दोस्तों, मेरा नाम रमेश है और मेरी उम्र 24 वर्ष की है। मेरी ये कहानी मेरी प्रेमिका पूनम के साथ हुए मेरे प्रेम और फिर उसकी चुदाई की दास्तान है। पूनम के बारे में लिखूं तो वो मेरे ऑफिस में काम करती है।
उसका रंग सावला पर एक दम साफ, किसी कांच की तरह चमकदार। उम्र 27 वर्ष, कद पांच फीट आठ इंच और फिगर की बात करें तो 35-25-36 का जबरदस्त फिगर। उसके स्तन भरे हुए, कमर पतली और कूल्हे चौड़े, जो चलते समय लहराते रहते हैं।
पूनम की आंखें बड़ी-बड़ी काली, होंठ गुलाबी और मुस्कान ऐसी कि दिल धड़क जाए। वो हमेशा टाइट शर्ट और स्कर्ट पहनती है, जो उसके बॉडी को और आकर्षक बनाती है।
मैं एक आईटी कंपनी में सॉफ्टवेयर डेवलपर हूं। पूनम मार्केटिंग डिपार्टमेंट में काम करती है। हमारी पहली मुलाकात कैंटीन में हुई थी। मैं कॉफी लेने गया था और वहां पूनम अपनी सहेली के साथ बैठी चाय पी रही थी।
मैंने गलती से उसकी टेबल पर कॉफी गिरा दी। ‘ओह सॉरी!’ मैंने तुरंत माफी मांगी। पूनम ने मुस्कुराते हुए कहा, ‘कोई बात नहीं रमेश। ये तो होता रहता है। साफ कर लो।’ उसकी आवाज इतनी मीठी थी कि मैं वहीं खड़ा रह गया।
मैंने टिश्यू पेपर से साफ किया और बोला, ‘मैं नई हूं यहां, नाम रमेश। तुम्हारा नाम?’ वो हंसी और बोली, ‘पूनम। मार्केटिंग में हूं। नेक्स्ट टाइम कॉफी तुम्हारी तरफ से।’ हम दोनों हंस पड़े।
उस दिन से हमारी बातें शुरू हो गईं। ऑफिस में ब्रेक टाइम पर कैंटीन में मिलते। पूनम बहुत फ्रैंक थी। वो अपने फैमिली के बारे में बताती, कैसे उसके माता-पिता उसे शादी के लिए दबाव डालते हैं लेकिन वो करियर पर फोकस करना चाहती है।
मैं भी अपनी जिंदगी शेयर करता। धीरे-धीरे हमारी दोस्ती गहरी होती गई। एक दिन शाम को ऑफिस लेट होने पर पूनम ने कहा, ‘रमेश, आज रेन हो रही है। तुम्हारा घर दूर है ना? मेरे साथ चलो, मैं ड्रॉप कर दूंगी।’
मैं खुश हो गया। कार में बैठे तो उसकी परफ्यूम की खुशबू से मेरा दिल तेज धड़कने लगा। रास्ते में हम गाने सुनते हुए बातें करते रहे। पूनम बोली, ‘रमेश, तुम्हें कोई गर्लफ्रेंड है?’ मैंने शरमाते हुए कहा, ‘नहीं पूनम।
अभी सिंगल हूं। तुम?’ वो हंसकर बोली, ‘मैं भी। लेकिन कभी-कभी अकेलापन सताता है।’ उसकी आंखों में एक उदासी थी। मैंने उसका हाथ पकड़ा और कहा, ‘अब मैं हूं ना।’ वो मुस्कुराई लेकिन हाथ न हटाया।
अगले हफ्ते ऑफिस में एक टीम बिल्डिंग इवेंट था। हम सब बाहर पिकनिक पर गए। वहां गेम्स खेले, डांस किया। पूनम ने एक टाइट ड्रेस पहनी थी जो उसके कर्व्स को दिखा रही थी। डांस फ्लोर पर मैंने उसे इनवाइट किया।
हम क्लोज डांस कर रहे थे। उसके स्तन मेरे चेस्ट से सटे हुए। मेरा लंड खड़ा होने लगा। पूनम ने महसूस किया लेकिन कुछ न कहा, बस करीब आ गई। इवेंट खत्म होने पर हम अकेले वॉक पर गए।
