टीचर की चुदाई

(Teacher Ki Chudayi)

मेरा नाम बिकास है। मैं एक साधारण सा छात्र हूं जो दिल्ली के एक प्रतिष्ठित कॉलेज में बीएससी की पढ़ाई कर रहा हूं। उम्र इक्कीस साल। जिंदगी में पढ़ाई के अलावा कुछ खास नहीं था।

लेकिन सब कुछ तब बदल गया जब मैंने अपनी नई प्रोफेसर मिस्टरस प्रीती शर्मा से मुलाकात की। प्रीती मैम हमारे बायोलॉजी के लेक्चर के लिए आई थीं। वह तीस साल की लगभग थीं।

लंबी कद-काठी, गोरा रंग, लहराते काले बाल और वो आंखें जो किसी को भी मोहित कर सकती थीं। उनकी साड़ी हमेशा इतनी फिट होती कि उनके कर्व्स साफ दिखते।

क्लास में सभी लड़के उनकी ओर घूरते रहते। लेकिन मैं शर्मीला टाइप था, बस नोट्स बनाता रहता।

पहली क्लास में प्रीती मैम ने हमें इंट्रोड्यूस किया। ‘हेलो स्टूडेंट्स, मैं प्रीती शर्मा हूं। आपकी बायोलॉजी टीचर। हम ह्यूमन एनाटॉमी पर फोकस करेंगे।

कोई डाउट हो तो पूछना।’ उनकी आवाज मीठी थी। क्लास खत्म होने पर मैंने एक डाउट पूछा। ‘मैम, सेल स्ट्रक्चर के बारे में और बताइए।’

उन्होंने मुस्कुराकर कहा, ‘बिकास, कल आफिस टाइम पर आना। मैं डिटेल में समझाऊंगी।’

अगले दिन मैं उनके केबिन में गया। प्रीती मैम ब्लाउज और साड़ी में बैठी थीं। ‘बैठो बिकास। क्या डाउट है?’ मैंने किताब खोली।

लेकिन बातें बढ़ीं। ‘तुम्हारी बैकग्राउंड क्या है? घर कहां है?’ उन्होंने पूछा। मैंने बताया, ‘दिल्ली में ही रहता हूं। पापा टीचर हैं, मम्मी हाउसवाइफ।’

प्रीती मैम ने कहा, ‘अच्छा। मैं भी दिल्ली की हूं। हसबैंड आर्मी में हैं, इसलिए अकेली रहती हूं।’ उनकी आंखों में एक उदासी थी।

हमारी बातें लंबी हो गईं। ‘तुम्हें बायोलॉजी क्यों पसंद?’ ‘क्योंकि लाइफ के सीक्रेट्स जानना अच्छा लगता है।’ मैंने कहा। प्रीती मैम हंस पड़ीं, ‘सही कहा। बॉडी के सीक्रेट्स भी इंटरेस्टिंग होते हैं।’

धीरे-धीरे हमारी मीटिंग्स बढ़ीं। हर हफ्ते मैं उनके केबिन जाता। प्रीती मैम मुझे स्पेशल अटेंशन देतीं। एक दिन उन्होंने कहा, ‘बिकास, तुम स्मार्ट हो।

लेकिन कॉन्फिडेंस की कमी है। क्या प्रॉब्लम है?’ मैंने शरमाते हुए कहा, ‘मैम, गर्लफ्रेंड नहीं है। कभी बात नहीं की ऐसी।’

प्रीती मैम ने मेरी ओर देखा, ‘ओह। तो लेसन लेना चाहोगे?’ मेरा दिल धड़क गया। ‘कैसा लेसन?’ ‘लाइफ का। बॉडी का।’ उनकी आंखें चमक रही थीं।

उस शाम क्लास के बाद प्रीती मैम ने कहा, ‘बिकास, मेरे साथ चलो। घर पर डिस्कस करेंगे।’ मैं हैरान था लेकिन गया।

उनका फ्लैट कॉलेज के पास था। अंदर घुसते ही उन्होंने चाय बनाई। ‘बैठो। रिलैक्स हो जाओ।’ हम सोफे पर बैठे।

बातें सेक्स एजुकेशन पर आ गईं। ‘तुम्हें पता है, बॉडी कैसे रिएक्ट करती है टच पर?’ प्रीती मैम ने पूछा। मैंने ना में सिर हिलाया।

उन्होंने अपना हाथ मेरे हाथ पर रखा। ‘जैसे ये। फील करो।’ एक करंट सा लगा।

प्रीती मैम करीब आईं। ‘बिकास, क्या तुम्हें लगता है टीचर-स्टूडेंट के बीच कुछ हो सकता है?’ मैं चुप रहा। उन्होंने मेरे गाल पर हाथ फेरा।

‘मैं तुम्हें सिखाऊंगी। लेकिन सीक्रेट रखना।’ मेरा मुंह सूख गया। प्रीती मैम ने मेरे होंठों पर किस कर लिया। नरम होंठ। जीभ अंदर।

मैं स्तब्ध था लेकिन जवाब दिया। उनके हाथ मेरी शर्ट के बटन खोलने लगे। ‘मैम, ये सही है?’ ‘हां। लर्निंग है।’ शर्ट उतर गई।

प्रीती मैम ने मेरी छाती चूम ली। ‘गुड बॉडी है। जिम जाते हो?’ ‘हां मैम।’ उनके हाथ नीचे सरके। पैंट पर।

