गर्मियों की वह रात बहुत ही तपिश भरी थी। दिल्ली के पुराने इलाके में बनी दो मंजिला हवेली की छत पर हवा भी नहीं चल रही थी। छत पर बिछा हुआ पुराना चारपाई का बिस्तर भी गर्म हो चुका था।
चाची रेखा, उम्र 38 साल, मोटी-तगड़ी बदन, बड़े-बड़े स्तन और चौड़ी कमर वाली औरत, रात के दस बजे छत पर आकर लेटी हुई थी। उन्होंने हल्का सा नाइट सूट पहना हुआ था जो उनके पसीने से चिपक चुका था।
रेखा चाची की सांसें भारी हो रही थीं। छत पर अकेले लेटे हुए उन्हें नींद नहीं आ रही थी। उनका पति शहर से बाहर गए हुए थे और बेटा भी हॉस्टल में रहता था। घर में सिर्फ उनका भतीजा राज, 22 साल का, कॉलेज का छात्र, रह गया था। राज भी छत पर ही सोने आया था।
राज ने जब छत पर कदम रखा तो चाची रेखा की नजर उन पर पड़ी। राज की पतली कमीज और शॉर्ट्स में उनका लंड हल्का सा उभरा हुआ दिख रहा था। चाची की आँखें उस जगह पर अटक गईं। गर्मी और अकेलेपन ने उनके मन में कुछ और ही विचार पैदा कर दिए।
“राज, आ जा बेटा, इधर लेट जा,” चाची ने कहा, उनकी आवाज में थोड़ी कसक थी। राज चारपाई के पास आया और चाची के पास ही लेट गया। दोनों के बीच कुछ ही इंच की दूरी थी। चाची का शरीर गर्मी से तप रहा था और राज को भी पसीना आ रहा था।
राज ने करवट ली तो उनका हाथ चाची की जांघ से टकरा गया। चाची ने हिलकर भी कोई आपत्ति नहीं जताई। बल्कि उन्होंने खुद अपनी जांघ राज की तरफ बढ़ा दी। राज को समझ आ गया कि चाची कुछ और चाहती हैं। उन्होंने साहस करके अपना हाथ चाची की कमर पर रख दिया।
चाची रेखा ने राज की तरफ मुड़कर देखा। उनकी आँखों में चाहत साफ दिख रही थी। “राज… गर्मी बहुत लग रही है ना?” उन्होंने धीरे से पूछा। राज ने सिर हिलाकर हाँ कहा। चाची ने अपना हाथ राज के सीने पर रखा और धीरे से सहलाने लगीं।
राज ने आगे बढ़कर चाची के होंठों पर अपना मुंह रख दिया। चाची ने भी उनका साथ दिया। दोनों गहरी चूमने लगे। चाची की जीभ राज के मुंह में घुस गई और वे एक-दूसरे का लार चूसने लगे। राज के हाथ चाची के बड़े स्तनों पर मंडराने लगे। उन्होंने चाची के नाइट सूट के बटन खोल दिए।
चाची के स्तन बाहर निकल आए। बड़े, गोल और भरे हुए। निप्पल सख्त हो चुके थे। राज ने एक स्तन को मुंह में लिया और चूसने लगे। चाची की सांसें तेज हो गईं। “आह… राज… चूस… और जोर से चूस…” चाची की आवाज में मस्ती भरी हुई थी।
राज ने चाची के दूसरे स्तन को हाथ से दबाया और निप्पल को उंगलियों से मसलने लगे। चाची की कमर हिलने लगी। उन्होंने राज की शॉर्ट्स में हाथ डाला और उनका लंड पकड़ लिया। राज का लंड पूरी तरह खड़ा हो चुका था। मोटा, लंबा और गरम। चाची ने उसे सहलाना शुरू कर दिया।
“वाह बेटा… कितना बड़ा हो गया है तेरा…” चाची ने कहा। राज ने चाची का नाइट सूट पूरी तरह उतार दिया। अब चाची पूरी तरह नंगी लेटी हुई थीं। उनकी जांघें थोड़ी खुली हुई थीं और उनकी चूत के बाल दिख रहे थे। राज ने अपनी उंगली चाची की चूत पर रखी और रगड़ने लगे। चाची की चूत पहले से ही गीली हो चुकी थी।