झील के किनारे बैठे। पूनम बोली, ‘रमेश, तुम्हारे साथ अच्छा लगता है।’ मैंने हिम्मत जुटाई और कहा, ‘पूनम, मैं तुमसे प्यार करने लगा हूं।’ वो चौंकी लेकिन फिर बोली, ‘मैं भी रमेश। लेकिन क्या ये सही है? ऑफिस में काम करते हैं।’
मैंने उसे गले लगा लिया और कहा, ‘हमें कोशिश करनी चाहिए।’ वो मेरी गोद में सिर रखकर बोली, ‘ठीक है। लेकिन सीक्रेट रखना पड़ेगा।’ हमने पहला किस किया। उसके होंठ नरम थे। जीभ अंदर डालते ही वो चूसने लगी। मेरा हाथ उसकी कमर पर था।
उस रात से हमारा रिश्ता प्रेमी-प्रेमिका का हो गया। ऑफिस के बाद हम डेट पर जाते। मूवी देखते, डिनर करते। लेकिन चुदाई की चाहत दोनों में बढ़ रही थी। एक दिन पूनम ने कहा, ‘रमेश, आज मेरे फ्लैट पर चलो। माता-पिता गांव गए हैं।
मैं उत्साहित हो गया। उसके फ्लैट पर पहुंचा। डोर खुलते ही पूनम ने मुझे किस किया। बोली, ‘आज रात तेरी हूं।’ हम लिविंग रूम में ही किस करते रहे। मेरा हाथ उसके स्तनों पर गया। वो सिसकारी भरने लगी, ‘रमेश, छूओ इन्हें।’ मैंने शर्ट के ऊपर से दबाया। उसके निप्पल्स सख्त हो गए।
हम बेडरूम में गए। पूनम ने अपनी शर्ट उतारी। ब्रा में उसके 35 साइज के स्तन उभरे हुए। मैंने ब्रा खोली। गुलाबी निप्पल्स। मैंने चूसा। पूनम बोली, ‘आह रमेश, जोर से चूसो। कितने दिनों से ये चाह रही थी।
मैंने एक-एक करके दोनों चूसे। उसके स्तन नरम और गर्म थे। एक हाथ से दबाते हुए दूसरे को चाटा पूनम मेरे बाल खींच रही थी। फिर उसने स्कर्ट उतारी। पैंटी में उसकी चूत का आकार दिख रहा था। पैंटी उतारी तो साफ शेव्ड चूत। गीली और फूली हुई। मैंने उंगली डाली। पूनम चीखी, ‘हां रमेश, अंदर घुमाओ।’ उसका रस बहने लगा।
मैंने चूत चाटनी शुरू की। जीभ से होंठों को चाटा। क्लिटोरिस चूसा। पूनम की कमर उछल रही थी। बोली, ‘रमेश, तेरी जीभ जादू है। चाटो ज्यादा गहराई तक।’ मैंने जीभ अंदर-बाहर की। उसका रस मीठा था। पूनम कांपने लगी, ‘आ रही हूं!’ उसकी चूत से झड़ी निकली।
मैंने सब चाट लिया। अब पूनम ने मेरी शर्ट उतारी। पैंट खोली। मेरा 6 इंच का मोटा लंड बाहर आया। वो बोली, ‘वाह रमेश, कितना सख्त।’ लंड पकड़कर सहलाया। फिर मुंह में लिया। चूसने लगी। उसका मुंह गर्म और गीला।
मैं बोला, ‘पूनम, स्लो। मजा आ रहा है।’ लेकिन वो तेज चूस रही थी। जीभ से टिप चाट रही।
मैंने रोका। पूनम को बेड पर लिटाया। लंड चूत पर रगड़ा। वो बोली, ‘डालो रमेश, चोदो मुझे। तड़प रही हूं।’ मैंने धक्का दिया। चूत टाइट थी। पूनम चीखी, ‘आह, दर्द हो रहा लेकिन अच्छा लग रहा।
धीरे-धीरे पूरा अंदर गया। फिर पेलना शुरू किया। स्लिप स्लिप की आवाज। उसके स्तन उछल रहे थे। मैंने पकड़ लिए। निप्पल चूसे। पूनम बोली, ‘तेज रमेश, जोर से चोदो। तेरी रंडी हूं मैं।’ मैंने स्पीड बढ़ाई। कमरा उसकी सिसकियों से भर गया। ‘हां, चोदो गहराई तक।’
