रानी एक 19 साल की वर्जिन स्कूल गर्ल थी। उसकी उम्र अभी 19 साल ही हुई थी, लेकिन उसका शरीर पहले से ही पूरी तरह विकसित हो चुका था।
उसके बड़े-बड़े स्तन, पतली कमर और गोल-गोल नितंब किसी भी नजर को अपनी ओर खींच लेते थे।
आज स्कूल की छुट्टी के बाद जब वह वैन में बैठी तो ड्राइवर ने उसे अजीब नजरों से देखा।
वैन में सिर्फ वे दोनों ही थे। ड्राइवर का नाम रमेश था, लगभग 35 साल का मजबूत कद-काठी का आदमी।
उसकी मांसल भुजाएं और चौड़ी छाती देखकर रानी को अजीब सा महसूस हुआ। रमेश ने वैन स्टार्ट की और धीरे-धीरे शहर से बाहर निकलने लगा।
“रानी, आज तुम्हारे साथ कोई और नहीं है?” रमेश ने पीछे देखते हुए पूछा।
“नहीं भैया, आज सब छुट्टी पर हैं,” रानी ने शरमाते हुए जवाब दिया।
रमेश की नजरें बार-बार रियर व्यू मिरर में रानी के स्तनों पर टिक रही थीं। रानी ने अपनी स्कूल यूनिफॉर्म पहनी हुई थी – सफेद शर्ट और छोटी सी स्कर्ट।
शर्ट के नीचे उसकी ब्रा का निशान साफ दिख रहा था।
करीब आधे घंटे बाद रमेश ने वैन एक सुनसान जगह पर रोक दी। रानी घबरा गई।
“भैया, यह कहाँ है? मेरा घर तो और आगे है,” रानी ने घबराई हुई आवाज में कहा।
रमेश ने वैन का इंजन बंद किया और सीट घुमाकर रानी की ओर मुड़ा। उसकी आँखों में एक अजीब सी चमक थी।
“रानी, तुम बहुत सुंदर हो। आज मैं तुम्हें कुछ नया सिखाऊंगा,” रमेश ने धीरे से कहा।
रानी डर गई। “भैया, मुझे डर लग रहा है। मुझे घर छोड़ दो।”
लेकिन रमेश ने उसकी बात नहीं सुनी। उसने आगे बढ़कर रानी का हाथ पकड़ लिया। रानी की नाजुक कलाई उसकी बड़ी हथेली में पूरी तरह छुप गई।
“डरो मत, मैं तुम्हें दर्द नहीं दूंगा,” रमेश ने झूठ बोला।
उसने रानी को अपनी ओर खींचा और उसके होंठों पर अपना मुंह रख दिया। रानी ने विरोध किया,
लेकिन रमेश ने उसके दोनों हाथ पकड़ लिए। उसकी जीभ रानी के मुंह में घुस गई और उसके मुंह का स्वाद चखने लगा।
रानी की सांसें तेज हो गईं। रमेश ने एक हाथ से उसकी शर्ट के बटन खोलने शुरू कर दिए।
एक-एक करके बटन खुले और रानी की सफेद ब्रा दिखने लगी। रमेश ने ब्रा को ऊपर उठाया और रानी के नंगे स्तन बाहर निकाल लिए।
रानी के स्तन गुलाबी रंग के थे, निप्पल छोटे और गुलाबी। रमेश ने एक स्तन को हाथ में लिया और जोर से दबाने लगा। रानी चीख पड़ी।
“आह… भैया, दर्द हो रहा है!”
रमेश ने रानी के निप्पल को मुंह में लेकर चूसना शुरू कर दिया। उसकी जीभ निप्पल पर घुमाने लगा और दांतों से हल्का-हल्का काटने लगा। रानी का शरीर काँपने लगा।
रमेश ने रानी की स्कर्ट ऊपर उठाई और उसकी जांघों को सहलाने लगा। रानी की जांघें मुलायम और गोरी थीं।
रमेश ने उसकी पैंटी को एक तरफ खिसकाया और उसकी चूत को छू लिया।
रानी की चूत पूरी तरह साफ और गंजी थी। रमेश ने उसकी चूत के होठों को उंगलियों से खोला और अंदर झाँका। रानी की चूत गुलाबी रंग की थी और बिल्कुल सूखी।
“तुम्हारी चूत बहुत सुंदर है,” रमेश ने कहा।
उसने अपनी उंगली रानी की चूत में डालने की कोशिश की, लेकिन रानी की चूत बहुत तंग थी। रमेश ने जोर लगाया और एक उंगली अंदर घुसा दी। रानी चीख उठी।
“आह… नहीं भैया, दर्द हो रहा है!”
