मेरा नाम आकाश साहू है और मैं कोलकाता का रहने वाला हूँ मेरी उम्र 25 साल है और मैं एक आम बंगाली युवक हूँ लेकिन मेरी जिंदगी में एक ऐसा राज है जो मैंने कभी किसी को नहीं बताया आज मैं आपको अपनी कंटीली चाची के साथ हुई वो सारी बातें बताऊँगा जो मेरे जीवन की सबसे गर्म और यादगार घटना थी।
मैं 5 फीट 6 इंच का हूँ और मेरा लंड साढ़े छह इंच का है जिम जाने की वजह से मेरी बॉडी अच्छी खासी बन गई है और मेरे अंदर जोश भी काफी है ये बात मैं इसलिए बता रहा हूँ क्योंकि आगे की कहानी समझने के लिए ये जरूरी है।
21 मार्च का दिन था मेरे एक दूर के रिश्तेदार की शादी थी और मुझे वहाँ जाना था मैंने अपनी बाइक निकाली और घर से निकलने ही वाला था कि मेरी माँ का फोन आ गया।
बेटा सुन तेरी चाची सुनीता भी उस शादी में जाना चाहती हैं तू उन्हें भी ले ले रास्ते में उनके घर होता जा।
मैंने कहा ठीक है मम्मी मैं ले लूँगा चाची को।
मैंने बाइक स्टार्ट की और चाची के घर की तरफ चल दिया मन ही मन सोच रहा था कि चाची तो काफी समय बाद दिखेंगी पिछली बार तो मैंने उन्हें तब देखा था जब मैं 18 साल का था और अब तो मैं पूरी तरह जवान हो चुका हूँ।
चाची के घर पहुँचा तो गेट खुला था मैं अंदर गया और आवाज लगाई चाची चाची आप तैयार हो ना।
अंदर से आवाज आई हाँ बेटा आ जा अंदर मैं तैयार हो रही हूँ।
मैं अंदर गया तो देखा चाची साड़ी पहन रही थीं और उनका ब्लाउज अभी पूरी तरह बंद नहीं हुआ था उनकी उम्र 38 साल थी लेकिन वो इतनी आकर्षक लग रही थीं कि कोई भी 25 साल की लड़की उनके सामने फीकी पड़ जाए।
चाची का फिगर 36-32-40 था यानी ऊपर से भारी कमर पतली और नीचे से काफी गोल मटोल उनकी हाइट 5 फीट 2 इंच थी लेकिन उस छोटे से शरीर में इतना कुछ समाया हुआ था कि देखते ही बनता था।
चाची ने मुझे देखा और मुस्कुराईं अरे आकाश तुम तो बहुत बड़े हो गए हो पहचानना भी मुश्किल हो रहा है कितने साल हो गए तुम्हें देखे।
मैंने कहा हाँ चाची लगभग 7-8 साल हो गए होंगे।
चाची ने मुझे ऊपर से नीचे तक देखा और उनकी नजरें मेरे शरीर पर रुक गईं तुम तो बहुत फिट लग रहे हो जिम जाते हो क्या।
मैंने कहा हाँ चाची रोज जाता हूँ।
उन्होंने मेरे कंधे को छुआ और कहा बहुत अच्छे लग रहे हो बेटा शादी में तो लड़कियाँ तुम्हारे पीछे पड़ जाएँगी।
उनका हाथ मेरे कंधे पर था और मैं उनके इतने करीब था कि उनके परफ्यूम की खुशबू मेरे नथुनों में समा रही थी मेरा दिल जोर से धड़कने लगा।
चाची ने साड़ी ठीक की और मेरे पास आकर बैठ गईं तो बेटा बताओ तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है क्या।
मैंने कहा नहीं चाची अभी तो कोई नहीं है।
उन्होंने मेरी तरफ झुककर कहा तो फिर तुम्हारी जवानी कहाँ जाती है कोई तो होगी मुझसे छुपाओ मत।
उनकी आवाज में एक अलग तरह की शरारत थी और उनकी आँखों में कुछ और ही था मैं घबरा गया और बोला सच में नहीं है चाची।
चाची ने मेरी ठोड़ी पकड़ी और मेरी आँखों में देखा आकाश तुम झूठ बोलते हो मुझे पता है तुम्हारे अंदर कितना जोश है मैं तुम्हारी चाची हूँ मुझसे कुछ छुपाओ मत।
मैं पूरी तरह से कन्फ्यूज हो गया था कि चाची आखिर चाहती क्या हैं लेकिन उनकी बातों में ऐसा कुछ था जो मुझे उनकी तरफ खींच रहा था।
चाची ने धीरे से कहा आकाश मैं तुमसे एक बात पूछूँ लेकिन तुम सच बताना मेरा मतलब है क्या तुमने कभी किसी बड़ी उम्र की औरत के साथ सेक्स किया है।
