मुस्लिम लेडी डॉक्टर की चुदाई

(Muslim Lady Doctor Ki Chudai)

मेरा नाम राज है और मैं आपको अपनी एक अनोखी सच्ची कहानी सुनाने जा रहा हूँ जो मेरे जीवन का सबसे यादगार अनुभव रहा यह कहानी है एक खूबसूरत लेडी डॉक्टर की जिसने मेरी जिंदगी बदल दी।

बात उस दिन की है जब मैं पहली बार डॉक्टर नरगिस के नए क्लिनिक पर गया क्लिनिक शहर के एक प्राइम लोकेशन पर था और बाहर से ही बहुत आकर्षक लगता था मैं अंदर गया तो देखा कि वहाँ का इंटीरियर बहुत ही शानदार था साफ सुथरी दीवारें आधुनिक फर्नीचर और एक अलग ही शांति का माहौल था।

मैं रिसेप्शन पर बैठा था कि तभी डॉक्टर नरगिस अपने केबिन से बाहर निकलीं और मेरी नजरें उन पर ठहर गईं मैं हैरान रह गया उन्हें देखकर उनकी सुंदरता ऐसी थी जैसे कोई परी धरती पर उतर आई हो।

उनकी गोरी चमड़ी दूध जैसी सफेद और चमकदार थी उनके बाल काले और लंबे थे जो कंधों पर बिखरे हुए थे उनकी आँखें बड़ी बड़ी और काली थीं जो देखने वाले को अपनी ओर खींच लेती थीं।

डॉक्टर नरगिस ने एक सफेद कोट पहना हुआ था जिसके अंदर से उनके शरीर का आकार साफ नजर आ रहा था उनके स्तन बहुत बड़े थे और कोट के बटन उन्हें संभाल नहीं पा रहे थे उनकी कमर पतली थी और कूल्हे गोल और मजबूत थे जब वह चलती थीं तो उनके कूल्हों का हिलना देखने लायक होता था।

“अंदर आइए” उन्होंने मीठी आवाज में कहा और मैं उनके पीछे हो लिया।

केबिन के अंदर जाते ही एक अलग ही खुशबू थी जो मेरे मन को मोह रही थी मैंने अपनी सीट ली और डॉक्टर नरगिस मेरे सामने बैठ गईं उन्होंने अपना चश्मा लगाया जो उन्हें और भी आकर्षक बना रहा था।

“बताइए आपकी क्या समस्या है” उन्होंने पूछा

मैं थोड़ा हिचकिचाया फिर हिम्मत करके बोला “डॉक्टर मेरी एक बहुत ही अजीब समस्या है मुझे समझ नहीं आ रहा कि कैसे बताऊं”

“आप बेझिझक बताइए मैं डॉक्टर हूँ आपकी बात सुनूंगी और समस्या का समाधान ढूंढूंगी” उन्होंने प्रोत्साहित करते हुए कहा।

मैंने गहरी सांस ली और कहा “डॉक्टर मेरा लिंग बहुत बड़ा है और वह तीन चार घंटे तक खड़ा रहता है इससे मुझे बहुत परेशानी होती है”

डॉक्टर नरगिस ने मेरी बात सुनकर अपना चश्मा ठीक किया और मुझे गौर से देखने लगीं उनकी आँखों में एक अजीब सी चमक थी।
“आप कितना बड़ा कह रहे हैं?” उन्होंने पूछा।

“ग्यारह इंच डॉक्टर” मैंने कहा।

सुनते ही डॉक्टर नरगिस चौंक गईं उन्होंने अपनी आँखें फैलाईं और मुझे देखती रहीं “ग्यारह इंच? यह तो बहुत बड़ा है सामान्य लिंग का आकार पाँच से छह इंच होता है आपका तो लगभग दोगुना है”

“हाँ डॉक्टर यही तो समस्या है मैं चाहता हूँ कि इसे छोटा करा दूं ताकि मैं सामान्य जीवन जी सकूं” मैंने अपनी इच्छा जाहिर की