रमेश ने उंगली को अंदर-बाहर करना शुरू कर दिया। रानी की चूत से खून निकलने लगा। रमेश ने दूसरी उंगली भी डाल दी और अब दो उंगलियों से रानी की चूत को चोदने लगा।
रानी का दर्द बढ़ता गया। वह रोने लगी। “भैया, छोड़ दो मुझे। मुझे बहुत दर्द हो रहा है।”
रमेश ने रानी को वैन की सीट पर लिटा दिया। उसने अपनी पैंट खोली और अपना लंड बाहर निकाला। रमेश का लंड बहुत बड़ा और मोटा था। उसकी नसें फूल रही थीं और लंड का सिरा लाल हो रहा था।
“देखो, मेरा लंड कितना बड़ा है,” रमेश ने कहा।
रानी ने डर के मारे आँखें बंद कर लीं। रमेश ने रानी की टांगें फैलाईं और अपने लंड को उसकी चूत पर रखा। रानी की चूत का मुंह बहुत छोटा था।
रमेश ने जोर लगाया और लंड का सिरा रानी की चूत में घुसा दिया। रानी चीख उठी।
“आह… मर गई! भैया, निकालो इसे!”
रमेश ने और जोर लगाया। आधा लंड रानी की चूत में घुस गया। रानी की चूत फटने लगी और खून बहने लगा। रमेश ने और जोर लगाया और पूरा लंड रानी की चूत में घुसा दिया।
रानी का शरीर ऐंठ गया। उसकी आँखों से आँसू बहने लगे। रमेश ने रानी की चूत को चोदना शुरू कर दिया। उसका लंड रानी की चूत में अंदर-बाहर होने लगा।
“आह… आह… भैया… धीरे… दर्द हो रहा है,” रानी रोती रही।
रमेश ने रानी के स्तनों को हाथों में लिया और जोर-जोर से दबाने लगा। उसका लंड रानी की चूत में तेजी से घुसता और निकलता रहा। रानी की चूत से खून और चूत का रस मिलकर निकल रहा था।
रमेश ने रानी को उल्टा कर दिया। अब रानी का गधा ऊपर था। रमेश ने रानी के गधे को थपथपाया और अपना लंड फिर से उसकी चूत में डाल दिया। इस बार लंड और गहराई तक गया।
“आह… भैया… और गहरा मत डालो,” रानी चीखी।
रमेश ने रानी के बाल पकड़े और उसके सिर को नीचे दबाया। उसका लंड रानी की चूत में और तेजी से चलने लगा। रानी की चूत की दीवारें रमेश के लंड को कसकर पकड़ रही थीं।
रमेश ने रानी को फिर से सीधा किया और उसके स्तनों को चूसने लगा। उसका लंड रानी की चूत में गहराई तक घुसता रहा। रानी का दर्द धीरे-धीरे कम होने लगा और उसकी चूत गीली होने लगी।
“भैया… अब अच्छा लग रहा है,” रानी ने धीरे से कहा।
रमेश ने रानी की चूत को और तेजी से चोदा। उसका लंड रानी की चूत में पूरी तरह घुस जाता और निकलता। रानी की चूत से चिकनाहट की आवाजें आने लगीं।
रमेश ने रानी को अपनी गोद में बैठाया। अब रानी का चेहरा रमेश के सामने था। रमेश ने रानी के स्तनों को मुंह में लेकर चूसा और अपना लंड रानी की चूत में ऊपर से नीचे की ओर धकेलने लगा।
रानी की सांसें तेज हो गईं। उसका शरीर पसीने से तर हो गया। रमेश ने रानी की कमर पकड़ी और उसे ऊपर-नीचे करने लगा। रानी की चूत रमेश के लंड पर ऊपर-नीचे होने लगी।
“आह… भैया… और तेज…” रानी ने कहा।
रमेश ने रानी को सीट पर लिटाया और उसके पैरों को कंधों पर रखा। अब रानी की चूत पूरी तरह खुल गई थी। रमेश ने अपना लंड रानी की चूत में डाला और जोर-जोर से चोदने लगा।
रानी की चूत से चूत का रस निकलकर रमेश के लंड पर लग गया। रमेश ने रानी के निप्पलों को उंगलियों से दबाया और लंड को और तेजी से चलाया।
“रानी, मैं झड़ने वाला हूँ,” रमेश ने कहा।
रमेश ने रानी की चूत में जोर लगाया और अपना सारा वीर्य रानी की चूत में छोड़ दिया। रानी की चूत वीर्य से भर गई। रमेश ने अपना लंड निकाला और रानी की चूत से वीर्य और खून का मिश्रण निकलने लगा।
रानी थकी हुई सीट पर लेटी रही। उसकी चूत दर्द और खुशी दोनों से भर गई थी। रमेश ने रानी के स्तनों को अंतिम बार चूसा और अपना लंड साफ किया।
“रानी, आज से तुम मेरी हो,” रमेश ने कहा।
रानी ने आँखें बंद करके सिर हिलाया। उसकी पहली चुदाई पूरी हो चुकी थी।