कॉलेज के सर ने रखैल बना कर चोदा

(College Ke Sir Ne Rakhail Bana Kar Choda)

दो साल पहले की बात है जब मैं बारहवीं कक्षा की साइंस की छात्रा शारदा सिंह लखनऊ से थी। पीसीएम लेने के बाद मैं रोजाना पोर्न देखती थी और मेरी चूत हमेशा गीली रहती थी। मेरे कॉलेज के दो अनमैरिड टीचर भरत सर और अभिजीत सर दोनों एक ही घर में रहते थे। दोनों बहुत हॉर्नी थे और क्लास की कई लड़कियों के साथ पहले से ही चुदाई कर चुके थे।

मैंने उनकी ट्यूशन जॉइन की। पहले दिन मैंने मिनी स्कर्ट और टाइट शर्ट पहनी। दोनों सर मेरी 34-28-36 वाली फिगर को घूरते रहे। भरत सर ने मुझे वैलेंटाइन कार्ड दिया और प्यार का इजहार किया। मैंने पहले मना किया लेकिन फिर मान गई।

सोफे पर हमारा जोश भरा किस शुरू हुआ। उन्होंने मेरी शर्ट और स्कर्ट उतार दी। गुलाबी ब्रा और पैंटी में मैं उनके सामने खड़ी थी। उन्होंने मेरी छातियों को जोर से दबाया और पैंटी के ऊपर से ही मेरी चूत में उंगली डाली। फिर ब्रा और पैंटी भी उतार दी।

वे मेरी शेव्ड वर्जिन चूत पर मुंह लगा कर चाटने लगे। उनकी जीभ मेरी चूत के अंदर घुस रही थी। मैं जोर-जोर से चीख रही थी और उनसे चोदने की गुजारिश कर रही थी। भरत सर ने अपना सात इंच का लंड निकाला और मेरी चूत के मुंह पर रखा।

एक जोरदार धक्का मारा तो मेरा हymen फट गया। दर्द से मेरी आंखों से आंसू निकल आए लेकिन वे रुके नहीं। पूरा लंड अंदर घुसा दिया और तेजी से चोदने लगे। मेरी चूत से खून निकल रहा था। पंद्रह मिनट बाद उन्होंने मेरी चूत में अपना गरम माल छोड़ दिया।

अगले दिन अभिजीत सर ने भी प्यार जताया। मैंने उन्हें बताया कि भरत सर के साथ मेरी चुदाई हो चुकी है। उन्होंने मुझे पंद्रह हजार रुपये दिए और कहा कि वे भी मेरा बॉयफ्रेंड बनना चाहते हैं। मैं मान गई।

उन्होंने मुझे नंगा किया। उनका नौ इंच का मोटा लंड देखकर मेरी आंखें फटी की फटी रह गईं। मैं घुटनों के बल बैठ गई और उनका लंड मुंह में ले लिया। गले तक चूसने लगी। वे मेरे बाल पकड़कर लंड आगे-पीछे कर रहे थे।

फिर उन्होंने कहा कि वे मेरी गांड मारना चाहते हैं। मैं चारों हाथ-पैरों पर बैठ गई। उन्होंने मेरी गांड के छेद को चाटा और फिर अपना मोटा लंड अंदर घुसाने लगे। दर्द से मैं चीख पड़ी लेकिन वे रुके नहीं। पूरा नौ इंच अंदर घुसा दिया।

वे मेरी गांड को जोर-जोर से ठोकने लगे। मेरी आंखों से आंसू बह रहे थे। आधे घंटे बाद उन्होंने मेरी गांड में झड़कर अपना सारा माल अंदर छोड़ दिया।

उस दिन से मैं रोज दोनों सरों के बीच बंटी हुई हूं। एक दिन भरत सर की चूत और गांड मारते हैं तो दूसरे दिन अभिजीत सर की बारी होती है। दोनों सर मुझे बारी-बारी से चोदते हैं।

एक शाम भरत सर ने मुझे घर बुलाया। मैंने छोटी सी स्कर्ट पहनी थी। उन्होंने मुझे सोफे पर लिटाया और मेरी टांगें फैला दीं। उनकी जीभ मेरी चूत में घुसकर चाट रही थी। मैं उनकी सिर के बाल पकड़कर जोर से दबा रही थी।

“सर, और जोर से चाटो,” मैं चीख रही थी। उन्होंने मेरी चूत के होठों को चूस लिया और निप्पल को उंगलियों से मसल रहे थे। मेरी चूत से पानी निकल रहा था।

फिर उन्होंने अपना लंड निकाला और मेरी चूत में घुसा दिया। एक-एक धक्का इतना जोरदार था कि सोफा हिल रहा था। मेरी छातियां ऊपर-नीचे हो रही थीं। भरत सर ने मेरी कमर पकड़कर और तेजी से चोदना शुरू कर दिया।