डॉक्टर नरगिस हँसने लगीं उनकी हँसी बहुत खूबसूरत थी “अरे यह तो कोई समस्या नहीं है यह तो एक वरदान है आपको इस पर गर्व होना चाहिए बहुत से पुरुष ऐसे होते हैं जो अपने लिंग के आकार से खुश नहीं होते और बड़ा चाहते हैं और आप छोटा कराना चाहते हैं”

“लेकिन डॉक्टर इस वजह से मैं किसी के साथ शारीरिक संबंध नहीं बना पाता मेरे साथ रहने वाली औरतें दर्द से चिल्लाने लगती हैं और मुझे अकेला छोड़कर चली जाती हैं” मैंने अपनी परेशानी बताई

डॉक्टर नरगिस ने मेरी बात ध्यान से सुनी फिर बोलीं “देखिए मैं इस समस्या का कोई मेडिकल समाधान नहीं बता सकती लेकिन आप एक सेक्सोलॉजिस्ट से मिल सकते हैं वे आपको सही सलाह दे सकते हैं”

“लेकिन डॉक्टर मुझे आपसे ही मदद चाहिए मैं आप पर भरोसा करता हूँ” मैंने आग्रह किया

उन्होंने थोड़ी देर सोचा फिर कहा “ठीक है मैं आपको एक तरीका बताती हूँ आपको दिन में तीन चार बार हस्तमैथुन करना होगा इससे आपके लिंग की उत्तेजना कम होगी और वह जल्दी शांत होगा”

“लेकिन डॉक्टर मैं हस्तमैथुन करता हूँ तो भी यह शांत नहीं होता यह तो और सख्त हो जाता है” मैंने कहा

डॉक्टर नरगिस ने मेरी बात सुनी और फिर बोलीं “आपको इसका सही तरीका पता होना चाहिए कैसे करना है मैं आपको बताती हूँ”

उन्होंने अपनी कुर्सी से उठकर मेरे पास आईं और मेरी पैंट के नीचे हाथ डाला मेरा लिंड तुरंत सख्त हो गया जब उनके हाथों ने उसे छुआ तो मैं रोमांचित हो गया

“यह तो बहुत बड़ा है” उन्होंने आश्चर्य से कहा “मैंने अपने जीवन में इतना बड़ा लिंग कभी नहीं देखा”

उनके हाथ मेरे लिंड पर घूम रहे थे और मैं अपनी नजरें उनसे नहीं हटा पा रहा था उनकी आँखों में कामुकता साफ दिखाई दे रही थी उनके होंठ सूख गए थे और वह बार बार उन्हें चाट रही थीं

“डॉक्टर आप क्या कर रही हैं?” मैंने पूछा

“मैं आपकी समस्या का समाधान ढूंढ रही हूँ” उन्होंने कहा और अपने हाथों को और अंदर धकेला

उनकी उंगलियां मेरे लिंड के सिरे को सहला रही थीं और मैं बेकाबू होता जा रहा था मैंने उनका हाथ पकड़ लिया और उन्हें अपनी ओर खींचा।

“डॉक्टर मैं आपके साथ कुछ और चाहता हूँ” मैंने फुसफुसाया।

उन्होंने मेरी आँखों में देखा और फिर धीरे से अपना कोट उतार दिया उनके नीचे एक बहुत पतली सी ड्रेस थी जिसमें से उनके शरीर का हर अंग साफ नजर आता था उनके स्तन ड्रेस के अंदर से बाहर निकलने को बेकरार थे और उनके निप्पल सख्त हो गए थे।

