स्कूल टीचर रिया मैम सपने मे चुद गयी

(School Teacher Riya Mam Sapne Me Chud Gayi)

हैलो दोस्तो, मै गरम किस्से की नियमित पाठक हू सोचा क्यू ना एक रियल सच्ची सपनो वाली चुदाई की कहानी क्यू ना सेयर करी जाए। ये कहानी जो यहा लिख रही हू ये मेरी सहेली की है।

रात का समय था, शहर की उस व्यस्त लेकिन शांत गली में जहां मध्यम वर्गीय परिवार रहते थे। यह गली पुरानी थी, जहां सड़कें संकरी थीं और घरों की दीवारें एक-दूसरे से सटी हुईं।

रिया का घर एक पुरानी दो मंजिला इमारत का हिस्सा था, जहां नीचे छोटी-छोटी दुकानें थीं – एक किराने की दुकान, एक सिलाई सेंटर और एक पुरानी चाय की टपरी। ऊपर के फ्लोर पर किराए के छोटे-छोटे फ्लैट बने थे, जहां लोग अपनी जिंदगी गुजारते। रिया का फ्लैट सबसे ऊपर था, सीढ़ियां चढ़ने में थोड़ी सांस फूल जाती। कमरा छोटा सा था – लगभग 10×10 फुट का, जिसमें एक लकड़ी का पुराना बेड था, जो कभी-कभी चरमराता। बगल में एक लोहे की अलमारी, जिसमें रिया के सारे कपड़े ठूंस-ठूंस कर रखे थे। एक छोटा सा टेबल, जहां वह चाय पीती या किताबें पढ़ती। किचन का कोना अलग से, जहां गैस स्टोव और एक पुराना फ्रिज खड़ा था। खिड़की से बाहर गली का नजारा दिखता, लेकिन रात में सब अंधेरा। बाथरूम बाहर ही था, साझा।

लेकिन रिया के लिए यह जगह स्वर्ग थी – यहां कोई उसे जज नहीं करता, कोई सवाल नहीं पूछता।

रिया 25 साल की थी, एक साधारण सी लड़की जो बाहर से बहुत सीरियस लगती। वह लोकल स्कूल में टीचर थी, जहां कक्षा 5वीं के बच्चे उसे ‘मैम रिया’ कहकर बुलाते। सुबह 8 बजे स्कूल जाती, शाम 4 बजे लौटती। लेकिन उसके अंदर एक आग सुलग रही थी, जो दिन भर दबाकर रखती।

रिया का चेहरा बहुत सुंदर था – गोल-गोल बड़ी-बड़ी काली आंखें, जो किसी को भी मोह लेतीं। नाक सीधी, होंठ मोटे और गुलाबी, जैसे चूमने को बने हों। बाल लंबे, काले, जो कमर तक लहराते। लेकिन असली कमाल उसके शरीर का था। 5 फुट 4 इंच की हाइट, लेकिन फिगर 36-28-36 का। स्तन बड़े-बड़े, गोल, जैसे दो बड़े आम लटक रहे हों। कमर पतली, लेकिन कूल्हे चौड़े, गांड इतनी मोटी और गोल कि साड़ी में भी हिलती-डुलती। गोरी चमड़ी, जो सूरज की किरणों में चमकती।

रिया जानती थी कि पुरुष उसे घूरते हैं – बाजार जाते वक्त, बस में, स्कूल के बाहर। लेकिन वह कभी किसी को पास न आने देती। क्यों उसे समाज का डर, परिवार का डर था, उसके माता-पिता गांव में रहते थे, पिता किसान, मां घर संभालती। अगर उन्हें पता चला कि बेटी का कोई अफेयर है, तो क्या होगा?