“शारदा, तेरी चूत बहुत टाइट है,” वे बोल रहे थे। मैं उनकी पीठ पर नाखून गड़ा रही थी। पंद्रह मिनट बाद उन्होंने मेरी चूत में झड़ दिया। गरम-गरम माल मेरी चूत में भर गया।

अगले दिन अभिजीत सर ने मुझे बाथरूम में बुलाया। उन्होंने मुझे नंगा कर दिया और मेरी गांड पर तेल लगाया। मैं झुक गई। उन्होंने अपना नौ इंच का लंड मेरी गांड में घुसा दिया।

“आह्ह्ह… सर धीरे,” मैं चीखी लेकिन वे नहीं रुके। पूरा लंड अंदर घुस गया। वे मेरी गांड के मांस को दोनों हाथों से निचोड़ते हुए जोर-जोर से धक्के मार रहे थे।

मेरी गांड से चिकनाहट की आवाजें आ रही थीं। अभिजीत सर ने मेरे बाल पकड़कर सिर पीछे किया और मेरी गर्दन पर काट लिया। मैं दर्द और मजे दोनों से कांप रही थी।

वे एक घंटे तक मेरी गांड मारते रहे। अंत में उन्होंने जोर से चीखते हुए मेरी गांड में झड़ दिया। माल इतना ज्यादा था कि मेरी गांड से बाहर निकलने लगा।

रात को दोनों सरों ने मुझे एक साथ बुलाया। भरत सर ने मेरी चूत में लंड डाला और अभिजीत सर ने मेरी गांड में। दोनों एक साथ धक्के मार रहे थे। मैं बीच में फंसकर चीख रही थी।

“दोनों सर मुझे और जोर से चोदो,” मैं चीख रही थी। दोनों ने मेरी छातियों को निचोड़ते हुए अपनी रफ्तार बढ़ा दी। मेरी चूत और गांड दोनों एक साथ भर रही थीं।

एक घंटे बाद दोनों ने एक साथ झड़कर मेरी चूत और गांड में माल छोड़ दिया। मैं थककर गिर पड़ी। दोनों सर मेरे ऊपर लेट गए।

अगले हफ्ते भरत सर ने मुझे अपनी कार में ले गए। कार के पीछे सीट पर उन्होंने मुझे घुटनों के बल बिठाया और मेरी चूत चाटी। फिर लंड घुसा दिया। कार हिल रही थी।

“सर कोई देख लेगा,” मैं डर रही थी। उन्होंने कहा, “कोई नहीं देखेगा।” वे मेरी गांड पर थप्पड़ मारते हुए चोद रहे थे। मैं जोर-जोर से चीख रही थी।

अभिजीत सर ने मुझे लाइब्रेरी में बुलाया। उन्होंने मेरी स्कर्ट उठाई और पैंटी उतार दी। किताबों की अलमारियों के बीच उन्होंने मेरी चूत में लंड डाला।

“यहां कोई आ सकता है,” मैं फुसफुसाई। उन्होंने मेरे मुंह पर हाथ रखा और तेजी से चोदना शुरू कर दिया। मेरी चूत से पानी निकल रहा था।

एक शाम दोनों सरों ने मुझे होटल ले गए। कमरे में तीनों नंगे हो गए। भरत सर ने मेरी चूत में लंड डाला और अभिजीत सर ने मुंह में।

मैं दोनों के लंड चूस रही थी और चूत में ले रही थी। दोनों सर मेरी छातियों को निचोड़ रहे थे।

“शारदा, तू हमारी रखैल है,” वे बोल रहे थे। मैं मुस्कुरा कर बोली, “हां सर, मैं आपकी रखैल हूं।”

वे मुझे बारी-बारी से चोदते रहे। एक घंटे बाद दोनों ने मेरे मुंह और चूत में झड़ दिया। मैं उनका माल पी गई।

अगले दिन भरत सर ने मुझे स्कूल के बाद अपने घर बुलाया। उन्होंने मुझे बेड पर लिटाया और मेरी टांगें अपने कंधों पर रख दीं।

“आज तेरी चूत को और गहराई तक चोदूंगा,” उन्होंने कहा। उन्होंने अपना लंड निकाला और एक जोरदार धक्का मारा। पूरा लंड अंदर घुस गया।

मैं चीख पड़ी। उन्होंने मेरी छातियों को दोनों हाथों से दबाते हुए तेजी से चोदना शुरू कर दिया। मेरी चूत से चिकनाहट की आवाजें आ रही थीं।

“सर, और जोर से,” मैं चीख रही थी। उन्होंने मेरी कमर पकड़कर और तेज धक्के मारे।

अभिजीत सर ने मुझे रात को बुलाया। उन्होंने मेरी गांड में लंड डाला। मैं कुत्ते की तरह चारों हाथ-पैरों पर थी।

“शारदा, तेरी गांड बहुत टाइट है,” उन्होंने कहा। उन्होंने मेरी गांड के मांस को निचोड़ते हुए जोर-जोर से धक्के मारे।