“क्या तुम सच में यह चाहते हो?” उन्होंने पूछा।

“हाँ डॉक्टर मैं यही चाहता हूँ” मैंने कहा और उन्हें अपने पास बिठा लिया।

मैंने उनकी ड्रेस उतारना शुरू की तो वह बिल्कुल नंगी हो गईं उनका शरीर देखने लायक था दूध जैसी गोरी चमड़ी बिना किसी दाग के उनके स्तन इतने बड़े थे कि मेरे दोनों हाथों में समा नहीं रहे थे उनके निप्पल काले और सख्त थे जो चूसने के लिए तैयार थे।

उनकी चूत बिल्कुल साफ थी जैसे किसी जवान लड़की की होती है उसके चारों ओर हल्के बाल थे जो बहुत सुंदर लग रहे थे उनकी चूत के होंठ गीले थे और उनमें से पानी टपक रहा था।

“आह डॉक्टर आप तो एकदम तैयार हैं” मैंने उन्हें छेड़ते हुए कहा।

“तुम्हें देखकर मैं खुद को नहीं रोक पाई” उन्होंने कहा और मेरी पैंट उतार दी।

मेरा लिंड बाहर निकला तो डॉक्टर नरगिस की आँखें फैल गईं वह उसे देखती रह गईं “यह तो बहुत बड़ा है इसने मेरी चूत फाड़ दी”

“डरिए मत डॉक्टर मैं धीरे से लूंगा” मैंने उन्हें आश्वस्त किया।

मैंने उन्हें अपनी गोद में बिठाया और उनके स्तनों को चूसना शुरू किया उनके स्तन इतने मुलायम थे कि मेरे होंठ उनमें डूब गए मैंने एक निप्पल को मुंह में लिया और चूसने लगा वहीं दूसरे को दबाने लगा।

“आह बहुत अच्छा लग रहा है और जोर से चूसो” डॉक्टर नरगिस कराह रही थीं।

मैंने उनकी चूत पर हाथ रखा और उसे सहलाने लगा वह गीली और गर्म थी मेरी उंगलियां उनके अंदर आसानी से चली गईं।

“आह मेरी चूत में उंगलियां डाल दो और जोर से घुमाओ” वह पागलों की तरह बोल रही थीं।

मैंने अपनी उंगलियां उनकी चूत में डालीं और जोर जोर से घुमाने लगा उनकी चूत से आवाजें आने लगीं जैसे कोई गीला कीचड़ हो।

“डॉक्टर अब मैं अपना लिंड आपकी चूत में डालूंगा” मैंने कहा।

“हाँ हाँ डाल दो मेरी चूत तुम्हारे लिए तैयार है” उन्होंने कहा।

मैंने उन्हें नीचे लिटाया और अपने लिंड को उनकी चूत के सामने लाया जब मेरे लिंड का सिरा उनकी चूत के होंठों को छुआ तो वह चौंक गईं।

“धीरे से लेना यह बहुत बड़ा है” उन्होंने डरते हुए कहा।

मैंने धीरे धीरे अपना लिंड उनकी चूत में डालना शुरू किया पहले तो उनकी चूत ने विरोध किया लेकिन फिर धीरे धीरे मेरा लिंड अंदर चला गया।

“आह बहुत मजा आ रहा है यह लिंड मेरी चूत को भर रहा है” डॉक्टर चिल्लाईं।

मैंने धीरे धीरे झटके मारने शुरू किए हर झटके के साथ डॉक्टर नरगिस की चीखें बढ़ती जा रही थीं उनके स्तन हिल रहे थे और वह अपने हाथों से उन्हें दबा रही थीं।

“और जोर से मारो मेरी चूत तुम्हारे लिए बनी है” वह चिल्लाईं।

मैंने जोर जोर से चूत मारना शुरू किया हर बार मेरा पूरा लिंड अंदर जाता और बाहर आता डॉक्टर नरगिस पागल हो गई थीं।

“हाँ हाँ इसी तरह मारो मुझे और जोर से मारो मैं तुम्हारे लंड की दीवानी हो गई हूँ” वह चिल्ला रही थीं।

