का फिगर, कमर पतली, गांड गोल। ‘भैया, वह बोली ये आइडिया अच्छा था।’ हम बेड पर बैठे। बीयर ऑर्डर की।

ट्रुथ या डेयर शुरू हुआ। पहला ट्रुथ: ‘भैया, तुम्हारी सबसे हॉट फैंटसी क्या है?’ मैंने कहा, ‘किसी रिलेटिव के साथ।’ रिया की आंखें चमकीं। ‘मेरा भी वैसा ही।’ फिर डेयर: ‘मेरा हाथ पकड़ो और किस करो।’ मैंने उसका हाथ लिया, उंगलियां चूसीं। रिया सिहर उठी। ‘अब मेरा डेयर: अपना टॉप उतारो।’ वह हिचकिचाई, लेकिन उतार दिया। ब्रा में उसके भूरे निप्पल्स दिख रहे थे। मैंने नरम, गर्म छुआ।

बातें गर्म हो गईं। ट्रुथ: ‘तू वर्जिन है?’ रिया बोली, ‘हां, लेकिन फिंगरिंग करती हूं।’ मेरा लंड खड़ा हो गया। डेयर: ‘मेरा पैंट खोलो।’ मैंने खोला। मेरा 7 इंच का लंड बाहर आ गया। रिया ने देखा, मुंह खुला।

‘भैया, इतना बड़ा!’ उसने पकड़ा, सहलाया, मैंने उसकी ब्रा खोली। उसके 30 के बूब्स उछल पड़े। सांवले रंग के, निप्पल्स काले। मैंने चूसे, रिया सिसकारी। ‘आह भैया!’

हम किस करने लगे। जीभें लड़ाईं। मैंने उसकी जींस उतारी, पैंटी गीली ‘रिया, तू भीगी हुई है।’ ‘हां, तुम्हारे चक्कर में।’ मैंने पैंटी खींची, उसकी चूत साफ शेव्ड, गुलाबी। सांवली स्किन पर चमक रही। मैंने टाइट, गर्म उंगली डाली। रिया चीखी, ‘धीरे भैया!’ मैंने चाटना शुरू किया। जीभ से चूत चाटी, क्लिटोरिस चूसा। रिया के पैर कांपने लगे। ‘ओह फक! भैया, कमाल है।’

अब उसका टर्न। डेयर: ‘मेरा लंड चूसो।’ रिया घुटनों पर बैठी। मेरा लंड मुंह में लिया। चूसा, चाटा सलाइवा से गीला किया। मैंने उसके बाल पकड़े, मुंह में धक्के दिए। ‘गुड गर्ल, ऐसे ही।’ रिया खांसने लगी, लेकिन जारी रखा। 10 मिनट तक ब्लोजॉब किया। मेरा स्पर्म आने वाला था। ‘रिया, बाहर निकालो।’ लेकिन वह निगल गई। ‘भैया, तेरा स्वाद अच्छा है।’

हम नंगे हो गए। बेड पर लेटे, मैं उसके ऊपर चढ़ा। लंड चूत पर रगड़ा। ‘रिया, तैयार?’ ‘हां भैया, चोद मुझे।’ मैंने धक्का दिया। टिप अंदर, रिया चीखी, ‘दर्द हो रहा!’ धीरे-धीरे पूरा अंदर। उसकी वर्जिन जैसी चूत टाइट थी। खून निकला थोड़ा। ‘अब ठीक?’ ‘हां, चलाओ।’ मैंने पेलना शुरू किया, धीरे-धीरे स्पीड बढ़ाई। रिया की चीखें कमरें में गूंजीं, ‘आह! हां भैया, जोर से!’

मैंने उसके बूब्स दबाए, निप्पल्स काटे। कमर पकड़ी, गांड पर थप्पड़ मारे। रिया उछल रही थी। ‘फक मी हार्डर!’ मैंने डॉगी स्टाइल मे पोजीशन स्विच की। उसकी गोल गांड ऊपर की और मैंने पीछे से चोदा। लंड गहराई तक गया, रिया की चूत चपचपा रही थी। ‘भैया, मैं कमिंग!’ वह झड़ गई। चूत सिकुड़ गई, मेरा लंड दबा। मैं भी झड़ा। स्पर्म चूत में भर दिया।

हम लेटे रहे। पसीने से तर हो गए थे । रिया बोली ‘भैया, ये कमाल था।’ लेकिन रात लंबी थी। ट्रुथ या डेयर जारी रहा, अगला डेयर: ‘अब गांड मारो’ रिया डर गई। ‘पहली बार?’ ‘हां।’ मैंने लुब्रिकेंट लिया, उंगली से गांड खोली।

फिर लंड डाला। टाइट, दर्द हुआ रिया रोई, लेकिन बोली, ‘चलाओ।’ धीरे-धीरे एंजॉय करने लगी। ‘आह, अजीब मजा!’ मैंने गांड चोदी। स्पीड बढ़ाई। उसकी गांड में फिर झाड़ दिया।

रात भर चुदाई चली। रिया ऊपर बैठी, मेरे लंड पर उछली। चूत का रस टपक रहा था, सुबह तक 4-5 राउंड हुए चूत लाल हो गयी, गांड ढीली पड़ गयी। हम थक गए चेकआउट टाइम पर किस किया। ‘ रिया बोली फिर मिलेंगे भैया।’

उसके बाद हमारी चैट्स और गर्म हो गईं। कभी-कभी मिलते, चोदते। रिया अब मस्त माल है, लेकिन वो पहली रात हमेसा यादगार रहेगी। ऐसी ही गरम किस्से की मजेदार कहानियां आपके लिए लता रहूंगा।