पूनम का पहला ऑर्गेज्म आया। चूत सिकुड़ गई। मेरा भी वीर्य निकला चूत में भर दिया। हम हांफते लेटे रहे। पूनम बोली, ‘रमेश, ये कमाल था। कभी इतना मजा न हुआ।’ मैंने कहा, ‘पूनम, अब रोज करेंगे।’ वो हंसकर बोली, ‘हां, लेकिन ऑफिस में सावधान रहना।’
इसके बाद हमारी चुदाई का सिलसिला शुरू हो गया। कभी उसके फ्लैट पर, कभी मेरे अपार्टमेंट में। एक दिन ऑफिस ट्रिप पर गए। होटल में अलग रूम थे लेकिन रात को पूनम मेरे रूम में आ गई।
बोली, ‘रमेश, सहेलियां सो रही हैं। आ गई तेरे पास।’ हम बेड पर गिर पड़े। मैंने उसकी साड़ी उतारी। चूत चाटी। पूनम दबाकर सिसकीं भर रही थी, ‘रमेश, आवाज मत होने दो।’ लेकिन मैंने जीभ तेज की।
फिर डॉगी स्टाइल में चोदा। उसकी गांड ऊपर की। लंड चूत में डाला। जोरदार धक्के मारे पूनम बोली, ‘हां, पीछे से पेलो। गांड भी सहलाओ।’ मैंने हाथ से गांड मसली। उसका रस टपक रहा था।
ट्रिप के दौरान हम जंगल में घूमने गए। वहां एकांत में पूनम ने कहा, ‘रमेश, यहां चोदो। एडवेंचर होगा।’ मैंने पेड़ के पीछे उसे झुकाया। पैंटी नीचे की और लंड डाल दिया। खड़े-खड़े चोदा।
पूनम दीवार की तरह पेड़ से टेक लगाकर कराह रही थी, ‘जोर से रमेश, कोई न देखे।’ मेरा वीर्य बाहर निकाला और उसकी गांड पर गिराया। वो बोली, ‘गर्म लग रहा।’
ऑफिस में एक नया प्रोजेक्ट आया। हम दोनों को एक ही टीम में डाल दिया गया। लेट नाइट्स पर काम करते। एक रात सब चले गए, हम अकेले थे। पूनम बोली, ‘रमेश, अब चुदाई का टाइम।
डेस्क पर लिटाया। चूत चाटी। फिर ऊपर से चोदा। उसके पैर मेरे कंधों पर। गहराई तक पेला। पूनम बोली, ‘रमेश, कंप्यूटर की लाइट में तेरी बॉडी चमक रही। चोदो तेज।’ हमारा वीर्य डेस्क पर गिरा।
धीरे-धीरे पूनम की तड़प बढ़ गई। वो कहती, ‘रमेश, रोज चोदो। बिना तेरे लंड के रह न सकूं।’ एक वीकेंड पर हम आउटिंग पर गए। बीच पर। वहां बिकिनी में पूनम हॉट लग रही थी।
रात को होटल में काउगर्ल स्टाइल ट्राई किया। पूनम ऊपर बैठी। पूनम लंड पर उछलने लगी। उसके स्तन हिल रहे। मैंने पकड़ लिए। बोली, ‘रमेश, तेरे लंड से पागल हूं। उछलूंगी सारी रात।’ मैंने नीचे से धक्के दिए।
लेकिन समस्या आई जब पूनम के माता-पिता शादी की बात करने लगे। पूनम उदास हो गई। बोली, ‘रमेश, क्या करेंगे?’ मैंने कहा, ‘हम शादी करेंगे। लेकिन पहले फैमिली को मनाना पड़ेगा।
एक दिन उसके घर डिनर पर गया। उसके पापा-मम्मी ने पसंद किया। लेकिन पूनम की बहन ने शक किया। रात को पूनम फोन पर बोली, ‘रमेश, बहन को कुछ पता चल गया। सावधान।’ हमने मिलना कम कर दिया लेकिन चुदाई जारी रही।
एक दिन ऑफिस पार्टी में शराब पी। हम नशे में होटल चले गए। पूनम बोली, ‘आज गांड मारो रमेश। ट्राई करें।’ मैंने धीरे से गांड में डाला। पूनम चीखी, ‘आह! आह! आह!। स्लो फिर तेज किया। गांड टाइट थी पूनम बोली, ‘हां, चोदो गांड।
कहानी यूं चली। पूनम की तड़पती जवानी मेरे लंड ने शांत की। अब हम शादी करने वाले हैं।
दोस्तों, अगर कहानी पसंद आई तो कमेंट करो। ये मेरी सच्ची कहानी है।