दोस्त की बहन को चोदा

(Dost Ki Sister Ko Choda)

विकास कुमार 25 साल का मांसल युवक था। उसकी कद-काठी 5 फीट 7 इंच थी और उसका लंड 7 इंच लंबा तथा 2.5 इंच मोटा था। वह मध्य प्रदेश में रहता था। उसके दोस्त सोहन के घर अक्सर काम से जाना होता था।

सोहन की 21 साल की बहन पूजा को देखते ही विकास का मन उसकी ओर खिंच जाता था। पूजा की काया 34-28-36 थी। विकास कभी भी कुछ करने की हिम्मत नहीं जुटा पाता था क्योंकि पूजा उसके दोस्त की बहन थी।

एक दिन सोहन ने विकास को अपने घर बुलाया। वह खुद शादी में गया हुआ था। विकास जब पहुँचा तो पूजा गुलाबी सूट पहने खड़ी थी।

अचानक मौसम खराब हो गया। पूजा की माँ ने विकास से रात भर रुकने का आग्रह किया। पूरे परिवार ने साथ भोजन किया और फिर हॉल में सोने की तैयारी की।

आधी रात को विकास को प्यास लगी। वह उठा और पानी पीने लगा। तभी उसे पूजा के माता-पिता के कमरे से तेज़ साँसों और चीखों की आवाज़ सुनाई दी।

वे ज़ोर-ज़ोर से चुदाई कर रहे थे। विकास का लंड तुरंत खड़ा हो गया। वह वापस लेटा और अपनी जांघों के बीच हाथ डालकर हस्तमैथुन करने लगा।

कुछ देर बाद वह उठा और सोई हुई पूजा के पास गया। उसने पूजा की छाती पर हाथ फेरा। फिर होंठों को छुआ और फिर उसके सलवार के ऊपर से चूत को सहलाया। पूजा अभी भी सो रही थी। विकास ने सलवार की नाल खोली और पैंटी नीचे उतार दी। पूजा की चूत पूरी तरह साफ़-मुँडी थी।

अचानक पूजा की आँखें खुल गईं। “कौन है?” उसने डरते हुए पूछा। विकास ने धीरे से कहा, “मैं हूँ, विकास।” पूजा घबरा गई और बोली, “माँ को बता दूँगी।

विकास ने उसका हाथ पकड़ लिया और कहा, “मैं तुमसे प्यार करता हूँ।” वह पूजा की जाँघों और स्तनों को सहलाने लगा। पूजा पहले तो मना करती रही पर धीरे-धीरे उसके शरीर में गर्मी फैलने लगी।

विकास ने पूजा के होंठों पर अपना मुँह रख दिया। वह चूमने लगा। फिर सलवार और पैंटी पूरी तरह उतार दी। पूजा की दोनों स्तन बाहर निकालकर उनको चूसने लगा। पूजा दर्द और मज़े के मिश्रण से कराह उठी। विकास ने पूजा से मुँह में लेने को कहा लेकिन पूजा ने मना कर दिया।

विकास ने पूजा की टाँगें फैलाईं। उसने अपनी लंड की नोक पर थूक लगाया और पूजा की तंग कुंवारी चूत में घुसाने लगा।

पूजा चीख पड़ी, “दर्द हो रहा है! रुक जाओ!” विकास ने उसका मुँह बंद करने के लिए चूम लिया और धीरे-धीरे धक्के मारने लगा। बीस से पच्चीस मिनट तक धीमी रफ्तार से चुदाई करने के बाद पूजा का शरीर काँप उठा। वह झड़ गई।

विकास ने पूजा को कुत्ते जैसी हालत में कर दिया। अब वह पीछे से जोर-जोर से धक्के मारने लगा। कुछ देर बाद उसने पूछा, “कहाँ गिराऊँ?” पूजा ने कहा, “मेरे स्तनों पर।” विकास ने अपना गरम-गरम वीर्य पूजा के स्तनों पर छोड़ दिया। पूजा ने उसे साफ़ किया और दोनों फिर सो गए।

उस रात के बाद जब भी मौका मिलता, विकास और पूजा चोरी-छुपे चुदाई करते। पूजा अब पूरी तरह विकास की हो चुकी थी।

