पड़ोसन भाभी के साथ बाथरूम मे चुदाई

(Padosan Bhabhi Ke Sath Bathroom Main Chudai)

दोस्तों ये मेरी असली सच्ची भाभी चुदाई कहानी है जिसे मैं हमेशा से छुपाकर रखना चाहता था पर आज दिल की बात तुम्हें बता रहा हूँ। ये हॉट देसी स्टोरी तब शुरू हुई जब गर्मी के मौसम में मेरे पड़ोस में एक नया परिवार रहने आया। मैंने भाभी को देखा तो मेरा लंड तन गया।

मेरा नाम मोहन है। मैं उत्तर प्रदेश के लखनऊ शहर का रहने वाला हूँ। मेरी उम्र 35 साल है। मेरा रंग गेहुआं है। मैं जिम जाता हूँ इसलिए मेरा शरीर अच्छा गठीला है। मेरे लंड का साइज 5 इंच है लेकिन मैं किसी को भी पूरी तरह संतुष्ट कर सकता हूँ।

मैं कई सालों से ऐसी कहानियां पढ़ता आ रहा हूँ और भाभी के साथ चुदाई का सपना देखता था। भाभी के साथ रोमांस का मजा ही कुछ और होता है। इसलिए आज मैं अपनी जिंदगी की सच्ची घटना आपको बता रहा हूँ।

ये बात आज से लगभग 5 साल पहले की है। उस समय गर्मी इतनी तेज थी कि दिन में दो बार नहाए बिना रहना मुश्किल हो जाता था। मेरे पड़ोस में किराए का मकान खाली था। वहाँ एक परिवार आकर रहने लगा। उस परिवार में अजय नाम का आदमी उसकी पत्नी रिया भाभी और उनका छोटा बेटा था।

अजय और रिया भाभी हमारे परिवार को अच्छे से जानते थे क्योंकि भाभी अक्सर हमारी दुकान पर सामान लेने आती थीं। मैं भाभी को देखते ही नमस्ते करता और वो मुस्कुरा देतीं।

रिया भाभी की उम्र करीब 24 साल थी। उनके 34 इंच के बड़े चुच्चे और बाहर निकली हुई मस्त गांड देखकर कोई भी पागल हो सकता था। अजय भाई की उम्र करीब 40 साल थी।

अजय भाई सरकारी नौकरी करते थे लेकिन शराब की लत की वजह से उनका स्वास्थ्य खराब हो गया था। वो कम ही काम पर जाते थे। भाभी की जवानी तो प्यासी रह गई थी।

कुछ दिनों बाद मेरे फोन पर अनजान नंबर से कॉल आया। फोन उठाया तो रिया भाभी की आवाज आई। उन्होंने कहा कि क्या तुम मेरे घर आ सकते हो।

मैं तुरंत उनके घर पहुंच गया। भाभी ने दवाई लाने की पर्ची और पैसे दिए। मैं बाजार से दवाई लेकर वापस आया और बचे पैसे लौटा दिए।

भाभी ने मुझे धन्यवाद कहा। मैंने कहा कि कोई बात नहीं। जब भी जरूरत हो फोन कर देना।

इस तरह मैं उनके घर आने जाने लगा। धीरे धीरे उनका मुझ पर भरोसा बढ़ गया। कभी वो फोन करके सामान मंगवातीं। मैं जाता और अनजाने में उनके शरीर को छू लेता। भाभी कभी बुरा नहीं मानती थीं बल्कि हंस देतीं।

भाभी मेरे इशारों को समझने लगी थीं। मुझे पता था कि अजय भाई की हालत की वजह से भाभी की चुदाई नहीं हो पाती होगी। उनकी चूत प्यासी होगी।

एक दिन मैंने उनसे मिलने की बात की तो उन्होंने कहा कि मैं शादीशुदा औरत हूँ ये ठीक नहीं है। लेकिन मेरी जिद पर वो मान गईं और रात 8 बजे आने को कहा।

मैंने घर वालों को दोस्त के साथ बाहर जाने का बहाना बनाया। शाम को 8 बजे मैं उनके घर पहुंच गया। अजय भाई से बात करने लगा।

रिया भाभी ने इशारा किया कि दूसरे मकान में चले जाओ। उन्होंने पीछे वाला मकान खरीदा था जहां वो जल्दी शिफ्ट होने वाले थे। भाभी ने पति से कहा कि वो सफाई करने जा रही हैं और नहाकर आएंगी।

मैं पहले से ही उस मकान में पहुंच गया। थोड़ी देर बाद भाभी आईं और बोलीं कि मैं नहाकर आती हूँ।

भाभी ने जानबूझकर बाथरूम की कुंडी नहीं लगाई। बेडरूम से बाथरूम का दरवाजा खुला दिख रहा था।

