शिल्पा की उम्र 24 साल थी। उसके शरीर की हर इंच में एक अनजानी भूख समाई हुई थी। उसकी गोरी त्वचा दूध की तरह चमकती थी। उसके घुंघराले बाल कंधों तक लहराते रहते थे।
उसकी छातियाँ इतनी भरी हुई थीं कि सलवार-कमीज़ में भी उनका आकार साफ़ दिखता था। कुलदीप 26 साल का था। वह गुजरात में इंजीनियरिंग पढ़ रहा था। गाँव में जब भी आता, शिल्पा की निगाहें उसे ढूंढती रहती थीं।
एक शाम आम के बगीचे के पास शिल्पा अकेली खड़ी थी। कुलदीप ने दूर से ही उसे देख लिया। उसने हाथ हिलाया। शिल्पा ने भी जवाब दिया। दोनों धीरे-धीरे एक-दूसरे के करीब आए। कुलदीप ने शिल्पा का हाथ थामा। शिल्पा की सांसें तेज हो गईं।
“तुम्हें डर नहीं लगता?” कुलदीप ने पूछा।
“डर तो लगता है, लेकिन तुम्हारे साथ रहने का मज़ा भी तो चाहिए,” शिल्पा ने शरारत भरी मुस्कान के साथ जवाब दिया।
कुलदीप ने शिल्पा को दीवार के पीछे खींच लिया। दोनों ने एक-दूसरे को गले लगाया। कुलदीप ने शिल्पा के होंठों पर अपना मुँह रख दिया। शिल्पा ने भी जोर से उसका होंठ चूमा। उनकी जीभें एक-दूसरे के मुँह में घुस गईं।
कुलदीप ने शिल्पा की पीठ पर हाथ फेरा और उसे और करीब खींच लिया। शिल्पा को महसूस हुआ कि कुलदीप का लंड उसके पेट से टकरा रहा है।
“यह क्या है?” शिल्पा ने शरारत से पूछा।
“तुम्हारी वजह से हुआ है,” कुलदीप ने कहा।
शिल्पा ने हिम्मत करके अपने हाथ से कुलदीप के लंड को कपड़ों के ऊपर से दबाया। कुलदीप की सांसें रुक गईं।
“बहुत गर्म है,” शिल्पा ने फुसफुसाया।
“तुम्हारी चूत भी बहुत गर्म होगी,” कुलदीप ने जवाब दिया।
दोनों ने फिर गहरी किस की। कुलदीप ने शिल्पा की छाती को हाथ से दबाया। शिल्पा की चूचियाँ कड़ी हो गई थीं। कुलदीप ने उन्हें कपड़ों के ऊपर से चूसा। शिल्पा ने जोर से सांस ली।
अगले दिन माँ ने शिल्पा से कहा कि कुलदीप के घर कुछ सामान ले जाओ। शिल्पा का दिल तेजी से धड़कने लगा। वह जानती थी कि कुलदीप का परिवार आज बाहर है।
जब शिल्पा कुलदीप के घर पहुँची, तो कुलदीप ने दरवाजा खोला। उसने शिल्पा को अंदर खींच लिया और तुरंत दरवाजा बंद कर दिया।
“आज कोई नहीं है,” कुलदीप ने कहा।
शिल्पा ने सामान मेज पर रखा। कुलदीप ने उसे माँ के कमरे में ले गया। बिस्तर पर दोनों बैठ गए। कुलदीप ने शिल्पा का चेहरा अपने हाथों में लिया और उसे चूमने लगा। शिल्पा ने भी जोर से उसका होंठ काट लिया।
कुलदीप ने शिल्पा की सलवार-कमीज़ उतार दी। शिल्पा अब सिर्फ ब्रा और पैंटी में थी। कुलदीप ने ब्रा का हुक खोला। शिल्पा की छातियाँ बाहर निकल आईं। कुलदीप ने दोनों चूचियों को हाथों में लिया और जोर से दबाया। शिल्पा की सांसें तेज हो गईं।
“बहुत सुंदर हैं,” कुलदीप ने कहा।
फिर उसने दाईं चूची को मुँह में लिया और जोर से चूसने लगा। शिल्पा ने कुलदीप के बालों में उंगलियाँ फेर दीं। कुलदीप ने बाईं चूची को भी चूसा। शिल्पा की चूचियाँ लाल हो गई थीं।
कुलदीप ने शिल्पा को बिस्तर पर लिटा दिया। उसने शिल्पा की पैंटी उतार दी। शिल्पा की चूत पूरी तरह गीली थी। कुलदीप ने अपनी उंगली से शिल्पा की चूत के होठों को छुआ। शिल्पा ने काँपते हुए सांस ली।
