भाभी गिटार सीखने के बहाने चुदी

(Bhabhi Gitar Sikhne Ke Bahane Chudi)

मेरा नाम आकाश है, उम्र बाईस साल। पुणे में इंजीनियरिंग पढ़ता हूँ और गिटार बजाने का शौक भी है। साल दो हजार सोलह की बात है। मेरे पड़ोस में रहती थीं लीला भाभी। उम्र छत्तीस साल। पति अरिहंत का अपना बिजनेस था। ज्यादातर समय बाहर रहते थे। लीला भाभी स्कूल में टीचर थीं और घर पर ट्यूशन भी देती थीं।

लीला भाभी का शरीर देखते ही किसी का भी लंड खड़ा हो जाए। गोरी-चिट्टी त्वचा, माप ३६-३४-३८। भारी-भारी स्तन, पतली कमर और मोटा-मोटा गुलाबी चूतड़। जब वे चलती थीं तो उनके स्तन उछलते रहते और चूतड़ लहराते रहते।

मैं अक्सर उनके घर जाता था। ट्यूशन के बहाने छेड़खानी शुरू हो गई थी। भाभी कभी मना नहीं करती थीं। बल्कि मुस्कुरा देती थीं। गर्मियों का मौसम था। एक दिन भाभी पसीने से तर होकर ट्यूशन दे रही थीं। मैंने उनके माथे से बाल पीछे किए। वे मुस्कुरा दीं और शरमा गईं।

एक दिन भाभी ने कहा, “आकाश, मुझे भी गिटार सीखना है।” मैंने तुरंत कहा, “आइए मेरे घर, दोपहर में। घर खाली रहेगा।” पहली मुलाकात में उनका फोन आ गया और वे चली गईं। अगले कुछ दिन पति के घुटने के लिगामेंट ऑपरेशन की वजह से रुक गए। पति घर पर थे लेकिन बिस्तर पर। भाभी को थोड़ी आजादी मिल गई।

दूसरी मुलाकात पर भाभी मेरे घर आईं। मैंने उन्हें गिटार पकड़ाया। उनकी उंगलियाँ स्ट्रिंग्स पर रखीं। मैं पीछे से उन्हें सिखा रहा था। मेरी साँस उनकी गर्दन पर पड़ रही थी। भाभी की साँसें तेज हो गईं। अचानक हमारी नजरें मिलीं। मैंने उन्हें चूम लिया। उन्होंने भी जोर से जवाब दिया। गिटार एक तरफ रख दिया गया।

हम दोनों जोर-जोर से चूमने लगे। जीभें आपस में उलझ गईं। भाभी ने मेरी टी-शर्ट के नीचे हाथ डाला और पेट सहलाने लगीं। मैंने उनके स्तनों को मैक्सी के ऊपर से दबाया। भाभी ने मेरी टी-शर्ट उतार दी और मेरे निप्पलों को चाटने-चूसने लगीं।

मैंने उनकी मैक्सी उतार दी। अंदर काला पैंटी और लाल ब्रा थी। उनके नरम, मक्खन जैसे छत्तीस इंच के स्तन मेरे हाथों में आ गए। मैंने उन्हें जोर-जोर से दबाया। उनके बगलों को चूमा। हल्के बाल थे। गर्दन चाटी। ब्रा के ऊपर से स्तन चूसे। भाभी की खुशबू मुझे पागल कर रही थी।

मैंने ब्रा का हुक पीछे से खोला। उनके नंगे स्तन बाहर आ गए। मैंने एक-एक करके दोनों चूसे। भाभी ने मेरे लंड को पैंट के ऊपर से सहलाया। फिर पैंट उतार दी। अब मैं सिर्फ अंडरवीयर में था। भाभी ने अंडरवीयर भी उतार दिया। मेरा नंगा लंड उनके हाथ में आ गया। बिजली सी लगी। भाभी जोर-जोर से हिलाने लगीं।

“मेरी मुनिया को आजाद करो,” भाभी ने कहा। मैंने उनकी पैंटी उतार दी। उनके बालों वाली गोरी चूत सामने आ गई। पहली बार किसी औरत की चूत देख रहा था। खुशबू ने मुझे नशे में कर दिया।

भाभी बोलीं, “आकाश, मुझे चोदो। पति ऑपरेशन के बाद कुछ नहीं कर पाते। मैं कई दिनों से प्यासी हूँ।” मैंने अपना लंड उनके चूत के मुंह पर रखा। भाभी ने कहा, “धक्का मारो।” एक ही धक्के में मेरा पूरा लंड अंदर घुस गया। भाभी की चूत ढीली थी।