मैंने उनकी साड़ी खींची। ब्लाउज खुला। बड़े स्तन बाहर। ब्रा में। ‘चूसो इन्हें।’ प्रीती मैम बोलीं। मैंने ब्रा खोली। गुलाबी निप्पल्स।

मुंह में लिया। चूसा। प्रीती मैम कराहीं, ‘आह बिकास, अच्छा।’ उनके हाथ मेरी पैंट में। लंड पकड़ा। ‘हार्ड हो गया। गुड।’

पैंट उतारी। मेरा लंड खड़ा। प्रीती मैम ने सहलाया। ‘बड़ा है। चूसूंगी।’ वह नीचे झुकीं। मुंह में लिया। जीभ घुमाई। मैं सिहर उठा। ‘मैम, आह।’

कुछ मिनट बाद प्रीती मैम उठीं। ‘अब तुम्हारी बारी। मेरी चूत चाटो।’ उन्होंने साड़ी उतारी। पैंटी में गांड। मैंने पैंटी खींची। चूत गीली। बाल ट्रिम्ड।

जीभ लगाई। चाटा। प्रीती मैम की जांघें कांपने लगीं। ‘हां बिकास, ऐसे ही। क्लिटोरिस पर।’ मैंने चूसा। वे चिल्लाईं, ‘आह, कमिंग।’ जूस बहा।

फिर प्रीती मैम बेड पर लेटीं। ‘चोदो मुझे। कंडोम यूज करो।’ मैंने ड्रॉअर से लिया। लंड पर चढ़ाया। चूत पर रगड़ा।

अंदर डाला। टाइट थी। ‘आह मैम, कितनी गर्म।’ धक्के मारे। प्रीती मैम ने कमर उठाई। ‘जोर से बिकास। फक मी हार्ड।’ चुदाई तेज।

बेड हिल रहा। उनके स्तन उछल रहे। मैंने चूसे। ‘आह, बाइट करो।’ चरम पर पहुंचे। मैं झड़ा। प्रीती मैम भी। ‘गुड बॉय।’

उस रात हम दोबारा किए। डॉगी स्टाइल। प्रीती मैम की गांड ऊपर। लंड अंदर। ‘आह, गांड में नहीं, चूत में।’ जोर-जोर से। पसीना बहा। ‘तुम अच्छे स्टूडेंट हो।’ प्रीती मैम बोलीं।

अगले दिन कॉलेज में सब नॉर्मल। लेकिन क्लास में उनकी नजरें। शाम को फिर घर। ये सिलसिला चला।

प्रीती मैम मुझे अलग-अलग पोजीशन्स सिखातीं। ‘अब 69 ट्राई करो।’ हम मुंह से एक-दूसरे को चूसे। उनका रस मीठा। मेरा स्पर्म निगला। ‘टेस्टी।’

एक दिन लैब में। क्लास खत्म। ‘बिकास, रहो।’ दरवाजा लॉक किया। टेबल पर झुकाया। स्कर्ट ऊपर। पैंटी नीचे। लंड डाला। ‘शश, चुप। कोई सुन लेगा।’ लेकिन चुदाई की। जोर से। ‘आह मैम, एक्साइटिंग।’ स्पर्म उनके अंदर।

रिश्ता गहरा हो गया। प्रीती मैम ने कहा, ‘मैं तुम्हें लव करती हूं। लेकिन सीक्रेट।’ मैंने कहा, ‘हां मैम।’ लेकिन शक होने लगा। दोस्तों ने नोटिस किया। ‘तुम मैम के साथ ज्यादा टाइम स्पेंड करते हो।’

फिर एक पार्टी में। कॉलेज फेस्ट। प्रीती मैम डांस कर रही थीं। मैं उनके करीब। रात को होटल। ‘आज फुल नाइट।’ प्रीती मैम बोलीं। हम नंगे।

बॉडी मसाज। तेल लगाया। फिर चुदाई। मिशनरी, काउगर्ल। प्रीती मैम ऊपर। उछल रही। ‘राइड कर रही हूं।’ मैं नीचे से धक्के। ‘आह, डीपर।’

लेकिन खतरा आया। प्रिंसिपल को शक। ‘प्रीती, बिकास के साथ क्या चल रहा?’ प्रीती मैम ने डिनाय किया। लेकिन हम सतर्क हो गए।

अब बाहर मिलते। पार्क, कार। एक बार कार में। ‘ड्राइव करो।’ प्रीती मैम बोलीं। बैकसीट पर। लंड चूसा। फिर चुदाई। ‘फास्ट बिकास।’

समय बीता। एग्जाम्स। प्रीती मैम ने हेल्प की। ‘टॉप करोगे।’ मैंने किया। रिजल्ट के बाद सेलिब्रेशन।

उनके घर। बॉन्डेज ट्राई। ‘हाथ बांधो।’ प्रीती मैम बोलीं। मैंने टाई से बांधा। चाटा हर जगह। चूत, गांड। फिर लंड डाला। ‘आह, सबमिसिव फील।’

अब हमारा रिश्ता मजबूत। प्रीती मैम प्रेग्नेंट हो गईं। ‘तुम्हारा बच्चा।’ शॉक। लेकिन खुशी। ‘शादी करेंगे।’ मैंने कहा। प्रीती मैम हंसीं, ‘हां, लेकिन पहले जॉब।’