पड़ोसन नई दुल्हन को चोदने की कथा

विकास लखनऊ के शांत मोहल्ले में रहता था। उसकी उम्र अट्ठाईस साल थी और वह एक आईटी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर काम करता था। उसकी जिंदगी दिनचर्या से भरी हुई थी।

सुबह जल्दी उठकर ऑफिस जाना, शाम को थका-हारा लौटना और फिर अगले दिन फिर वही सब।

लेकिन एक दिन सब कुछ बदल गया जब नई पड़ोसन रूपा उसके बगल वाले मकान में आकर बस गई।

रूपा की उम्र बाईस साल थी। वह बेहद खूबसूरत, गोरी और जवान थी। उसकी शादी अरुण नामक व्यक्ति से हुई थी जो कानपुर में नौकरी करता था।

रूपा की शादी घरवालों की मर्जी से हुई थी और वह कानपुर में अकेली रह रही थी।

पहले दिन विकास ने बालकनी से रूपा को देखा। रूपा हल्के पीले रंग की साड़ी पहने बालकनी में खड़ी थी।

विकास उसकी आँखों में एक अजीब सी चमक देखकर मोहित हो गया। वह रूपा को घूरता रहा। रूपा ने भी उसे देखा और मुस्कुरा दी।

दूसरे दिन बारिश हो रही थी। रूपा बाजार से लौट रही थी और उसके सिर पर छाता नहीं था।

विकास ने उसे देखा और तुरंत अपनी छतरी लेकर उसके पास पहुँचा। “आप भीग जाएँगी, यह लीजिए।” रूपा ने छतरी ली और दोनों एक साथ चलने लगे।

बारिश तेज हो रही थी। दोनों की आँखें मिलीं। विकास ने रूपा का हाथ पकड़ा और उसे अपने घर की ओर खींचा।

दोनों अंदर आए। कपड़े भीग चुके थे। रूपा की साड़ी उसके शरीर से चिपक गई थी। विकास उसकी छाती और कमर को देख रहा था।

रूपा ने विकास की ओर देखा। “धन्यवाद।” विकास ने जवाब दिया, “कोई बात नहीं।” दोनों के बीच खामोशी छा गई।

विकास ने आगे बढ़कर रूपा के होंठों पर अपना मुँह रख दिया। रूपा ने भी प्रतिक्रिया दी। दोनों गहरे चुंबन करने लगे।

विकास ने रूपा की साड़ी को खींचा। साड़ी नीचे गिर गई। रूपा अब सिर्फ ब्लाउज और पेटीकोट में थी।

विकास ने ब्लाउज के बटन खोले। रूपा की स्तन बाहर निकल आए। विकास ने उन्हें हाथों में लिया और चूसने लगा।

रूपा ने साँस तेज कर ली। “आह…” विकास ने रूपा को उठाकर सोफे पर लिटा दिया।

उसने रूपा की पेटीकोट खींचकर उतार दी। रूपा अब पूरी तरह नंगी थी। विकास ने भी अपने कपड़े उतारे।

विकास ने रूपा की जांघों को खोला और अपनी उंगलियाँ उसकी चूत में डालीं। रूपा की चूत गीली थी।

विकास ने उंगलियाँ अंदर-बाहर करना शुरू कर दिया। रूपा कराह रही थी।

“विकास… और गहराई से…” विकास ने अपनी उंगलियाँ निकालीं और अपना लंड रूपा की चूत पर रखा। उसने जोर से धक्का मारा। लंड अंदर चला गया।

दोनों जोर-जोर से चोदने लगे। विकास रूपा की चूत में तेजी से लंड घुसा रहा था।

रूपा की चूत से आवाजें आ रही थीं। “पट… पट… पट…” विकास ने रूपा की कमर पकड़कर और जोर से धक्के मारे।

रूपा चीख रही थी। “आह… हाँ… और जोर से…” विकास ने रूपा के स्तनों को दबाया और तेजी से चोदता रहा। दोनों का पसीना बह रहा था।

आखिरकार विकास ने जोर से धक्का मारा और रूपा की चूत में झड़ गया।

गर्म वीर्य रूपा की चूत में भर गया। रूपा भी झड़ गई। दोनों थककर सोफे पर गिर पड़े।

तीसरे दिन सुबह रूपा विकास के घर आई। विकास दरवाजा खोलकर रूपा को अंदर ले आया।

दोनों रसोई में गए। रूपा ने विकास का हाथ पकड़ा और उसे दीवार से लगाकर चूमने लगी।

विकास ने रूपा की साड़ी ऊपर उठाई और उसकी चूत में उंगलियाँ डालीं। रूपा की चूत पहले से ही गीली थी। विकास ने रूपा को उठाकर काउंटर पर बिठाया।

विकास ने अपनी पैंट नीचे की और लंड निकाला। उसने रूपा की चूत में लंड डाला।

रूपा की टाँगें विकास की कमर के चारों ओर लिपटी थीं। दोनों जोर-जोर से चोदने लगे।

रूपा विकास के बाल पकड़कर उसे और पास खींच रही थी। “विकास… मुझे और चोदो…”

विकास ने रूपा की चूत में तेजी से लंड घुसाया। काउंटर पर दोनों का शरीर टकरा रहा था।

