गरम किस्से सेक्स कहानी में दो आधुनिक परिवारों की दो पीढ़ियों की दास्तान है, जो खुद को मॉडर्न दिखाने के चक्कर में पारंपरिक मूल्यों को ताक पर रख देते हैं। पाश्चात्य संस्कृति की चकाचौंध में डूबते हुए वे परिवार के बंधनों को तोड़ते चले जाते हैं।
दोस्तों, आज की यह कहानी उन परिवारों की है जो आधुनिकता के नाम पर विदेशी रंग-ढंग अपना लेते हैं और धीरे-धीरे अपनी जड़ें खो देते हैं। एक काले बादल में फंसकर वे बाहर निकलने का रास्ता भूल जाते हैं, और अंत में हाथ लगता है एक बिखरा हुआ परिवार जहां विश्वास और प्यार की जगह सिर्फ वासना और झगड़े रह जाते हैं।
यह गरम किस्से सेक्स कहानी है शालीमार बाग में बसे ब्रिगेडियर सतीश कपूर के परिवार की। ब्रिगेडियर साहब के बड़े भाई, जिनका नाम रमेश कपूर था, सालों पहले इंग्लैंड पढ़ने गए थे और वहीं की होकर रह गए। उन्होंने एक गोरी मेम सारा से शादी कर ली और पूरी तरह विदेशी जीवन जीने लगे। उनके पास एक बेटी थी, एमी, जो महज 18 साल की उम्र में किसी गोरे लड़के के साथ लिव-इन में रहने लगी। आज तक बिना शादी के वे साथ हैं, और परिवार को इससे कोई ऐतराज नहीं।
रमेश और सारा को घूमना-फिरना बहुत पसंद था। सुनने में आता है कि वे न्यूडिस्ट हैं – यानी घर पर या बीच पर बिना कपड़ों के घूमना उनकी आदत बन गई थी। मजेदार बात यह कि सतीश कपूर की पत्नी कामिनी को सारा बहुत पसंद थी। कामिनी कई बार उनके साथ इंग्लैंड घूमने गईं, और वहां की आजादी ने उन्हें भी बदल दिया। कौन जाने, बीच पर क्या-क्या हुआ होगा, लेकिन कामिनी की आंखों में चमक आ गई थी।
सतीश कपूर ने फौज से जल्दी वीआरएस ले लिया था। वे साल में कम से कम 15 दिन इंग्लैंड जरूर जाते। वहां पहुंचते ही वे स्थानीय हो जाते – शराब, पार्टी, और खुली सेक्सुअलिटी। देवरानी-जेठानी के रिश्ते भूलकर वे सब मिलकर मजे लूटते। कामिनी, जो दिल्ली में सलवार-कमीज या जींस-टॉप में सिमटी रहतीं, इंग्लैंड में शॉर्ट ड्रेस या बिकनी में बेफिक्र घूमतीं। स्विमिंग पूल या बीच पर टू-पीस बिकनी पहनकर वे बिना शर्म के तैरतीं, और पुरुषों की नजरें उन पर टिक जातीं।
कामिनी ने सिगरेट और व्हिस्की पीना सारा से ही सीखा। अब दिल्ली में अकेले होने पर वे घर में न्यूड रहने की कोशिश करतीं – नंगा होकर आईने के सामने खड़ी होकर अपने बदन को सहलातीं। लेकिन भारत में तो नौकरानी, प्रेस वाला, सब्जी वाला आते रहते, तो बार-बार कपड़े पहनने पड़ते। सतीश और कामिनी को चुदाई का बेहद शौक था। फौज की ट्रेनिंग ने सतीश को तंदुरुस्त रखा था, और इंग्लैंड की यादें उन्हें हर रात जोशीला बनातीं। वे रात भर चोदते, कामिनी की चूत में लंड घुसाकर जोर-जोर से धक्के मारते, और उसकी चीखें कमरे में गूंजतीं।
एक शाम, सतीश घर लौटे तो कामिनी पहले से तैयार थी। वह लिविंग रूम में सिर्फ एक पतली साड़ी में खड़ी थी, जिसमें से उसके निप्पल्स साफ झलक रहे थे। “आज रात कुछ स्पेशल करेंगे?” कामिनी ने मुस्कुराते हुए कहा। सतीश ने अपना बैग फेंका और उसे सीधे दीवार से सटा लिया। उसके होंठों पर किस करते हुए उसकी साड़ी खींच दी। कामिनी की चूचियां बाहर आ गईं – बड़े-बड़े, भूरे निप्पल्स वाले। सतीश ने उन्हें मुंह में भर लिया, चूसने लगा। कामिनी की सांसें तेज हो गईं। “ओह सतीश, चूसो इन्हें… जैसे इंग्लैंड में सारा चूसती थी।
सतीश हंस पड़ा। “सारा? तू तो वहां उसके साथ और भी कुछ करती थी न?” कामिनी ने शरमाते हुए सिर हिलाया। “हां, एक बार बीच पर हम दोनों नंगे हो गईं। वहां कुछ लड़के थे, उन्होंने हमें देखा, फिर…” सतीश का लंड खड़ा हो गया। कामिनी की साड़ी पूरी उतार फेंका। अब कामिनी पूरी नंगी थी – उसकी चूत पर हल्के बाल, गीली हो रही थी। सतीश ने अपनी पैंट उतारी, मोटा लंड बाहर आया। कामिनी ने घुटनों पर बैठकर उसे मुंह में ले लिया। चूसने लगी, जीभ से चाटने लगी। सतीश के हाथ उसके बालों में उलझे। “हां रंडी, चूस… जैसे सारा को चोदा था न?”