ये सुनते ही मेरे होश उड़ गए मैंने कहा चाची आप ये क्या पूछ रही हो।
उन्होंने मेरा हाथ पकड़ा और अपनी जांघों पर रख दिया मैं तुमसे सवाल पूछ रही हूँ तुम जवाब दो क्या कभी किसी बड़ी औरत को चोदा है तुमने।
उनकी सीधी बात ने मुझे और भी ज्यादा हॉट कर दिया मैंने कहा नहीं चाची कभी नहीं।
उन्होंने मेरी तरफ देखा और मुस्कुराईं तो आज तुम्हें मौका मिलेगा क्या करोगे।
मैंने कहा चाची आप मजाक कर रही हो।
उन्होंने अपना हाथ मेरी पैंट पर रख दिया और मेरे लंड को महसूस क्या मजाक तुम्हारा लंड तो पहले ही खड़ा है तुम मुझे चाहते हो ना।
मैं कुछ बोल नहीं पाया मेरा पूरा शरीर काँप रहा था उन्होंने मेरी पैंट का जिप खोला और मेरा लंड बाहर निकाल लिया चाची ने उसे देखा और कहा वाह आकाश ये तो बहुत बड़ा है साढ़े छह इंच कम से कम तो होगा ही।
उन्होंने अपना मुँह नीचे किया और मेरे लंड को चूसना शुरू कर दिया मैं चौंक गया लेकिन उनकी जीभ का स्पर्श इतना सुखद था कि मैं विरोध नहीं कर पाया उन्होंने पूरा लंड अपने मुँह में ले लिया और जोर जोर से चूसने लगीं।
चाची ने मेरा लंड चूसने के बाद मुँह पोंछा और बोलीं अब चलते हैं शादी में देर हो जाएगी लेकिन रास्ते में हमारा खेल जारी रहेगा।
हम बाइक पर बैठे मैंने बाइक स्टार्ट की और चाची ने मेरी कमर पकड़ ली थोड़ी देर बाद उन्होंने अपना हाथ मेरी पैंट के अंदर डाल दिया और मेरे लंड को सहलाने लगीं मैं परेशान हो गया और बोला चाची प्लीज मैं बाइक नहीं चला पाऊँगा।
उन्होंने कहा तो फिर रुक जाओ कहीं जंगल में चलो।
मैंने बाइक एक सूनसान जगह पर रोक दी जहाँ चारों तरफ पेड़ ही पेड़ थे और कोई दूर दूर तक नहीं था चाची बाइक से उतरीं और अपनी साड़ी उतारने लगीं मैंने कहा चाची यहाँ कोई देख लेगा।
उन्होंने कहा कोई नहीं देखेगा तू बस मेरा इंतजाम कर।
चाची ने अपनी साड़ी ब्लाउज और पेटीकोट सब उतार दिया और अब वो सिर्फ ब्रा और पैंटी में थीं उनका शरीर देखकर मैं पागल हो गया उनके स्तन बहुत बड़े थे और कमर इतनी पतली कि लगता था जैसे किसी ने मूर्ति गढ़ी हो।
उन्होंने अपनी ब्रा का हुक खोला और दोनों स्तन बाहर आ गए दूध काफी बड़े और गोल थे और निप्पल काले भूरे रंग के थे मैंने उन्हें अपने मुँह में लिया और चूसना शुरू कर दिया चाची ने मेरे सिर को अपने स्तनों से दबा लिया और कराहने लगीं।
हाँ बेटा यही करो मेरे दूध पी लो बहुत दर्द होता है इनमें तुम्हारे चाचा तो छूते भी नहीं हैं।
मैंने एक स्तन को मुँह में लिया और दूसरे को हाथ से दबाने लगा चाची की साँसें तेज हो गईं और वो मेरे कान में फुसफुसाईं अब मेरी चूत चाटो।
मैंने उनकी पैंटी उतारी और उनके पैरों के बीच देखा उनकी चूत पूरी तरह साफ थी और उसमें से पानी बह रहा था मैंने अपना मुँह वहाँ लगाया और जोर जोर से चाटने लगा मेरी जीभ उनके क्लिटोरिस पर घूम रही थी और उनकी चीखें जोर होती जा रही थीं।
चाची ने मेरे बाल पकड़ लिए और मेरा मुँह अपनी चूत पर दबाने लगीं हाँ हाँ यही करो मुझे और चाटो मैं तुम्हारे मुँह पर ही झड़ जाऊँगी।
कुछ ही देर में चाची का शरीर काँपने लगा और वो जोर से चिल्लाईं हाँ मैं आ गई मैं आ गई उनके शरीर से पानी निकल रहा था और मैंने उसे पी लिया।