राज ने एक उंगली चाची की चूत में डाली। चाची का शरीर काँप उठा। “आह… और डाल… दो उंगली डाल…” चाची ने कहा। राज ने दूसरी उंगली भी डाल दी। अब दो उंगली चाची की चूत में अंदर-बाहर हो रही थीं। चाची की चूत का रस बह रहा था। राज ने अपनी उंगलियों को चाची की चूत में घुमाया। चाची की सिसकारियाँ बढ़ गईं।
राज ने अपनी उंगलियाँ निकालीं और उन्हें चाची के मुंह में डाल दिया। चाची ने राज की उंगलियों को चूसा और अपना रस चखा। राज ने अब अपना मुंह चाची की चूत पर रखा। उन्होंने चाची की चूत चाटनी शुरू कर दी। चाची के जांघें राज के सिर को दबाने लगीं।
“आह… राज… चूत चाट… और जोर से…” चाची चीख रही थीं। राज ने चाची की चूत के होठों को चूसा और जीभ से अंदर तक चाटा। चाची का रस राज के मुंह में भर रहा था। राज ने चाची की चूत को पूरी तरह चाट लिया।
चाची अब बेताब हो चुकी थीं। उन्होंने राज को ऊपर खींचा और उनका लंड पकड़कर अपनी चूत पर रखा। “डाल दे… अब डाल दे अपना लंड…” चाची ने कहा। राज ने अपना लंड चाची की चूत में घुसा दिया। चाची की चूत कसी हुई थी। लंड आधा ही अंदर गया था।
राज ने जोर लगाया और पूरा लंड चाची की चूत में डाल दिया। चाची चीख पड़ीं। “आह… मर गई… कितना मोटा है…” राज ने चाची की चूत में लंड अंदर-बाहर करना शुरू कर दिया। चाची की जांघें राज की कमर को जकड़ रही थीं।
राज चाची को जोर-जोर से चोद रहे थे। चारपाई हिल रही थी। चाची के स्तन ऊपर-नीचे हो रहे थे। राज ने चाची के स्तनों को हाथों में लिया और दबाने लगे। चाची की चूत से आवाजें आ रही थीं।
“चोद… और जोर से चोद…” चाची चीख रही थीं। राज की रफ्तार बढ़ गई। उन्होंने चाची की जांघें खोलीं और और गहराई से लंड डालने लगे। चाची का शरीर पसीने से तर हो चुका था।
राज ने चाची को उल्टा कर दिया। अब चाची घुटनों के बल थीं। राज ने पीछे से लंड चाची की चूत में डाला। यह पोजीशन और भी गहरी थी। राज चाची की कमर पकड़कर जोर-जोर से चोद रहे थे।
चाची की गांड हिल रही थी। राज ने चाची की गांड पर थप्पड़ मारा। चाची की चूत और भी गीली हो गई। राज ने चाची के बाल पकड़े और सिर पीछे खींचा। चाची की गर्दन झुक गई।
“आह… राज… और मार… और जोर से मार…” चाची चीख रही थीं। राज की रफ्तार और बढ़ गई। उनके लंड पर चाची का रस चिपक रहा था।
राज को महसूस हुआ कि वे झड़ने वाले हैं। उन्होंने चाची को फिर से सीधा लिटा दिया और उनके ऊपर चढ़ गए। अब वे आमने-सामने थे। राज ने चाची के होंठों पर मुंह रखा और चोदते हुए चूमने लगे।
चाची ने राज की पीठ पर नाखून गड़ा दिए। राज ने आखिरी जोर लगाया और चाची की चूत में झड़ गए। गर्म-गर्म वीर्य चाची की चूत में भर गया। चाची का शरीर काँप उठा।
राज ने लंड निकाला तो चाची की चूत से वीर्य बहने लगा। चाची ने राज को गले लगा लिया। दोनों पसीने से तर हो चुके थे।