कामिनी ने सिर हिलाया, लंड को गले तक ले लिया। थोड़ी देर बाद सतीश ने उसे उठाया और सोफे पर लिटा दिया। उसकी टांगें फैलाईं, चूत पर जीभ फेरी। कामिनी चिल्लाई, “आह… चाटो मेरी चूत…” सतीश ने चूत चाटी, क्लिट को चूसा। फिर लंड को चूत पर रगड़ा और एक झटके में घुसा दिया। कामिनी की चीख निकली, “ओह फक… जोर से चोदो!” सतीश ने तेज-तेज धक्के मारे, चूत में लंड अंदर-बाहर होता रहा। पसीना दोनों पर छूट गया। आखिरकार सतीश ने कामिनी के अंदर झड़ दिया, गर्म वीर्य चूत भर गया।
फिर से शांत होने पर कामिनी बोली, “सतीश, क्या हम भी इंग्लैंड चले जाएं? यहां तो ये सब छुपाना पड़ता है।” सतीश ने सोचा। उसके बड़े भाई रमेश की जिंदगी देखकर जलन होती थी। रमेश और सारा का घर लंदन के बाहर एक बड़ा बंगला था, जहां न्यूड पार्टीज होतीं। एमी, उनकी बेटी, अब 22 साल की थी – गोरी चमड़ी, लंबे बाल, और पूरी तरह ओपन माइंडेड। वह अपने बॉयफ्रेंड के साथ ग्रुप सेक्स में हिस्सा लेती थी। सतीश सोचते, काश हमारा बेटा भी ऐसा होता। उनका बेटा अजय 20 साल का था, दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ता था, लेकिन अभी तक शर्मीला था।
अगले हफ्ते सतीश को इंग्लैंड का टिकट मिल गया। कामिनी खुश हो गई। वे दोनों पैकिंग करने लगे। कामिनी ने कुछ सेक्सी लॉन्जरी भी पैक की – रेड ब्रा, थॉन्ग, और शॉर्ट नाइट्स। प्लेन में सतीश ने कामिनी का हाथ थामा। “वहां पहुंचकर क्या करेंगे?” कामिनी ने कान में फुसफुसाया, “सारा के साथ पार्टी… और शायद एमी भी जॉइन कर ले।” सतीश का दिल धड़का।
लंदन एयरपोर्ट पर रमेश और सारा मिलने आए। सारा ने कामिनी को गले लगाया – दोनों की चूचियां दबीं। रमेश ने सतीश को हग किया। कार में जाते हुए सारा बोली, “इस बार हमारा बीच ट्रिप प्लान किया है। न्यूड बीच, फुल फन।” कामिनी की आंखें चमक उठीं। घर पहुंचे तो एमी वहां थी – जींस और टॉप में, लेकिन घर में घुसते ही उसने सब उतार फेंका। “हैलो अंकल-आंटी! यहां हम नंगे रहते हैं, तुम भी जॉइन करो।” सतीश हक्का-बक्का। कामिनी ने मुस्कुराकर अपना टॉप उतारा।
रमेश ने शराब निकाली। सबने पी। बातें हुईं – भारत की कंजूसी बनाम यहां की आजादी। सारा ने कहा, “कामिनी, तुम्हारी बॉडी कमाल की है। इंग्लैंड में आओ, मॉडलिंग करो।” कामिनी शर्मा गई, लेकिन अंदर से खुश। रात को डिनर के बाद पार्टी शुरू हुई। म्यूजिक चला, सब नंगे हो गए। एमी ने डांस किया, उसके निप्पल्स हिल रहे थे। सतीश का लंड खड़ा हो गया। सारा ने नोटिस किया, “ओह, ब्रिगेडियर, रेडी हो?” सब हंस पड़े।
कामिनी ने सारा को किस किया। दोनों की जीभें मिलीं। सतीश ने एमी को देखा – वह उसके पास आई, हाथ पकड़ा। “अंकल, ट्राई करो।” सतीश ने एमी की चूचियां दबाईं। मुलायम, गोरी। एमी ने उसका लंड पकड़ा, सहलाया। रमेश ने कामिनी को सोफे पर लिटाया, चूत चाटने लगा। कामिनी चिल्लाई, “आह… चाटो…” सारा ने सतीश के लंड को मुंह में लिया, चूसने लगी। एमी ने सतीश को किस किया।
