मेरा नाम मोहन है। मैं एक साधारण कॉलेज स्टूडेंट हूं, लेकिन मेरी जिंदगी में कभी-कभी ऐसे मोड़ आते हैं जो सपनों से भी ज्यादा रोमांचक होते हैं।
यह कहानी उस रात की है जब मैं अपने दोस्तों के साथ एक पार्टी में गया था।
पार्टी थी मेरी पुरानी सहपाठी नेहा के घर पर। नेहा एक हॉट और बोल्ड लड़की थी, जो हमेशा अपने ग्रुप की लीडर बनी रहती।
उसके ग्रुप में चार-पांच लड़कियां थीं, सबकी उम्र 20-22 के बीच, और हर एक का अपना अलग आकर्षण था।
पार्टी शाम को शुरू हुई। नेहा ने मुझे बुलाया था क्योंकि हम कॉलेज में अच्छे दोस्त थे। जब मैं पहुंचा, तो घर में म्यूजिक बज रहा था, लाइट्स डिम थीं,
और लड़कियां डांस फ्लोर पर थिरक रही थीं। नेहा ने मुझे देखते ही गले लगा लिया। ‘मोहन, आखिरकार तुम आ गए।
आज रात मजा आएगा,’ उसने कहा, अपनी आंखों में शरारत भरी मुस्कान के साथ। मैंने भी हंसते हुए जवाब दिया, ‘हां नेहा, तुम्हारा ग्रुप तो हमेशा धमाल मचाता है।’
ग्रुप में नेहा के अलावा प्रिया, सीमा, रिया और अनुष्का थीं। प्रिया लंबी और स्लिम थी, उसके बाल काले लहराते हुए।
सीमा थोड़ी मोटी लेकिन सेक्सी, उसके कर्व्स किसी को भी मदहोश कर सकते थे। रिया छोटी कद की लेकिन चंचल, हमेशा हंसती रहती।
अनुष्का शांत लेकिन आंखों से आग बरसाती। हम सबने ड्रिंक्स लिए और बातें करने लगे। नेहा ने कहा, ‘मोहन, तुम्हें पता है, हम लड़कियां अकेले क्या-क्या करती हैं? आज तुम्हें दिखाएंगी।’ सब हंस पड़ीं।
रात गहराती गई। ड्रिंक्स के बाद मूड हल्का हो गया। हम गेम खेलने लगे। नेहा ने ट्रुथ ऑर डेयर का सुझाव दिया। पहला राउंड में प्रिया को डेयर मिला।
नेहा ने कहा, ‘प्रिया, अपना टॉप उतारो और डांस करो।’ प्रिया शरमाई लेकिन फिर हंसते हुए टॉप उतार दिया।
उसकी ब्रा में उसके स्तन उभरे हुए थे, गोल और मजबूत। हम सब तालियां बजाने लगे। मैंने कहा, ‘वाह प्रिया, तुम तो कमाल हो।’ वह मुस्कुराई और डांस करने लगी।
अगला टर्न मेरा था। सीमा ने डेयर दिया, ‘मोहन, नेहा को किस करो।’ मैंने नेहा की ओर देखा। वह तैयार थी।
मैंने उसके होंठों पर किस किया। नेहा ने मेरी कमर पकड़ ली और किस को गहरा बना दिया।
उसकी जीभ मेरी जीभ से खेलने लगी। बाकी लड़कियां चिल्लाने लगीं, ‘वाह, क्या किस है!’ किस खत्म होने पर नेहा ने फुसफुसाया, ‘यह तो शुरुआत है मोहन।’
गेम आगे बढ़ा। रिया को ट्रुथ मिला। अनुष्का ने पूछा, ‘तुम्हारी सबसे वाइल्ड फैंटसी क्या है?’ रिया ने शरमाते हुए कहा, ‘ग्रुप सेक्स। सबके साथ एक साथ।’
सब चौंक गईं लेकिन फिर हंस पड़ीं। नेहा ने कहा, ‘तो आज क्यों न इसे ट्राई करें? मोहन, तुम तैयार हो?’ मैं हैरान था लेकिन उत्साहित। ‘हां, क्यों नहीं,’ मैंने कहा।
माहौल बदल गया। नेहा ने म्यूजिक बंद कर दिया और लाइट्स और डिम कर दीं। वह उठी और अपना ड्रेस उतारने लगी।
‘चलो लड़कियों, आज रात हम सब मोहन को खुश करेंगे,’ उसने कहा।
प्रिया ने भी अपना टॉप पूरी तरह उतार दिया। सीमा ने अपनी स्कर्ट खींची। रिया और अनुष्का भी नंगी होने लगीं। मैं देखता रह गया। उनके शरीर नंगे थे, स्तन हिल रहे थे, चूतें साफ दिख रही थीं।
नेहा मेरे पास आई और मेरी शर्ट उतार दी। ‘मोहन, तुम्हारा लंड तो तैयार लग रहा है,’ उसने कहा, मेरी पैंट पर हाथ फेरते हुए। मैंने पैंट उतारी। मेरा लंड सीधा खड़ा था।