मैं एक मिनट भी नहीं टिक सका। पूछा, “कहाँ निकालूँ?” भाभी बोलीं, “अंदर ही निकालो। ऑपरेशन हो चुका है।” मैंने जोर से झटका मारा और अंदर ही झड़ गया। भाभी संतुष्ट नहीं हुईं। बोलीं, “अब मुँह से चूसो।”

मैंने उनके चूत को चाटना शुरू किया। मेरे ही वीर्य से लथपथ बालों वाली चूत। दस मिनट तक चूसा। उंगलियाँ भी अंदर डालीं। भाभी झड़ गईं। उनके चूत से पानी निकला। मैंने हर एक बूंद पी ली। भाभी ने कहा, “बहुत दिनों बाद गीली हुई हूँ। शुक्रिया आकाश।”

उस दिन के बाद हम नियमित रूप से चोदने लगे। लीला भाभी हर दोपहर मेरे घर आतीं। कभी किचन में, कभी बेडरूम में, कभी सोफे पर। हर जगह हमारी चुदाई होती।

एक दिन भाभी ने कहा, “अब मेरे गांड में डालो।” पहले उन्होंने मना किया था। लेकिन अब तैयार थीं। मैंने उनके गांड को चाटा। फिर धीरे-धीरे अपना लंड डाला। भाभी चीख रही थीं। दर्द हो रहा था लेकिन मजा भी आ रहा था। मैंने पूरा लंड अंदर डाल दिया। भाभी का गांड भी ढीला हो गया।

हम दोनों पसीने-पसीने हो गए। भाभी का शरीर काँप रहा था। मैंने उनके स्तनों को पीछे से पकड़ रखा था। एक हाथ से उनकी चूत भी रगड़ रहा था। भाभी बार-बार झड़ रही थीं।

हमारी चुदाई का सिलसिला महीनों चला। भाभी की शादीशुदा जिंदगी में मुझे ही असली मर्द मिला था। वे हर बार नई-नई पोजीशन आजमातीं। कभी ऊपर चढ़कर चुदवातीं, कभी कुत्ते वाली हालत में।

एक बार भाभी ने कहा, “मुझे दोनों छेदों में एक साथ दो लंड चाहिए।” मैंने दोस्त को बुलाया। तीनों मिलकर भाभी को चोदा। भाभी का मुँह, चूत और गांड तीनों जगह लंड घुसा। भाभी चीख-चीखकर चुद रही थीं।

भाभी का पति जब ठीक हो गया तो वे नया मकान लेकर चली गईं। लेकिन हमारी मुलाकातें जारी रहीं। मैं उनके नए घर भी जाता। वहाँ भी हम चोदते।

लीला भाभी की यादें आज भी ताजा हैं। उनकी गोरी चूत, उनके भारी स्तन, उनका मोटा गांड। सब कुछ याद है। गिटार की एक-एक स्ट्रिंग पर हमारी चुदाई की कहानी लिखी हुई है।

भाभी अक्सर कहतीं, “आकाश, तूने मुझे जिंदा किया है।” मैं कहता, “भाभी, तुम्हारी चूत ने मुझे मर्द बनाया है।” हम दोनों हँसते और फिर चुदने लगते।

कभी-कभी भाभी ट्यूशन के दौरान भी मुझे बुला लेतीं। बच्चे बाहर खेल रहे होते। हम दोनों कमरे में चोदते। भाभी का मुँह बंद करके चीखतीं।

एक दिन भाभी ने पूछा, “क्या तू मुझे गर्भवती कर सकता है?” मैंने कहा, “हाँ भाभी।” उस दिन हमने बिना कंडोम के कई बार चोदा। भाभी की चूत में मेरा वीर्य भर दिया।

भाभी की उम्र बढ़ रही थी लेकिन उनका जोश कम नहीं हुआ। वे हर बार नई-नई बातें करतीं। कभी अंधेरे में चोदना, कभी बारिश में, कभी छत पर।

मेरा गिटार अब भी मेरे पास है। जब भी बजाता हूँ तो लीला भाभी की याद आती है। उनकी साँसें, उनकी चीखें, उनका वीर्य पीना। सब कुछ याद है।

भाभी ने आखिरकार अपने पति को छोड़ दिया। अब वे अकेली रहती हैं। मैं अक्सर उनके घर जाता हूँ। पूरी रात चोदते हैं। सुबह तक थक नहीं पाते।

लीला भाभी आज भी उतनी ही खूबसूरत हैं। उनका शरीर और भी नरम हो गया है। जब वे नंगी होती हैं तो लगता है जैसे कोई देवी सामने खड़ी हो।