अगली सुबह विकास की आँखें खुलीं तो पूजा उसके बगल में सो रही थी। उसकी साँसें धीमी और नियमित थीं। विकास ने चुपके से पूजा की जाँघ पर हाथ रखा और धीरे से सहलाने लगा। पूजा की आँखें खुल गईं।

वह मुस्कुराई और विकास के कान में फुसफुसाई, “रात बहुत अच्छी थी।” विकास ने उसे चूम लिया और फिर से पूजा की चूत को अपनी उँगलियों से छेड़ने लगा।

पूजा की माँ ने आवाज़ दी, “विकास, नाश्ता तैयार है।” दोनों जल्दी से कपड़े ठीक करके उठे। नाश्ते के दौरान पूजा की नज़रें बार-बार विकास की ओर जाती थीं। विकास भी उसे देखकर मुस्कुराता रहता था।

नाश्ते के बाद सोहन के पिता ऑफिस चले गए। माँ बाज़ार गई। घर में सिर्फ विकास और पूजा रह गए। पूजा ने विकास का हाथ पकड़कर अपने कमरे में ले गई। उसने दरवाज़ा बंद किया और विकास के सामने खड़ी हो गई। “फिर से करो,” उसने कहा।

विकास ने पूजा का सूट उतारा। पूजा नंगी खड़ी थी। विकास ने उसे बिस्तर पर लिटाया और उसकी चूत चाटने लगा। पूजा के शरीर में सिहरन दौड़ गई। वह विकास के सिर को दबाती रही। विकास ने अपनी जीभ से पूजा की चूत के अंदर तक घुसाया। पूजा जोर-जोर से चीखने लगी।

विकास ने अपना लंड निकाला और पूजा की चूत में घुसा दिया। इस बार पूजा का दर्द कम था। वह खुद ही कमर उठाकर धक्के खाने लगी। विकास ने पूजा की टाँगें अपने कंधों पर रखीं और जोर-जोर से चोदने लगा। पूजा का शरीर पसीने से तर हो गया।

विकास ने पूजा को उल्टा कर दिया। उसने पूजा की गांड को चाटा और फिर लंड को उसकी चूत में डाला। पूजा की गांड हिल रही थी। विकास ने पूजा की कमर पकड़कर जोर-जोर से धक्के मारे। पूजा का पहला ऑर्गेज्म आ गया।

विकास ने पूजा को घुमाया और उसके मुँह में लंड डाल दिया। पूजा ने पहली बार लंड चूसा। विकास ने पूजा के बाल पकड़कर उसके मुँह में चोदना शुरू किया। पूजा का मुँह लार से भर गया।

विकास ने पूजा को बिस्तर पर लिटाया और उसके स्तनों पर अपना वीर्य गिराया। पूजा ने उसे अपनी उँगलियों से साफ़ किया और चखा।

दोपहर के बाद विकास और पूजा फिर से चुदाई करने लगे। इस बार विकास ने पूजा की गांड में लंड डालने की कोशिश की। पूजा ने मना किया लेकिन विकास ने उसे मनाया। उसने थूक लगाकर पूजा की गांड में लंड घुसाया। पूजा चीख पड़ी लेकिन विकास ने उसे चूमकर चुप कराया।

पूजा की गांड तंग थी। विकास ने धीरे-धीरे धक्के मारे। पूजा का दर्द धीरे-धीरे मज़े में बदल गया। वह खुद ही विकास से और जोर से चोदने को कहने लगी।

शाम को जब माँ बाज़ार से लौटी तो दोनों फिर से सामान्य हो गए। लेकिन रात को फिर से विकास और पूजा ने चोरी-छुपे चुदाई की।

अगले दिन सोहन वापस आ गया। विकास को जाना पड़ा। लेकिन पूजा ने उसे वादा किया कि जब भी मौका मिलेगा, वे मिलेंगे।

विकास घर लौट आया। वह पूजा की याद में खोया रहता था। पूजा भी विकास को याद करती रहती थी।

एक हफ्ते बाद सोहन ने विकास को फिर से बुलाया। विकास खुशी-खुशी गया। इस बार पूजा ने विकास को अपने कमरे में बुलाया। दोनों ने पूरी रात चुदाई की।

विकास ने पूजा को कई तरह से चोदा। पूजा ने भी विकास को कई तरह से मज़ा दिया।

उनकी चुदाई का सिलसिला चलता रहा। पूजा अब विकास की पूरी तरह से हो चुकी थी।