लेकिन गर्मी अभी खत्म नहीं हुई थी। कुछ देर बाद राज का लंड फिर से खड़ा हो गया। चाची ने उसे देखा और मुस्कुराईं। “फिर से…” चाची ने कहा।
राज ने चाची को उठाया और दीवार से टिका दिया। अब वे खड़े-खड़े चोद रहे थे। राज ने चाची की एक जांघ उठाई और लंड चाची की चूत में डाला। चाची की पीठ दीवार से रगड़ रही थी।
राज जोर-जोर से चोद रहे थे। चाची के स्तन राज के सीने से टकरा रहे थे। चाची ने राज की गर्दन को जकड़ रखा था।
“आह… राज… और गहरा… और गहरा डाल…” चाची चीख रही थीं। राज ने चाची को और जोर से दबाया। उनकी रफ्तार बढ़ गई।
राज ने चाची को फिर से चारपाई पर लिटा दिया। इस बार वे चाची के ऊपर बैठ गए। चाची की जांघें राज की कमर के दोनों तरफ फैली हुई थीं। राज ने लंड चाची की चूत में डाला और नीचे से ऊपर की तरफ धक्के मारने लगे।
चाची की चूत पूरी तरह खुल चुकी थी। राज का लंड अंदर तक जा रहा था। चाची के स्तन हिल रहे थे। राज ने एक स्तन मुंह में लिया और चूसने लगे।
“चोद… चोद… चोद…” चाची बार-बार चीख रही थीं। राज की रफ्तार और भी बढ़ गई। चाची का शरीर बार-बार काँप रहा था।
राज ने चाची को घुमाया और उन्हें घुटनों के बल कर दिया। अब वे कुत्ते वाली पोजीशन में थे। राज ने चाची की गांड पकड़ी और लंड चाची की चूत में डाला।
राज जोर-जोर से चोद रहे थे। चाची की गांड हिल रही थी। राज ने चाची की कमर पकड़ी और और गहराई से लंड डालने लगे।
“आह… राज… मेरा पानी निकल रहा है…” चाची चीखीं। चाची का शरीर काँप उठा और उनकी चूत से रस निकलने लगा। राज ने भी जोर लगाया और दूसरी बार चाची की चूत में झड़ गए।
दोनों थककर चारपाई पर लेट गए। लेकिन गर्मी अभी खत्म नहीं हुई थी। चाची ने राज के लंड को हाथ में लिया और सहलाने लगीं। राज का लंड फिर से खड़ा हो गया।
चाची ने राज के लंड को मुंह में लिया। उन्होंने लंड को चूसना शुरू कर दिया। राज का लंड चाची के मुंह में अंदर-बाहर हो रहा था। चाची ने लंड को गला तक लिया।
राज ने चाची के सिर को पकड़ा और लंड मुंह में अंदर-बाहर करने लगे। चाची का मुंह लार से भर गया। राज ने चाची के बाल पकड़े और जोर-जोर से चोदने लगे।
“आह… चाची… और चूस…” राज ने कहा। चाची ने राज के लंड को और जोर से चूसा। राज का लंड चाची के गले तक जा रहा था।
राज ने चाची को उठाया और उन्हें दीवार से टिका दिया। अब वे खड़े-खड़े चोद रहे थे। राज ने चाची की जांघ उठाई और लंड चाची की चूत में डाला।
राज जोर-जोर से चोद रहे थे। चाची की पीठ दीवार से रगड़ रही थी। चाची के स्तन राज के सीने से टकरा रहे थे।
“आह… राज… और जोर से…” चाची चीख रही थीं। राज ने चाची को और जोर से दबाया। उनकी रफ्तार बढ़ गई।
राज ने चाची को फिर से चारपाई पर लिटा दिया। इस बार वे चाची के पैरों के बीच बैठ गए। चाची की जांघें खुली हुई थीं। राज ने लंड चाची की चूत में डाला और जोर-जोर से चोदने लगे।
चाची की चूत से आवाजें आ रही थीं। राज का लंड चाची की चूत में अंदर-बाहर हो रहा था। चाची के स्तन हिल रहे थे।