मैंने उनके पैरों को कंधों पर रखा और और गहराई तक घुसने लगा मेरा लिंड उनकी चूत में पूरी तरह से समा गया था।

“आह मेरी चूत फट रही है लेकिन बहुत मजा आ रहा है” डॉक्टर कराह रही थीं।

मैंने उनका मुंह अपने मुंह से ढक लिया और जोर जोर से चूत मारता रहा उनकी चूत से पानी निकल रहा था और मेरा लिंड उसमें फिसलता जा रहा था।

“डॉक्टर आपकी चूत तो बहुत गर्म और गीली है” मैंने उनके कान में कहा

“हाँ यह तुम्हारे लिए गर्म हो गई है तुम जोर से मारो मैं तैयार हूँ” उन्होंने कहा

मैंने और तेजी से चूत मारना शुरू किया मेरा लिंड उनकी चूत में तेजी से अंदर बाहर हो रहा था उनकी चूत के होंठ लाल हो गए थे और उनमें से पानी बह रहा था।

“आह मैं आ रही हूँ मैं आ रही हूँ और जोर से मारो” डॉक्टर चिल्लाईं।

उनका शरीर कांपने लगा और वह चरम सुख तक पहुँच गईं उनकी चूत में ऐंठन होने लगी और उनमें से गर्म पानी निकलने लगा।

मैंने भी अपना वीर्य उनकी चूत में फोड़ दिया गर्म गर्म वीर्य उनके अंदर फैल गया और वह और भी जोर से कांपने लगीं।

हम दोनों थक कर बिस्तर पर लेट गए डॉक्टर नरगिस ने मुझे गले लगा लिया और मेरे सीने पर सिर रख दिया।

“तुमने मेरी जिंदगी बदल दी मैंने आज तक इतना मजा कभी नहीं लिया” उन्होंने कहा

“डॉक्टर आपने भी मेरी समस्या का समाधान कर दिया” मैंने हँसते हुए कहा

“अब तुम मुझे डॉक्टर मत कहो मुझे नरगिस कहो” उन्होंने प्यार से कहा

“ठीक है नरगिस” मैंने कहा और उन्हें चूम लिया

थोड़ी देर बाद मेरा लिंड फिर से सख्त हो गया नरगिस ने उसे देखा और मुस्कुराईं।

“फिर से तैयार हो गए हो?” उन्होंने पूछा

“हाँ नरगिस यह मेरी समस्या है जल्दी शांत नहीं होता” मैंने कहा

“तो फिर आओ मैं तुम्हारी समस्या का स्थायी समाधान ढूंढती हूँ” उन्होंने कहा और मुझे अपने ऊपर बिठा लिया

इस बार नरगिस ने मेरे लिंड को अपने मुंह में ले लिया उनका मुंह गर्म और गीला था उनकी जीभ मेरे लिंड के सिरे पर घूम रही थी और वह उसे चूस रही थीं।

“आह नरगिस तुम तो बहुत अच्छी तरह से चूसती हो” मैं कराहता रहा

उन्होंने मेरे पूरे लिंड को अपने मुंह में ले लिया और चूसने लगीं उनके होंठ मेरे लिंड पर फिसल रहे थे और उनकी जीभ उसे सहला रही थी।

“आह और जोर से चूसो” मैंने उनके सिर को दबाया

उन्होंने और तेजी से मेरा लिंड चूसना शुरू कर दिया उनका मुंह पानी से भर गया था और वह मेरा सारा पानी पी रही थीं।

“नरगिस मैं आ रहा हूँ” मैंने कहा

लेकिन उन्होंने मेरा लिंड नहीं छोड़ा और मेरा सारा वीर्य पी लिया उन्होंने मेरा लिंड साफ कर दिया और फिर मुस्कुराईं।

“देखो अब यह शांत हो गया है” उन्होंने कहा

“हाँ तुम्हारी वजह से” मैंने कहा और उन्हें गले लगा लिया

उस दिन के बाद मैं रोज नरगिस के क्लिनिक पर जाने लगा हर बार हम कोई नया तरीका आजमाते कभी उनकी चूत कभी उनका मुंह और कभी उनकी गांड