चाची ने मुझे अपने ऊपर खींच लिया और बोलीं अब अपना लंड मेरी चूत में डालो लेकिन धीरे क्योंकि तुम बहुत बड़े हो।
मैंने अपना लंड उनकी चूत की दरार में रखा और धीरे से अंदर धकेला चाची ने दर्द से चीख निकाली आह ये तो बहुत बड़ा है लेकिन डालो डालो मैं सह लूँगी।
मैंने धीरे धीरे पूरा लंड अंदर कर दिया उनकी चूत बहुत गर्म और गीली थी और मेरे लंड को कसकर पकड़ रही थी मैंने हिलना शुरू किया पहले धीरे फिर तेज।
चाची मेरे नीचे पागल हो रही थीं वो चिल्ला रही थीं हाँ आकाश यही करो मुझे जोर से चोदो मैंने तो कभी ऐसा नहीं महसूस किया तुम्हारा लंड मेरी चूत को फाड़ रहा है।
मैंने उनके पैर कंधों पर रखे और और गहराई तक जाने लगा हर धक्के के साथ चाची की चीखें बढ़ती जा रही थीं और मैं उन्हें जोर से चोद रहा था।
लगभग 15 मिनट तक हम एक दूसरे में खोए रहे चाची पहले ही कई बार ऑर्गैज़्म कर चुकी थीं और मैं भी अपनी सीमा पर पहुँच रहा था।
चाची ने कहा बेटा मैं तुम्हारे सामने आ जाऊँ मुझे देखना है कि तुम कैसे गिराते हो।
उन्होंने मुझे अपने ऊपर से हटाया और मेरे लंड को अपने मुँह में ले लिया उन्होंने मेरे लंड को जोर से चूसा और मैं उनके मुँह में ही गिर गया मेरा पानी उनके मुँह में भर गया और उन्होंने सारा पी लिया।
चाची ने मुँह पोंछा और बोलीं बहुत अच्छा था माल तुम्हारा बहुत मीठा है।
हम दोनों ने कपड़े पहने और शादी की तरफ चल दिए लेकिन रात को हमने फिर से सेक्स किया इस बार और भी ज्यादा देर तक और कई पोजीशन में।
शादी खत्म होने के बाद हम वापस लौट रहे थे रास्ते में चाची ने कहा आज रात मेरे घर चलो तुम्हारे चाचा बाहर गए हैं पूरी रात हम अकेले हैं।
मैंने हाँ कहा और हम चाची के घर पहुँचे घर में सन्नाटा था चाची ने दरवाजा बंद किया और मुझे कमरे में ले गईं।
उन्होंने कहा आज मैं तुम्हें वो सब सिखाऊँगी जो तुमने कभी नहीं जाना पहले मुझे नंगा करो।
मैंने उनके कपड़े उतारे और वो मेरे सामने नग्न खड़ी थीं उन्होंने मेरे कपड़े भी उतारे और हम दोनों नग्न हो गए।
चाची ने मुझे बिस्तर पर लिटाया और ऊपर से काउगर्ल पोजीशन में आ गईं उन्होंने मेरा लंड अपने हाथ से पकड़ा और अपनी चूत में डाल लिया फिर वो ऊपर नीचे हिलने लगीं।
मैंने उनकी कमर पकड़ी और उनकी गति को तेज किया वो ऊपर उछल रही थीं और उनके स्तन मेरे चेहरे पर झूल रहे थे मैंने उनके स्तनों को चूसना शुरू किया।
चाची चिल्ला रही थीं हाँ आकाश तुम बहुत अच्छे हो मैं तुम्हारे लंड पर पागल हो रही हूँ।
उन्होंने डॉगी स्टाइल में भी किया फिर मिशनरी फिर लेटरल पोजीशन हर पोजीशन में हमने सेक्स किया और हर बार चाची को मेरे पास आने में देर नहीं लगी।
रात के तीन बजे तक हम सेक्स करते रहे फिर थक कर सो गए।
सुबह जब मैं उठा तो चाची ने नाश्ता बनाया था लेकिन उन्होंने मुझे कपड़े नहीं पहनने दिए नाश्ता भी नग्न ही किया फिर उन्होंने कहा अब जाओ लेकिन याद रखना तुमने मुझसे क्या किया।
मैंने कहा चाची मैं कभी नहीं भूलूँगा।
उन्होंने मुझे गले लगाया और कहा जब कभी मौका मिले तो आ जाना मैं तुम्हारा इंतजार करूँगी।
उसके बाद हम कई बार मिले और हर बार हमने एक दूसरे का भरपूर मजा लिया ये रिश्ता आज भी जारी है लेकिन हमने कभी किसी को नहीं बताया।
तो ये थी मेरी कंटीली चाची की कहानी जिसने मुझे अपनी शादी में बुलाकर ऐसा पिलाया कि मैं आज तक नहीं भूल पाया।