मैं चीख रही थी। उन्होंने मेरे बाल पकड़कर सिर पीछे किया। एक घंटे बाद उन्होंने मेरी गांड में झड़ दिया।

सुबह भरत सर ने मुझे फिर बुलाया। उन्होंने मेरी चूत चाटी और फिर लंड घुसा दिया। वे मेरी छातियों को चूसते हुए चोद रहे थे।

“शारदा, तू बहुत अच्छी चूदती है,” उन्होंने कहा। मैं उनकी पीठ पर नाखून गड़ा रही थी।

अगले हफ्ते दोनों सरों ने मुझे एक साथ लिया। भरत सर ने मेरी चूत में लंड डाला और अभिजीत सर ने मेरी गांड में।

दोनों एक साथ धक्के मार रहे थे। मैं बीच में फंसकर चीख रही थी। दोनों ने मेरी छातियों को निचोड़ते हुए अपनी रफ्तार बढ़ा दी।

एक घंटे बाद दोनों ने एक साथ झड़कर मेरी चूत और गांड में माल छोड़ दिया। मैं थककर गिर पड़ी।

अगले दिन भरत सर ने मुझे कार में चोदा। उन्होंने मेरी चूत में लंड डाला और तेजी से धक्के मारे।

“सर, कोई देख लेगा,” मैं डर रही थी। उन्होंने कहा, “कोई नहीं देखेगा।” वे मेरी गांड पर थप्पड़ मारते हुए चोद रहे थे।

अभिजीत सर ने मुझे लाइब्रेरी में बुलाया। उन्होंने मेरी स्कर्ट उठाई और पैंटी उतार दी। किताबों की अलमारियों के बीच उन्होंने मेरी चूत में लंड डाला।

“यहां कोई आ सकता है,” मैं फुसफुसाई। उन्होंने मेरे मुंह पर हाथ रखा और तेजी से चोदना शुरू कर दिया।

एक शाम दोनों सरों ने मुझे होटल ले गए। कमरे में तीनों नंगे हो गए। भरत सर ने मेरी चूत में लंड डाला और अभिजीत सर ने मुंह में।

मैं दोनों के लंड चूस रही थी और चूत में ले रही थी। दोनों सर मेरी छातियों को निचोड़ रहे थे।

“शारदा, तू हमारी रखैल है,” वे बोल रहे थे। मैं मुस्कुरा कर बोली, “हां सर, मैं आपकी रखैल हूं।”

वे मुझे बारी-बारी से चोदते रहे। एक घंटे बाद दोनों ने मेरे मुंह और चूत में झड़ दिया। मैं उनका माल पी गई।

अगले दिन भरत सर ने मुझे स्कूल के बाद अपने घर बुलाया। उन्होंने मुझे बेड पर लिटाया और मेरी टांगें अपने कंधों पर रख दीं।

“आज तेरी चूत को और गहराई तक चोदूंगा,” उन्होंने कहा। उन्होंने अपना लंड निकाला और एक जोरदार धक्का मारा। पूरा लंड अंदर घुस गया।

मैं चीख पड़ी। उन्होंने मेरी छातियों को दोनों हाथों से दबाते हुए तेजी से चोदना शुरू कर दिया। मेरी चूत से चिकनाहट की आवाजें आ रही थीं।

“सर, और जोर से,” मैं चीख रही थी। उन्होंने मेरी कमर पकड़कर और तेज धक्के मारे।

अभिजीत सर ने मुझे रात को बुलाया। उन्होंने मेरी गांड में लंड डाला। मैं कुत्ते की तरह चारों हाथ-पैरों पर थी।

“शारदा, तेरी गांड बहुत टाइट है,” उन्होंने कहा। उन्होंने मेरी गांड के मांस को निचोड़ते हुए जोर-जोर से धक्के मारे।

मैं चीख रही थी। उन्होंने मेरे बाल पकड़कर सिर पीछे किया। एक घंटे बाद उन्होंने मेरी गांड में झड़ दिया।

सुबह भरत सर ने मुझे फिर बुलाया। उन्होंने मेरी चूत चाटी और फिर लंड घुसा दिया। वे मेरी छातियों को चूसते हुए चोद रहे थे।

“शारदा, तू बहुत अच्छी चूदती है,” उन्होंने कहा। मैं उनकी पीठ पर नाखून गड़ा रही थी।

अगले हफ्ते दोनों सरों ने मुझे एक साथ लिया। भरत सर ने मेरी चूत में लंड डाला और अभिजीत सर ने मेरी गांड में।

दोनों एक साथ धक्के मार रहे थे। मैं बीच में फंसकर चीख रही थी। दोनों ने मेरी छातियों को निचोड़ते हुए अपनी रफ्तार बढ़ा दी।

एक घंटे बाद दोनों ने एक साथ झड़कर मेरी चूत और गांड में माल छोड़ दिया। मैं थककर गिर पड़ी।