फिर ग्रुप में बदलाव। सतीश ने एमी को बेड पर लिटाया, उसकी चूत में लंड घुसाया। एमी की चीख, “फक मी हार्ड!” सतीश ने जोर-जोर से चोदा। कामिनी सारा की चूत चाट रही थी, रमेश पीछे से कामिनी की गांड में उंगली डाल रहा था। रात भर चुदाई चली। सतीश ने एमी के अंदर झड़ दिया, फिर सारा को चोदा। कामिनी ने रमेश का लंड चूसा, फिर चूत में लिया। सब थककर सो गए।
सुबह उठे तो शर्म नहीं, बल्कि हंसी। सारा बोली, “यह तो शुरुआत है। कल बीच पर चलते हैं।” कामिनी उत्साहित। लेकिन सतीश के मन में दिल्ली का अजय घूम रहा था। क्या वहां भी ऐसा हो सकता है?
इंग्लैंड की छुट्टी खत्म हुई, कामिनी अब घर में ज्यादा न्यूड रहने लगी। अजय को घर आते देख वह जल्दी कपड़े पहन लेती, लेकिन एक दिन अजय ने देख लिया – मां नंगी किचन में। अजय शॉक्ड, लेकिन उसका लंड खड़ा हो गया। कामिनी ने नोटिस किया, मुस्कुराई। “बेटा, आधुनिक बनना है तो…”
अजय ने कुछ नहीं कहा, लेकिन रात को उसके कमरे से आवाजें आईं। वह मुठ मार रहा था, मां को सोचकर। सतीश को पता चला तो हंसा। “समय आ गया है, बेटे को सिखाएं।” अगली रात उन्होंने अजय को बुलाया। कामिनी नंगी लेटी थी। “बेटा, देख… यह आधुनिकता है।” अजय डरते-डरते नजदीक आया। कामिनी ने उसका लंड निकाला, चूसने लगी। अजय की सांसें तेज। सतीश ने कामिनी की चूत चाटी। फिर अजय ने मां की चूत में लंड घुसाया। पहली बार चोदाई – जोर से धक्के। कामिनी चिल्लाई, “हां बेटा, चोद मां को…”
सतीश ने अजय की गांड में उंगली डाली, गाइड किया। परिवार अब खुल गया। लेकिन बाहर की दुनिया? पड़ोसी क्या कहेंगे? कामिनी की सहेलियां? एक दिन सहेली रीता आई। कामिनी ने उसे बताया। रीता शॉक्ड, लेकिन उत्सुक। “दिखाओ न।” कामिनी ने साड़ी उतारी। रीता ने छुआ। फिर किस। सतीश आया, रीता को चोदा। अब रीता भी जॉइन हो गई।
लेकिन बड़े भाई रमेश का फोन आया। “एमी प्रेग्नेंट है, लेकिन वे खुश हैं।
परिवार बिखरने की कगार पर था। अजय की गर्लफ्रेंड ने सुना, ब्रेकअप कर लिया। कामिनी की सास ने शक किया। लेकिन वे रुके नहीं। एक पार्टी रखी – दोस्त बुलाए। सब नंगे, चुदाई शुरू। सतीश ने एक दोस्त की बीवी को चोदा, कामिनी ने दोस्त का लंड लिया। अजय ने लड़की को चोदा।
फिर ट्विस्ट – रमेश का बेटा, अजय का कजिन, भारत आया। 25 साल का, उसने परिवार को और खोला। ग्रुप चुदाई, गांड मारना, सब। लेकिन अंत में, जब पुलिस आई – शिकायत पर – सब बिखर गया। परिवार टूटा, लेकिन वासना बाकी। मेरी अगली कहानी के लिए गरम किस्से पे बने रहे… मै जल्दी ही आप सब के लिए इसका दूसरा भाग जल्दी ही प्रकाशित करूँगा. धन्यवाद