रूपा ने विकास के कान में फुसफुसाया, “मेरा दूध पियो…” विकास ने रूपा के स्तन को मुँह में लिया और चूसने लगा। रूपा की चूत और ज्यादा गीली हो गई।

विकास ने रूपा को काउंटर से उतारा और उसे घुमाकर पीछे से चोदने लगा। रूपा की गांड विकास के सामने थी।

विकास ने रूपा की गांड को थपथपाया और लंड को चूत में घुसाया।

दोनों जोर-जोर से चोद रहे थे। विकास ने रूपा के बाल पकड़े और तेजी से धक्के मारे। रूपा चीख रही थी। “आह… हाँ… और गहराई से…”

विकास ने रूपा की चूत में झड़ने से पहले लंड निकाला और रूपा की गांड पर वीर्य छोड़ा। रूपा ने भी अपना चरम पाया। दोनों थककर फर्श पर बैठ गए।

चौथे दिन विकास और रूपा झील के किनारे मिले। दोनों एक पेड़ के नीचे बैठे थे।

रूपा ने विकास की ओर देखा और मुस्कुराई। विकास ने रूपा का हाथ पकड़ा और उसे चूमने लगा।

दोनों के बीच जुनून बढ़ रहा था। विकास ने रूपा की साड़ी खोली। रूपा की नंगी त्वचा पेड़ की छाँव में चमक रही थी। विकास ने रूपा को घास पर लिटाया।

विकास ने रूपा की जांघों को खोला और अपनी जीभ से रूपा की चूत चाटने लगा।

रूपा की चूत का स्वाद मीठा था। विकास ने जीभ को अंदर-बाहर किया।

रूपा कराह रही थी। “आह… विकास… और चाटो…” विकास ने रूपा की चूत को चूस लिया। रूपा का शरीर काँप रहा था।

विकास ने रूपा को घुमाया और उसकी गांड चाटने लगा।

रूपा की गांड गोल और मुलायम थी। विकास ने जीभ को गांड के छेद में डाला।

रूपा चीख रही थी। “आह… यह क्या कर रहे हो…” विकास ने रूपा की गांड को चाटते हुए उंगलियाँ चूत में डालीं। रूपा का शरीर रोमांच से भर गया।

विकास ने रूपा को घुमाया और उसकी चूत में लंड डाला। दोनों घास पर जोर-जोर से चोदने लगे। विकास ने रूपा की कमर पकड़कर तेजी से धक्के मारे।

रूपा विकास के बाल पकड़कर उसे और पास खींच रही थी। “विकास… मुझे और चोदो…” विकास ने रूपा की चूत में लंड घुसाया और तेजी से चोदता रहा।

आखिरकार दोनों एक साथ झड़ गए। विकास ने रूपा की चूत में वीर्य छोड़ा। रूपा का शरीर काँप रहा था। दोनों थककर घास पर लेट गए।

पाँचवें दिन विकास रूपा के घर गया। रूपा ने दरवाजा खोला और विकास को अंदर आने दिया। दोनों बेडरूम में गए।

रूपा ने विकास को बिस्तर पर लिटाया और उसके ऊपर चढ़ गई। रूपा ने विकास के लंड को हाथ में लिया और उसे चूसने लगी।

विकास का लंड रूपा के मुँह में कठोर हो गया।

रूपा ने विकास के लंड को गले तक लिया। विकास रूपा के बाल पकड़कर उसके मुँह में लंड घुसा रहा था। रूपा का मुँह लार से भर गया।

विकास ने रूपा को उठाया और उसे बिस्तर पर लिटाया। उसने रूपा की टाँगें खोलीं और लंड को चूत में डाला। दोनों जोर-जोर से चोदने लगे।

रूपा विकास की पीठ पर नाखून गड़ा रही थी। “विकास… और जोर से…” विकास ने रूपा की चूत में लंड घुसाया और तेजी से चोदता रहा।

विकास ने रूपा को घुमाया और पीछे से चोदने लगा। रूपा की गांड विकास के सामने थी। विकास ने रूपा की गांड को थपथपाया और लंड को चूत में घुसाया।

दोनों जोर-जोर से चोद रहे थे। विकास ने रूपा के बाल पकड़े और तेजी से धक्के मारे। रूपा चीख रही थी। “आह… हाँ… और गहराई से…”

आखिरकार विकास ने रूपा की चूत में झड़ गया। गर्म वीर्य रूपा की चूत में भर गया। रूपा भी झड़ गई। दोनों थककर बिस्तर पर गिर पड़े।

छठे दिन विकास और रूपा एक खाली मकान में मिले। दोनों ने वहाँ प्रवेश किया। रूपा ने विकास को दीवार से लगाकर चूमने लगा।

विकास ने रूपा की साड़ी खोली। रूपा अब नंगी थी। विकास ने रूपा को उठाकर दीवार से लगाया। रूपा की टाँगें विकास की कमर के चारों ओर लिपटी थीं।

विकास ने लंड को रूपा की चूत में डाला। दोनों जोर-जोर से चोदने लगे। विकास ने रूपा की कमर पकड़कर तेजी से धक्के मारे।

ध और गहरा हो गया। दोनों ने कई बार अलग-अलग जगहों पर चोदा। उनकी जिंदगी बदल गई थी………..