मैंने उनसे पूछा, “भाभी, क्या कभी पछतावा होता है?” उन्होंने कहा, “नहीं आकाश। तूने मुझे वो खुशी दी जो मेरे पति कभी नहीं दे पाए।”

हमारी कहानी अभी खत्म नहीं हुई। भाभी का नया घर भी हमारी चुदाई से भरा पड़ा है। हर कोने में हमारी यादें हैं।

गिटार सीखने के बहाने शुरू हुई हमारी दोस्ती आज भी कायम है। भाभी हर हफ्ते मेरे घर आती हैं। हम घंटों चोदते हैं। भाभी का चूत अब मेरे लंड का आदी हो गया है।

कभी-कभी भाभी अपने पुराने कपड़े पहनकर आती हैं। स्कूल की साड़ी, या मैक्सी। मैं उन्हें उतारता हूँ और चोदता हूँ। भाभी हँसती हैं और कहतीं, “तूने मुझे नंगी कर दिया आकाश।”

मैं कहता हूँ, “भाभी, तुम्हारा शरीर देखकर मेरा लंड खुद-ब-खुद खड़ा हो जाता है।” भाभी शरमा जाती हैं और फिर मेरे लंड को मुँह में ले लेती हैं।

भाभी का मुँह गर्म होता है। उनकी जीभ मेरे लंड पर घूमती है। मैं उनके बालों में हाथ फेरता हूँ। भाभी जोर-जोर से चूसती हैं।

फिर मैं उन्हें बिस्तर पर लिटाता हूँ। उनके पैर फैलाता हूँ। उनकी चूत चाटता हूँ। भाभी चीखने लगती हैं। मैं उनकी चूत के अंदर जीभ डालता हूँ।

भाभी का स्वाद अनोखा होता है। मीठा और नमकीन। मैं घंटों चाटता रहता हूँ। भाभी कई बार झड़ जाती हैं।

फिर मैं अपना लंड अंदर डालता हूँ। भाभी की चूत गर्म होती है। मैं धीरे-धीरे चोदता हूँ। भाभी की साँसें तेज हो जाती हैं।

भाभी मुझे ऊपर खींचती हैं। हमारा मुँह आपस में जुड़ जाता है। हम चूमते हुए चोदते हैं। भाभी का शरीर पसीने से तर हो जाता है।

मैं भाभी के स्तनों को चूसता हूँ। उनके निप्पल सख्त हो जाते हैं। भाभी चीखती हैं, “और जोर से चूसो आकाश।”

मैं जोर-जोर से चोदता हूँ। भाभी का बिस्तर हिलने लगता है। भाभी का चूत मेरे लंड को निगल रहा होता है।

आखिर में मैं भाभी की चूत में झड़ जाता हूँ। भाभी संतुष्ट होकर मुस्कुराती हैं। हम दोनों गले मिलते हैं।

यह हमारी रोजमर्रा की दिनचर्या बन गई है। भाभी आती हैं, हम चोदते हैं, फिर भाभी चली जाती हैं।

लेकिन हमारी भूख कभी खत्म नहीं होती। हर बार नया जोश, नई उमंग। भाभी की उम्र भले बढ़े लेकिन उनका सेक्स ड्राइव कभी कम नहीं होता।

मैं भाग्यशाली हूँ कि मुझे ऐसी भाभी मिली। जो मुझे सब कुछ सिखाती हैं। चोदने का, चाटने का, गांड मारने का।

भाभी कहतीं, “आकाश, तू मेरा सबसे अच्छा लवर है।” मैं कहता, “भाभी, तुम मेरी सबसे प्यारी औरत हो।”

हमारी कहानी जारी है। भाभी का इंतजार हर रोज होता है। जब वे आती हैं तो पूरा घर रोशन हो जाता है।

गिटार अब सिर्फ संगीत का साधन नहीं रहा। वह हमारी चुदाई का गवाह बन गया है। हर स्ट्रिंग पर भाभी की साँसें बसी हुई हैं।

लीला भाभी, मेरी प्यारी भाभी। तुम्हारे बिना मेरी जिंदगी अधूरी है। तुम्हारी चूत, तुम्हारे स्तन, तुम्हारा गांड। सब कुछ मेरे लिए अनमोल है।

मैं तुम्हें हमेशा चोदता रहूँगा। जब तक तुम चाहो। जब तक तुम्हारा शरीर साथ दे।

यह हमारी अनकही कहानी है। गिटार सीखने के बहाने शुरू हुई और आज भी जारी है।

भाभी, मैं तुम्हारा हूँ। तुम मेरी हो। हमेशा के लिए।