आया को ब्लैकमेल कर के लंड पर बिठाया

(Aaya Ko Blackmail Kar Ke Lund Par Bithaya)

विनय का घर एक सामान्य मध्यमवर्गीय परिवार का था। उसके पिता एक व्यस्त व्यापारी थे जो दिन भर दुकान पर रहते थे। मां बीमार रहती थीं और घर का अधिकांश काम संभालना मुश्किल हो गया था।

छोटी बहन लावी मात्र एक साल की थी और उसकी देखभाल के लिए किसी की जरूरत थी। मां ने अखबार में एक विज्ञापन दिया था कि एक अच्छी आया की तलाश है जो बच्चे की देखभाल कर सके। विज्ञापन में साफ लिखा था कि अनुभवी महिला होनी चाहिए जो रोते हुए बच्चे को भी संभाल सके।

कई महिलाओं ने आवेदन किया लेकिन रिचा सबसे आकर्षक लगी। वह 23-24 साल की जवान लड़की थी। उसकी त्वचा गोरी थी और चेहरा बहुत ही सुंदर। लंबे काले बाल जो कमर तक लहराते थे।

वह स्लिम बिल्ड की थी लगभग 5 फीट लंबी। सस्ते टी-शर्ट और जींस पहने हुए भी उसकी बॉडी आकर्षक लग रही थी। विनय और उसकी मां ने उसका इंटरव्यू लिया। मां ने पूछा, “तुम्हें बच्चों की देखभाल का कितना अनुभव है?”

रिचा ने मुस्कुराते हुए कहा, “मैडम, मुझे 10 साल का अनुभव है। मैंने कई घरों में काम किया है। रोते हुए बच्चे को शांत करना मेरी विशेषता है। मैं लावी का पूरा ख्याल रखूंगी।”

विनय चुपचाप उसे घूर रहा था। उसकी नजरें रिचा की 36 इंच की छाती पर टिकी हुई थीं। टी-शर्ट के नीचे से उसके स्तन उभरे हुए दिख रहे थे। वह कल्पना करने लगा कि अगर वह इनको छू ले तो कितना मजा आएगा।

मां ने संतुष्ट होकर कहा, “ठीक है, तुम्हें 10,000 रुपये मासिक वेतन मिलेगा। लेकिन एक साल का बॉन्ड साइन करना होगा। अगर बीच में छोड़ दिया तो 5 लाख का जुर्माना देना पड़ेगा।”

रिचा ने सहमति जताई और काम शुरू कर दिया। वह सुबह 9 बजे आती और शाम 6 बजे तक रहती। लावी के डायपर बदलना, उसके कपड़े धोना, उसे दूध पिलाना सब कुछ वह करती। विनय उसे सख्ती से देखता। कभी-कभी डांटता भी ताकि वह डर जाए। लेकिन रिचा मेहनती थी। वह बिना शिकायत के सब काम करती।

एक दिन हादसा हो गया। विनय के पिताजी की महंगी स्विस घड़ी टेबल पर रखी थी। रिचा लावी को गोद में लेकर कमरे में घूम रही थी। अचानक लावी ने हाथ बढ़ाया और घड़ी गिर गई। कांच टूट गया। घड़ी का कांच ही 10,000 से ज्यादा का था। रिचा घबरा गई। वह घड़ी के टुकड़ों को छिपाने लगी लेकिन विनय ने देख लिया।

विनय ने गुस्से से कहा, “क्या किया तुमने? ये पापा की फेवरेट घड़ी थी! अब क्या होगा? मैं पापा को बता दूंगा और तुम्हें निकाल दूंगा!”

रिचा की आंखों में आंसू आ गए। वह घुटनों पर बैठ गई और बोली, “भैया जी, प्लीज मत बताना। मैं गलती से हो गया। मैं अपनी सैलरी से पैसे कटवा लूंगी। जितना लगे उतना चुकाऊंगी। बस नौकरी मत छुड़ाना। मेरे घर की हालत खराब है।”

विनय के मन में शैतानी विचार आया। वह रिचा को चोदना चाहता था। उसकी बॉडी पर उसकी नजरें पहले से ही थीं। वह मुस्कुराया और कहा, “ठीक है, लेकिन शर्त है। आओ किचन में। वहां बात करते हैं।”

रिचा डरते हुए उसके पीछे-पीछे चली गई। किचन में विनय ने दरवाजा बंद किया। अचानक उसने रिचा को दीवार से सटा लिया। उसके गालों पर किस करने लगा। रिचा चौंक गई और बोली, “भैया जी, ये क्या कर रहे हो? छोड़ो मुझे!”