एक दिन नरगिस ने मुझसे कहा “राज मैं तुमसे प्यार करने लगी हूँ”

“मैं भी नरगिस मैं भी” मैंने कहा

“लेकिन मेरी शादी हो चुकी है और मेरे पति को अगर पता चला तो वह मुझे मार डालेंगे” उन्होंने डरते हुए कहा।

“तो क्या हम यह रिश्ता खत्म कर दें?” मैंने पूछा

“नहीं मैं तुम्हें खोना नहीं चाहती” उन्होंने कहा और मुझसे चिपक गईं।

हमने अपने रिश्ते को गुप्त रखने का फैसला किया और हर दिन क्लिनिक में मिलते रहे

एक दिन नरगिस ने मुझे बताया कि उनके पति को कुछ शक हो गया है इसलिए हमें कुछ दिनों के लिए नहीं मिलना चाहिए मैं बहुत दुखी हुआ लेकिन मान गया

लेकिन एक हफ्ते बाद मैं फिर से क्लिनिक पर गया तो देखा कि नरगिस अकेली थीं और बहुत उदास थीं।

“क्या हुआ नरगिस?” मैंने पूछा

“मेरे पति को सब पता चल गया है उन्होंने मुझे तलाक दे दिया है” उन्होंने रोते हुए कहा

मैं चौंक गया और उन्हें गले लगा लिया “मुझे माफ कर दो नरगिस मेरी वजह से तुम्हारी जिंदगी बर्बाद हो गई”

“नहीं तुमने मेरी जिंदगी बर्बाद नहीं की बल्कि मुझे सच्चा प्यार दिया है मेरे पति ने मुझे कभी खुश नहीं किया था तुमने मुझे वह सब दिया जो मैंने कभी सपना में भी नहीं सोचा था” उन्होंने कहा

“अब हम साथ रह सकते हैं” मैंने कहा

“हाँ अब कोई रोक नहीं है” उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा

उस दिन के बाद हम साथ रहने लगे नरगिस ने अपना क्लिनिक बंद कर दिया और हम दोनों एक नई जिंदगी शुरू करने के लिए दूसरे शहर चले गए।

आज हम दोनों एक साथ खुश हैं नरगिस मेरी पत्नी हैं और मुझे अपने बड़े लंड पर गर्व है क्योंकि इसी ने मुझे नरगिस दिया।

नरगिस अब भी मेरे लंड की दीवानी है और हम रोज कुछ नया करते हैं कभी वह मेरा लंड चूसती है कभी मैं उसकी चूत चाटता हूँ और कभी हम गांड मारने का मजा लेते हैं।

जिंदगी में असली सुख तब मिलता है जब आपको कोई ऐसा साथी मिले जो आपको समझे और आपके साथ हर पल का आनंद ले नरगिस मेरे लिए वह साथी है और मैं उसके लिए।

मैंने यह कहानी लिखी है ताकि आप सभी को पता चले कि एक बड़ा लंड कोई समस्या नहीं बल्कि एक वरदान है बस आपको सही साथी की जरूरत है जो उसे संभाल सके।

मैं उम्मीद करता हूँ कि आपको मेरी यह कहानी पसंद आई होगी यदि हाँ तो कृपया टिप्पणी करें और बताएं कि आपको कैसी लगी।

अगर आपके पास भी कोई ऐसा अनुभव है तो उसे हमारे साथ साझा करें हम आपकी कहानियों का इंतजार करेंगे।

धन्यवाद आप सभी का मेरी कहानी पढ़ने के लिए मैं जल्द ही एक और रोमांचक कहानी लेकर आऊंगा तब तक के लिए अपने साथी का ख्याल रखिए और उसे वह प्यार दीजिए जिसका वह हकदार है।