लेकिन रातें अलग थीं। रातें रिया की अपनी। यहां वह अपनी सारी कुंठाओं को बाहर निकालती।

आज का दिन भी वैसा ही बीता, लेकिन थोड़ा अलग। सुबह उठी रिया, घड़ी में 6:30 बज रहे थे। बेड से उतरी, खिड़की खोली। ठंडी हवा आई, लेकिन मन गर्म था। नहाने चली गई। बाथरूम में ठंडे पानी से नहाई। साबुन लगाया पूरे शरीर पर। स्तनों पर हाथ फेरा, निप्पल्स को छुआ।

‘आह…’ हल्की सिसकी। चूत पर साबुन लगाया, उंगलियां अंदर सरकाई। लेकिन रुकी, क्योंकि समय कम था।

नहाकर बाहर आई, तौलिए से पोंछा। फिर साड़ी चुनी – आज हल्की नीली रंग की कॉटन की साड़ी, जो उसके गोरे रंग पर चमकती। ब्लाउज टाइट, जो स्तनों को ऊपर उठाता। पेटीकोट बांधा, चोली पहनी। आईना देखा – परफेक्ट। बाल संवारे, सिंदूर लगाया (हालांकि शादीशुदा नहीं थी, लेकिन आदत से)। नाश्ता किया – दो परांठे और चाय। फिर स्कूल के लिए निकली।

स्कूल पहुंची, बच्चे इंतजार कर रहे। कक्षा में घुसी, ‘गुड मॉर्निंग चिल्ड्रन।’ बच्चे बोले, ‘गुड मॉर्निंग मैम।’

आज मैथ्स की क्लास थी। बोर्ड पर समीकरण लिखे, समझाया। लेकिन बीच-बीच में मन भटकता।

सहकर्मी सरिता ने लंच ब्रेक पर कहा, ‘रिया, तू इतनी खूबसूरत है, कोई बॉयफ्रेंड क्यों नहीं बनाती? देख, कितने लड़के तेरे पीछे पड़े हैं।’

रिया हंस पड़ी, ‘अरे सरिता, मैं तो टीचर हूं, क्या करूं? बच्चे ही मेरे बॉयफ्रेंड।’ लेकिन मन ही मन सोच रही थी – हां, क्यों नहीं? रात को कोई साथी हो, जो मुझे छुए, चूमे, चोदे।

दोपहर में एक लड़का आया, नाम राहुल, 18 साल का, स्कूल के बाहर घूमता। ‘मैम, आप बहुत सुंदर लग रही हैं।’ रिया ने डांटा, ‘बच्चे, पढ़ाई पर ध्यान दो।’ लेकिन अंदर उत्साह। शाम को स्कूल से लौटी, थकी हुई। बाजार गई, सब्जी लाई। घर पहुंची, खाना बनाया – दाल, चावल, सब्जी। अकेले खाया, टीवी ऑन किया। कोई सीरियल देखा, लेकिन मन कहीं और।

जैसे ही रात के 10 बज गए, कमरा अंधेरा कर दिया। बत्ती बंद की, बेड पर लेट गई। हवा ठंडी थी, लेकिन रिया का शरीर जल रहा था। पतली सी नाइटी पहनी थी, जो घुटनों तक। अंदर कुछ नहीं।

हाथ धीरे-धीरे ऊपर गए, चोली पर। निप्पल्स सख्त हो चुके थे, नाइटी के ऊपर से उभरे। उंगली से छुआ, घुमाया। ‘उम्म…’ सिसकी निकली। फिर हाथ नीचे, नाइटी ऊपर की। जांघों पर फेरा। चूत पर पहुंची। पहले से गीली, चिपचिपी। दो उंगलियां अंदर डाली। धीरे-धीरे अंदर-बाहर। लेकिन कल्पना शुरू हो गई।

आज राज था मन में। राज, उसका पड़ोसी। 30 साल का, ऊपर वाले फ्लैट में रहता। जिम जाता, बॉडी बिल्डर। लंबा कद – 6 फुट, चौड़ी छाती, मसल्स कड़े। चेहरा हैंडसम, दाढ़ी हल्की, आंखें तेज। राज इंजीनियर था, किसी कंपनी में। कभी-कभी सीढ़ियों पर मिलते, ‘हाय रिया जी, कैसी हैं?’ मुस्कुराता। रिया जानती थी, उसकी नजरें उसके स्तनों पर, गांड पर ठहरतीं। राज भी अकेला था, बीवी से अलग हो गया था। रिया ने सुना था।