“चोद… चोद… चोद…” चाची बार-बार चीख रही थीं। राज की रफ्तार और भी बढ़ गई। चाची का शरीर बार-बार काँप रहा था।
राज ने चाची को घुमाया और उन्हें घुटनों के बल कर दिया। अब वे कुत्ते वाली पोजीशन में थे। राज ने चाची की गांड पकड़ी और लंड चाची की चूत में डाला।
राज जोर-जोर से चोद रहे थे। चाची की गांड हिल रही थी। राज ने चाची की कमर पकड़ी और और गहराई से लंड डालने लगे।
“आह… राज… मेरा पानी निकल रहा है…” चाची चीखीं। चाची का शरीर काँप उठा और उनकी चूत से रस निकलने लगा। राज ने भी जोर लगाया और तीसरी बार चाची की चूत में झड़ गए।
दोनों थककर चारपाई पर लेट गए। लेकिन गर्मी अभी खत्म नहीं हुई थी। चाची ने राज के लंड को हाथ में लिया और सहलाने लगीं। राज का लंड फिर से खड़ा हो गया।
चाची ने राज के लंड को मुंह में लिया। उन्होंने लंड को चूसना शुरू कर दिया। राज का लंड चाची के मुंह में अंदर-बाहर हो रहा था। चाची ने लंड को गला तक लिया।
राज ने चाची के सिर को पकड़ा और लंड मुंह में अंदर-बाहर करने लगे। चाची का मुंह लार से भर गया। राज ने चाची के बाल पकड़े और जोर-जोर से चोदने लगे।
“आह… चाची… और चूस…” राज ने कहा। चाची ने राज के लंड को और जोर से चूसा। राज का लंड चाची के गले तक जा रहा था।
राज ने चाची को उठाया और उन्हें दीवार से टिका दिया। अब वे खड़े-खड़े चोद रहे थे। राज ने चाची की जांघ उठाई और लंड चाची की चूत में डाला।
राज जोर-जोर से चोद रहे थे। चाची की पीठ दीवार से रगड़ रही थी। चाची के स्तन राज के सीने से टकरा रहे थे।
“आह… राज… और जोर से…” चाची चीख रही थीं। राज ने चाची को और जोर से दबाया। उनकी रफ्तार बढ़ गई।
राज ने चाची को फिर से चारपाई पर लिटा दिया। इस बार वे चाची के पैरों के बीच बैठ गए। चाची की जांघें खुली हुई थीं। राज ने लंड चाची की चूत में डाला और जोर-जोर से चोदने लगे।
चाची की चूत से आवाजें आ रही थीं। राज का लंड चाची की चूत में अंदर-बाहर हो रहा था। चाची के स्तन हिल रहे थे।
“चोद… चोद… चोद…” चाची बार-बार चीख रही थीं। राज की रफ्तार और भी बढ़ गई। चाची का शरीर बार-बार काँप रहा था।
राज ने चाची को घुमाया और उन्हें घुटनों के बल कर दिया। अब वे कुत्ते वाली पोजीशन में थे। राज ने चाची की गांड पकड़ी और लंड चाची की चूत में डाला।
राज जोर-जोर से चोद रहे थे। चाची की गांड हिल रही थी। राज ने चाची की कमर पकड़ी और और गहराई से लंड डालने लगे।
“आह… राज… मेरा पानी निकल रहा है…” चाची चीखीं। चाची का शरीर काँप उठा और उनकी चूत से रस निकलने लगा। राज ने भी जोर लगाया और चौथी बार चाची की चूत में झड़ गए।
दोनों थककर चारपाई पर लेट गए। अब गर्मी भी कम हो चुकी थी। चाची ने राज को गले लगा लिया। दोनों नंगी हालत में एक-दूसरे के साथ लिपटे हुए थे।
रात भर चाची और राज ने एक-दूसरे को चोदा। चार बार राज ने चाची की चूत में झड़कर उन्हें संतुष्ट किया। गर्मी की वह रात दोनों के लिए यादगार बन गई।