मैं सोचने लगा कि क्यों न भाभी के साथ बाथरूम में मजा कर लूं। मैंने फटाफट अपने सारे कपड़े उतारे और बाथरूम में घुस गया।

पीछे से मैंने भाभी के बड़े चुच्चों को जोर से दबोच लिया। भाभी मुझे देखकर बहुत खुश हुईं। हम दोनों एक दूसरे को साबुन लगाकर नहला रहे थे।

नहाते समय मैंने एक चुच्चे को मुंह में लेकर चूसना शुरू किया। दूसरे चुच्चे की निप्पल को हाथ से दबाने लगा।

भाभी सिसकारियां भर रही थीं। वो बोल रही थीं और जोर से मेरे राजा। सारा निचोड़ दो।

फिर भाभी ने मेरा लंड हाथ में लेकर सहलाया और प्यार से चूसने लगीं। उनके मुंह में लंड जाते ही मैं सातवें आसमान पर पहुंच गया।

कुछ देर चुदवाने के बाद मैंने अपना सारा माल उनके मुंह में छोड़ दिया। भाभी ने बूंद बूंद तक पी लिया।

दोबारा हम एक दूसरे को छूने लगे। मैंने फिर उन्हें लंड चूसने को कहा। उन्होंने बिना देरी के मेरा लौड़ा मुंह में ले लिया।

5 मिनट बाद मेरा लंड फिर से तन गया। मैंने भाभी को बाथरूम के फर्श पर लिटाया और अपना लंड उनकी चूत में डाल दिया। उनकी चूत टाइट थी क्योंकि अजय भाई कम ही चोदते थे।

भाभी बोल रही थीं जोर से चोदो मेरे राजा।

चोदते समय उनके चुच्चे लटक रहे थे। मैं एक को मुंह में चूस रहा था दूसरे को हाथ से दबा रहा था। भाभी आह आह कर रही थीं। फाड़ दो मेरी चुत को।

करीब 10 मिनट चुदाई के बाद मैंने उनकी चूत में सारा माल भर दिया।

उसके बाद हम 10 मिनट और नहाए फिर बेडरूम में गए।

बेडरूम में पहुंचते ही हम चुम्मा चाटी करने लगे। भाभी ने कहा कि आज मैं तुम्हें आराम से लेटा रहने दो।

उन्होंने बेड से शहद की बोतल निकाली और मेरे लंड पर डाल दिया। फिर वो लॉलीपॉप की तरह चूसने लगीं।

मैंने भी उनके चुच्चों पर शहद डालकर चूसना शुरू किया। भाभी पागल हो गईं।

उन्होंने 69 पोजीशन में आने को कहा। हम दोनों एक दूसरे की चूत और लंड चूसने लगे।

मैं उनकी चूत को जीभ से चाट रहा था और वो मेरे लौड़े को चूस रही थीं।

कुछ देर बाद मैंने उन्हें फिर घोड़ी बनाया और जोर जोर से चोदना शुरू किया।

भाभी की चुदाई का मजा ही अलग था। वो बार बार कह रही थीं और तेज चोदो।

हम दोनों पसीने से तर हो गए थे लेकिन रुकने का नाम नहीं ले रहे थे।

इसके बाद हम कई बार एक दूसरे को चोदते रहे। बाथरूम किचन हर जगह हमने चुदाई की।

रिया भाभी मुझसे बहुत प्यार करने लगीं। हम छुप छुपकर मिलते और चुदाई का आनंद लेते।

एक दिन अजय भाई बाहर गए थे। भाभी ने मुझे बुलाया। हम सीधे बाथरूम में घुस गए।

पानी की धार के नीचे खड़े होकर मैंने उनकी चुत में लंड डाला। भाभी मेरी कमर में पैर लपेटे हुए थीं।

मैं जोर जोर से धक्के दे रहा था। उनकी आहें पूरे घर में गूंज रही थीं।

हम दोनों ने कई राउंड लिए। हर बार नया मजा आ रहा था।

भाभी कहतीं कि तुम्हारा लंड बहुत अच्छा है। अजय भाई तो कभी सही से चोद ही नहीं पाते।

मैं उनके चुच्चे दबाता और चोदता। उनकी गांड पर थप्पड़ मारता।

वो चुदक्कड़ बन गई थीं। हमारी चुदाई दिन रात चलने लगी जहां मौका मिलता।

कभी वो मेरे लंड को चूसतीं तो कभी मैं उनकी चूत चाटता।

ये सिलसिला कई महीनों तक चलता रहा। हम दोनों बहुत खुश थे।

भाभी की चूत हमेशा मेरे लंड के लिए तरसती रहती।

दोस्तों ये थी मेरी पड़ोसन रिया भाभी के साथ बाथरूम चुदाई की सच्ची घटना।

अगर आपको पसंद आई हो तो बताना। ऐसी और भाभी चुदाई कहानियां सुनना चाहते हो तो कमेंट करो।