लड़कियां घेरा बनाकर खड़ी हो गईं। प्रिया ने पहले छुआ। ‘कितना मोटा है,’ उसने कहा। सीमा ने चूसा। ‘मम्म, स्वादिष्ट,’ वह बोली।
हम बेडरूम में चले गए। नेहा ने मुझे बेड पर लिटा दिया। वह मेरे ऊपर चढ़ गई। ‘मैं पहले लूंगी,’ उसने कहा। उसने अपना चूत मेरे लंड पर रगड़ा।
फिर धीरे से बैठ गई। मेरा लंड उसकी चूत में घुस गया। ‘आह्ह, कितना अच्छा लग रहा है,’ नेहा चीखी। वह ऊपर-नीचे होने लगी। उसके स्तन उछल रहे थे। मैंने उसके निप्पल चूसे।
प्रिया मेरे चेहरे पर बैठ गई। ‘मेरा चूत चाटो मोहन,’ उसने कहा। मैंने अपनी जीभ डाली। उसकी चूत गीली थी, स्वाद मीठा।
प्रिया कराहने लगी, ‘हां, ऐसे ही।’ सीमा मेरे हाथ पकड़कर अपने स्तनों पर रगड़ने लगी। रिया और अनुष्का एक-दूसरे को छू रही थीं, इंतजार कर रही थीं।
नेहा तेज हो गई। ‘मैं झड़ने वाली हूं,’ वह बोली। उसकी चूत सिकुड़ने लगी। मैंने भी झड़ दिया। गर्म वीर्य उसके अंदर भर गया।
नेहा नीचे उतरी, थकी लेकिन खुश। ‘अब प्रिया की बारी,’ उसने कहा।
प्रिया मेरे लंड पर चढ़ गई। वह स्लिम थी, लेकिन उसकी चूत टाइट। ‘आह, दर्द हो रहा है लेकिन मजा आ रहा,’ वह बोली।
मैंने उसके कूल्हे पकड़े और धक्के दिए। प्रिया चिल्लाई, ‘हां मोहन, जोर से चोदो।’ नेहा प्रिया के स्तनों को चूस रही थी। सीमा मेरी गेंदें सहला रही थी।
रिया ने कहा, ‘मुझे भी चाहिए।’ वह प्रिया के बगल में लेट गई। मैंने प्रिया को चोदते हुए रिया की चूत में उंगली डाली। रिया मोअन करने लगी।
अनुष्का ने मेरा मुंह चूत पर रख दिया। ‘चाटो मुझे,’ वह बोली। मैंने सबको संतुष्ट करने की कोशिश की।
प्रिया झड़ी। उसका रस मेरे लंड पर बहा। फिर सीमा की बारी आई। वह भारी थी, लेकिन उसके कूल्हे चौड़े। वह मेरे ऊपर बैठी और लंड अंदर ले लिया।
ओह गॉड, भर गई हूं,’ सीमा ने कहा। वह धीरे-धीरे हिलने लगी। मैंने उसके बड़े स्तनों को दबाया। नेहा और प्रिया सीमा के निप्पल चूस रही थीं।
रिया अधीर हो गई। ‘मोहन, मुझे डॉगी स्टाइल में चोदो,’ उसने कहा। मैं सीमा से नीचे उतरा और रिया को घुटनों पर लिटाया। मेरा लंड उसकी चूत में घुसा। रिया छोटी थी,
लेकिन उसकी चूत गहरी। ‘हां, पीछे से जोरदार धक्का दो,’ वह चिल्लाई। मैंने तेजी से चोदा। उसके कूल्हे हिल रहे थे। अनुष्का नीचे लेटकर रिया की चूत चाट रही थी।
सीमा ने कहा, ‘मुझे गांड में चाहिए।’ वह तैयार हो गई। मैंने थोड़ा तेल लगाया और धीरे से घुसाया। ‘आह, दर्द हो रहा लेकिन जारी रखो,’ सीमा बोली। मैंने गांड मारी।
नेहा ने अपना स्ट्रैप-ऑन पहना और सीमा की चूत में डाला। सीमा दोहरी चुदाई में चीख उठी।
अनुष्का अब मेरी बारी का इंतजार कर रही थी। वह शांत थी लेकिन जंगली। ‘मुझे बांध दो और चोदो,’ उसने कहा। हमने उसके हाथ बांधे।
मैंने उसे बेड पर पटका और लंड अंदर ठोक दिया। ‘हां, रेप की तरह चोदो,’ अनुष्का बोली। मैंने जोर-जोर से धक्के मारे।
उसके स्तन लाल हो गए। बाकी लड़कियां ताली बजा रही थीं।
रात भर हमने घूम-घूमकर चुदाई की। कभी मैं एक को चोदता, बाकी चाटतीं या सहलातीं। नेहा ने कहा, ‘मोहन, तुम्हारा लंड कमाल का है।
हम सबको संतुष्ट कर दिया।’ प्रिया ने जोड़ा, ‘हां, कभी भूल नहीं पाएंगी।’ हमने पोजीशन बदलीं – 69, मिशनरी, काउगर्ल, सब ट्राई किया।
सुबह होने लगी। हम थक गए लेकिन खुश। नेहा ने कहा, ‘मोहन, अगली पार्टी में फिर आना। हमारा ग्रुप हमेशा तैयार रहेगा।’
मैंने हंसते हुए कहा, ‘निश्चित रूप से। यह रात जिंदगी की बेस्ट थी।’