कुलदीप ने शिल्पा की टाँगें खोलीं और अपना मुँह उसकी चूत पर रख दिया। उसने शिल्पा की भग को जीभ से चाटा। शिल्पा ने जोर से चीख मारी।
“आह्ह्ह… कुलदीप… क्या कर रहे हो…”
कुलदीप ने शिल्पा की चूत के अंदर जीभ डाल दी। वह शिल्पा की चूत को जोर-जोर से चाट रहा था। शिल्पा की टाँगें काँप रही थीं। कुलदीप ने शिल्पा की भग को दाँतों से हल्का सा काट लिया। शिल्पा ने जोर से चीख मारी।
“मम्मी… मम्मी… आह्ह्ह…”
कुलदीप ने दस मिनट तक शिल्पा की चूत चाटी। शिल्पा का पूरा शरीर पसीने से तर हो गया था।
फिर कुलदीप ने अपना लंड निकाला। शिल्पा ने उसे देखा। लंड मोटा और लंबा था। शिल्पा ने घुटनों के बल बैठकर उसे हाथ में लिया।
“इतना बड़ा है,” शिल्पा ने कहा।
“तुम्हारी चूत में घुस जाएगा,” कुलदीप ने जवाब दिया।
शिल्पा ने लंड को मुँह में लिया। उसने जोर से चूसना शुरू कर दिया। कुलदीप ने शिल्पा के बालों में हाथ फेरा। शिल्पा ने लंड को गले तक लिया। कुलदीप की सांसें तेज हो गईं।
“बहुत अच्छा चूस रही हो,” कुलदीप ने कहा।
शिल्पा ने लंड को चूसते-चूसते कुलदीप के अंडों को भी हाथ से दबाया। कुलदीप का लंड और भी कड़ा हो गया।
कुलदीप ने शिल्पा को उठाया और बिस्तर पर लिटा दिया। उसने शिल्पा की टाँगें खोलीं। लंड को शिल्पा की चूत के मुहाने पर रखा।
“दर्द होगा,” कुलदीप ने कहा।
“फिर भी करो,” शिल्पा ने जवाब दिया।
कुलदीप ने लंड का सिर शिल्पा की चूत में घुसाया। शिल्पा ने जोर से चीख मारी।
“आह्ह्ह… मम्मी… मम्मी…”
कुलदीप ने थोड़ा और लंड अंदर घुसाया। शिल्पा की चूत बहुत तंग थी। लंड का आधा हिस्सा अंदर घुस चुका था। शिल्पा के आँसू निकल आए।
कुलदीप ने शिल्पा के होंठों पर अपना मुँह रख दिया। वह शिल्पा को चूमते हुए लंड को और अंदर घुसा रहा था। शिल्पा की चूत से खून निकल रहा था।
आखिरकार पूरा लंड शिल्पा की चूत में घुस गया। शिल्पा ने जोर से चीख मारी।
“फाड़ दिया… मेरी चूत फाड़ दी…”
कुलदीप ने शिल्पा की टाँगें ऊपर उठा लीं। वह जोर-जोर से शिल्पा की चूत में ठोके मारने लगा। शिल्पा का शरीर बिस्तर पर उछल रहा था।
“चोदो… जोर से चोदो…” शिल्पा चिल्लाने लगी।
कुलदीप ने शिल्पा की छातियों को हाथों में लिया और चूसते हुए जोरदार धक्के लगा रहा था। शिल्पा की चूत से “प्लच-प्लच” की आवाजें आ रही थीं।
कुलदीप ने शिल्पा को उठाया। अब वह शिल्पा को खड़े होकर चोद रहा था। शिल्पा की टाँगें हवा में लटक रही थीं। कुलदीप शिल्पा की चूत में जोर-जोर से लंड घुसा रहा था।
“आह्ह्ह… कुलदीप… मैं मर जाऊंगी…” शिल्पा चीख रही थी।
कुलदीप ने शिल्पा को दीवार से टिका दिया। वह शिल्पा की चूत में तेजी से लंड घुसा रहा था। शिल्पा की छातियाँ कुलदीप के मुँह में थीं। वह उन्हें चूस रहा था।
दोनों एक साथ झड़ गए। कुलदीप ने शिल्पा की चूत के अंदर ही अपना सारा वीर्य छोड़ा। शिल्पा की चूत से वीर्य बाहर बहने लगा।
शिल्पा ने कुलदीप के लंड को चूसा और उसे साफ किया। दोनों ने कपड़े पहने। शिल्पा घर लौट गई।
उस दिन के बाद जब भी कुलदीप गाँव आता, दोनों मिलकर घंटों सेक्स करते। शिल्पा की चूत की प्यास अब पूरी तरह मिट चुकी थी।