विनय ने कहा, “चुप रहो। ये घड़ी का पैसा वसूल रहा हूं। अगर नहीं मानी तो पापा को सब बता दूंगा। तुम्हारी नौकरी गई रहेगी।”

रिचा ने विरोध किया लेकिन विनय की पकड़ मजबूत थी। वह थक गई और चुप हो गई। विनय ने उसके रसीले होंठों पर किस करना शुरू कर दिया। गहरा किस। जीभ डालकर चूसने लगा। रिचा की सांसें तेज हो गईं।

वह स्लिम थी, विनय के कंधे तक आती थी। विनय का लंड खड़ा हो गया। वह उसे गोद में उठा लिया। दोनों ने जैसे प्रेमी की तरह किस किया। विनय ने उसके गले और गालों पर किस करते हुए कहा, “तुम बहुत सेक्सी हो रिचा। आज मजा लूंगा।”

रिचा शर्म से लाल हो गई लेकिन कुछ बोली नहीं। विनय उसे अपनी कमरे में ले गया। दरवाजा लॉक कर दिया। मां सो रही थीं तो कोई डिस्टर्ब नहीं करेगा। बेड पर लिटा दिया। रिचा घबराई हुई बोली, “भैया जी, ये सब क्या हो रहा है? प्लीज रुको।”

विनय ने हंसते हुए कहा, “अब चुदाई होगी। तेरी चूत चोदूंगा। घड़ी का बदला लूंगा।”

वह उसके बगल में लेट गया। फिर से होंठ चूमने लगा। रिचा ने थोड़ा सहयोग करना शुरू कर दिया। विनय ने उसकी सस्ती टी-शर्ट ऊपर की। नीचे ब्लू ब्रा दिखी। ब्रा अनहुक की और बाहर निकाल दिया। रिचा के बड़े-बड़े 36 इंच के स्तन बाहर आ गए। गोल, मुलायम, रसीले। विनय की आंखें फैल गईं। उसका 9 इंच का लंड पूरी तरह खड़ा हो गया।

वह स्तनों को जोर-जोर से दबाने लगा। निचोड़ने लगा। रिचा चीखी, “हायी… ऊऊह… आआह…”

विनय ने उसके निप्पल चूसने शुरू किए। बिल्ली की तरह काटने लगा। रिचा चिल्लाई, “आआआह्ह… ईईई… ओह्ह… ऐ-ऐ-ऐ… मम्मी…”

वह 30 मिनट तक स्तनों को चूसता रहा। आम की तरह चाटा। चेहरे को उनके बीच दबा लिया। जोर से मसलता रहा। रिचा कराह रही थी। उसके बाजू, टांगें सब चिकने थे। विनय सोच रहा था कि सादी लगने वाली लड़कियां भी अंदर से कितनी हॉट होती हैं।

फिर जींस उतारी। पैंटी भी खींच ली। रिचा पूरी नंगी हो गई। विनय ने उसकी पीठ, कमर, गांड सहलानी शुरू की। स्तन चूसते हुए होंठ चूमता रहा। उसके स्तन इतने बड़े थे कि मुंह में पूरी तरह समा ही नहीं पाते थे।

विनय ने अपना 9 इंच का लंड उसके हाथ में दे दिया। बोला, “हिला इसे।”

रिचा ने तेजी से मसलना शुरू किया। लंड और मोटा हो गया, 3 इंच व्यास का। विनय आहें भरने लगा। रिचा बोली, “इसकी बदबू आ रही है।”

विनय ने कहा, “चूस ले, साफ हो जाएगा।”

रिचा ने हिचकिचाते हुए लंड मुंह में लिया। आइसक्रीम की तरह चूसने लगी। गहराई तक ले लिया। विनय ने उसका सिर पकड़ लिया और लेटे-लेटे धक्के मारने लगा। रिचा की सांस फूल गई लेकिन वह जारी रखा।

फिर रिचा को सीधा लिटाया। उसके फ्लैट पेट पर किस किया। पसलियां दिख रही थीं। गहरा नाभि। नरमी से काटा। रिचा बोली, “ऐ… आआह्ह… सी सी सी… हा हा हा…”

विनय ने नाभि को कुत्ते की तरह चाटा। चूसा। रिचा तड़पने लगी। बोली, “धीरे भैया जी!”

टांगें फैलाईं। भूरी, क्रीमी चूत दिखी। हल्के बाल। विनय ने क्लिट चाटना शुरू किया। चूत चूसने लगा। रिचा उत्तेजित हो गई। अपने स्तन दबाने लगी। कराही, “हम्म आआह्ह… ऐ ऐ ऐ…”

जीभ चूत के छेद में डाली। रिचा टांगें बंद करने लगी। सिर धकेलने लगी। बोली, “सी सी सी… हा हा हा… ओह हो हो… भैया जी धीरे!!”

विनय गुस्से में बोला, “मादरचोद! हरामी! टांगें फैला!”

रिचा ने फैला दीं। विनय ने अपना मोटा 9 इंच का लंड चूत में डाल दिया। सूजी हुई चूत में लगा जैसे बिजली का प्लग। रिचा ने शर्म से मुंह ढक लिया। आंखें बंद।

विनय ने जोर-जोर से धक्के मारने शुरू किए। बेड हिलने लगा। स्तन उछलने लगे। रिचा चीखी, “औऊ… औऊ… हम्म आआह्ह… सी सी सी… हा हा हा…”

चूत से ताली बजने जैसी आवाज आने लगी। विनय ने स्पीड बढ़ाई। बेड भूकंप की तरह हिल रहा था। मां सो रही थीं तो चिल्ला सकते थे। रिचा चीख रही थी, “ऐ ऐ ऐ… इssss… ऊऊह्ह… ओह्ह्ह…”

विनय झड़ गया। चूत में ही वीर्य डाल दिया………..