कल्पना में, रिया का कमरा वैसा ही, लेकिन दरवाजा खुला छोड़ दिया था। बाहर से कदमों की आहट। राज अंदर घुस आया। वह काली टी-शर्ट और टाइट जींस में था, जिम से लौटा, पसीना बह रहा। बाल गीले, सांसें तेज। ‘रिया… मैं और बर्दाश्त नहीं कर पा रहा। रोज तुझे देखता हूं। सुबह स्कूल जाते वक्त तेरी साड़ी में हिलती गांड। शाम को बाजार से लौटते वक्त तेरे स्तन उछलते। आज चोदूंगा तुझे, पूरी रात।’ राज की आवाज गहरी, कमांडिंग। रिया बेड पर बैठी, डरते हुए लेकिन उत्साहित। ‘राज… ये गलत है। कोई देख लेगा। लेकिन… आ जाओ, मैं भी चाहती हूं।’ राज ने दरवाजा बंद किया, कुंडी लगाई। फिर रिया के पास आया। उसके मजबूत हाथ रिया के कंधों पर पड़े। धीरे से दबाए। फिर गर्दन पर, चूमने लगा। होंठों पर किस। जीभ अंदर। रिया ने जवाब दिया, जीभ लड़ाई। सांसें मिलीं।

राज के हाथ नीचे सरके, नाइटी के कंधे पर। खींचा नीचे। नाइटी कमर तक सरक गई। स्तन नंगे। बड़े-बड़े, गोरे, निप्पल्स सख्त। ‘वाह रिया, कितने परफेक्ट मम्मे। रोज सपने में इन्हें चूसता हूं।’ राज ने अपना मुंह आगे किया। एक स्तन पकड़ा, निप्पल मुंह में लिया। जोर से चूसा। जीभ से घुमाया। दांतों से हल्का काटा। रिया की पीठ पर करंट दौड़ा। ‘आह राज… दर्द हो रहा… लेकिन इतना मजा… चूसो जोर से।

दूसरा भी दबाओ।’ राज ने दूसरा स्तन हाथ में लिया, निचोड़ा। जैसे दूध निकाल रहा हो। उंगली से निप्पल दबाया। रिया का शरीर कांप रहा, सांसें तेज। स्तन लाल हो गए चूसने से। राज नीचे सरका, नाभि पर चूमा। जीभ अंदर डाली। फिर जांघों पर हाथ। नाइटी पूरी उतार दी। रिया नंगी। चूत गीली चमक रही।

राज के हाथ चूत पर। उंगलियां क्लिटोरिस पर रगड़ी। ‘देख रिया, तेरी चूत कितना रस छोड़ रही। तू कितनी हॉर्नी रंडी है।’ हंसकर बोला। दो उंगलियां अंदर डाली। चूत तंग, गर्म। अंदर-बाहर किया, तेज। चूत का पानी बाहर बहा, बेड पर गीला पैच।

‘हां राज… उंगली चोदो… क्लिट को रगड़ो… आह…’ रिया चिल्लाई। उसके हाथ राज के सिर पर, बाल खींचे। राज ने तीन उंगलियां डाली, G-स्पॉट मारा। रिया उछल पड़ी। ‘मैं… आ रही हूं…’ लेकिन राज रुका, ‘अभी नहीं, पहले मैं।’

राज खड़ा हुआ। टी-शर्ट उतारी। छाती नंगी – मसल्स, पेक्टोरल्स कड़े। निप्पल्स छोटे। फिर जींस खोली, बेल्ट निकाली। अंडरवियर उतारा। लंड बाहर कूदा – मोटा, 9 इंच लंबा, सिरा लाल, नसें फूलीं। सीधा खड़ा, टपक रहा प्रीकम। रिया ने देखा, मुंह खुला। ‘कितना बड़ा… मेरा मुंह फट जाएगा।’ लेकिन आंखें लालची।

राज बोला, ‘चूस ले रिया, इसे अपना बना। रिया घुटनों पर बैठ गई। हाथों से पकड़ा – गर्म, कठोर। जीभ से चाटा सिरे को। नमकीन स्वाद। फिर मुंह में लिया। आधा गया। चूसने लगी, सिर हिलाया। लार टपकी। राज ने सिर पकड़ा, ‘गले तक ले रंडी।’ धक्का मारा, लंड गले में। रिया गैग की, आंसू आए, लेकिन चूसी। जीभ से नीचे चाटी। गेंदों को हाथ से सहलाया। राज कराहा, ‘हां… अच्छा लगा… चूसते रह।’ 10 मिनट चूसा, लंड चमकदार हो गया।

राज ने रिया को उठाया, बेड पर लिटाया। पैर फैलाए। चूत पर लंड रगड़ा। सिरा क्लिट पर। ‘डालो राज… चोदो मुझे… कब से इंतजार।’ रिया गिड़गिड़ाई। राज ने कमर पकड़ी। धीरे से सिरा अंदर। चूत फैली। फिर पूरा धक्का – लंड अंदर। ‘आह… फट गई चूत।’ दर्द, लेकिन सुख।

राज ने धीरे-धीरे क़मर चलाई। अंदर-बाहर। चूत लंड को चूस रही। ‘कितनी तंग चूत… पहली बार लग रहा।’ राज बोला। स्पीड बढ़ाई। धड़-धड़। रिया के स्तन उछल रहे। हाथों से पकड़े। ‘चोदो जोर से… तेरी चूत तेरी। मारो धक्के।’ पसीना दोनों पर। कमरा गर्म। 15 मिनट चुदाई। रिया की

चूत सिकुड़ी, रस बहा। ‘आह… मैं झड़ गई…’

राज रुका नहीं। रिया को उल्टा किया। डॉगी स्टाइल। गांड ऊपर, कमर नीचे। गांड पर थप्पड़ – चटाक। लाल निशान। ‘कितनी रसीली गांड। चोदूं यहां?’ ‘पहले चूत… गांड बाद में।’ रिया बोली। लंड चूत में डाला। पीछे से धक्के। गहराई ज्यादा, सर्विक्स मारा। रिया चीखी, ‘हां… थप्पड़ मारो… चोदो रंडी को।’ राज ने गांड पकड़ी, बाल खींचे। तेज चुदाई। पसीना टपक। फिर पोजीशन बदली – काउगर्ल। रिया ऊपर बैठी, लंड पर। ऊपर-नीचे कूदने लगी। स्तन उछले। राज ने नीचे से धक्के मारे, स्तन चूसे। ‘हां रिया… राइड कर… तेरी चूत लंड को दबा रही।’ रिया थकी, लेकिन जारी। दूसरा ऑर्गास्म आया।

फिर मिशनरी। पैर कंधों पर। गहरा घुसा। राज ने स्पीड बढ़ाई। ‘झड़ने वाला हूं… अंदर?’ ‘हां… भर दो चूत।’ आखिरी धक्के। वीर्य छोड़ा – गर्म, झटके-झटके। चूत ओवरफ्लो। राज बाहर निकाला, कुछ वीर्य गांड पर टपका। दोनों लेटे, सांसें तेज। लेकिन कल्पना जारी। राज बोला, ‘अभी गांड चोदूं?’ रिया सहमती। लंड फिर सख्त। उंगली से गांड चिकनी की। फिर धीरे डाला। दर्द, लेकिन रिया बोली, ‘चोदो…’ धक्के। ऑर्गास्म फिर।

कल्पना खत्म हुई। रिया असल में उंगली से चुदाई की। झड़ी। सोची, कल राज से मिलूंगी।