हाय दोस्तों, मेरा नाम शिल्पा है। मैं अभी 19 साल की हूं और कोलकाता के एक नर्सिंग कॉलेज में पढ़ाई कर रही हूं। कुछ दिनों से मैं अपने भैया और भाभी के साथ यहीं रह रही हूं। भैया एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करते हैं, सुबह जल्दी निकल जाते हैं और शाम को थककर लौटते हैं।
भाभी घर संभालती हैं, लेकिन वो काफी मॉडर्न हैं और घर में हमेशा कुछ न कुछ प्लानिंग करती रहती हैं। हमारा घर कोलकाता के एक शांत इलाके में है, जहां नर्सिंग कॉलेज से बस 20 मिनट की दूरी है। मैं रोज कॉलेज जाती हूं, लेकिन शाम को घर लौटकर भैया-भाभी के साथ समय बिताती हूं।
मेरे भैया का नाम राजेश है, वो 28 साल के हैं, लंबे-चौड़े, हैंडसम और काफी स्ट्रॉन्ग बॉडी वाले। भाभी रीता हैं, 25 साल की, स्लिम फिगर वाली, लेकिन उनकी आंखों में हमेशा शरारत भरी रहती है। मैं तो बस एक साधारण लड़की हूं, लेकिन नर्सिंग की पढ़ाई से मेरा बॉडी थोड़ा फिट हो गया है।
मेरी चूचियां मध्यम साइज की हैं, कमर पतली और गांड गोल-गोल। लेकिन घर में रहते हुए मैंने नोटिस किया कि भैया कभी-कभी मुझे घूरते हैं, खासकर जब मैं छोटे कपड़े पहनती हूं। भाभी को ये पता चल गया था।
एक शाम की बात है। मैं कॉलेज से लौटी तो भाभी किचन में चाय बना रही थीं। भैया अभी ऑफिस से नहीं आए थे। भाभी ने मुझे बुलाया और कहा, ‘शिल्पा, आओ ना, कुछ बात करनी है।’ मैं सोफे पर बैठ गई। भाभी ने चाय का कप थमा दिया और पास बैठ गईं। ‘तुम्हें पता है, राजेश तुम्हें बहुत पसंद करते हैं।
लेकिन वो कभी कुछ कहते नहीं।’ मैं शर्मा गई, ‘भाभी, क्या बात कर रही हो?’ भाभी हंस पड़ीं, ‘अरे, मैं तो सब देखती हूं। तुम्हारी बॉडी पर उनकी नजरें टिक जाती हैं। मैं सोच रही हूं, क्यों ना कुछ मजा करें?’
मैं हैरान हो गई। ‘क्या मतलब?’ भाभी ने धीरे से कहा, ‘मैं चाहती हूं कि तुम्हें राजेश चोदें। लेकिन बिना ये जाने कि वो अपनी बहन को चोद रहे हैं। प्लान बनाऊंगी।’ मेरा दिल धड़कने लगा। भैया से चुदने का ख्याल आते ही मेरी चूत में गीलापन महसूस हुआ।
मैंने कभी ऐसा सोचा नहीं था, लेकिन भाभी की बातों ने मुझे उत्तेजित कर दिया। ‘कैसे?’ मैंने पूछा। भाभी ने आंख मारते हुए कहा, ‘कल रात को लाइट बंद करके, अंधेरे में। मैं तुम्हें अपनी साड़ी पहना दूंगी, और तुम्हें मेरी तरह बात करने को कहूंगी। राजेश सोचेंगे कि वो मुझे चोद रहे हैं।’
मैं सहमत हो गई। रात को भैया आए, डिनर किया। भाभी ने उन्हें शराब का ग्लास थमा दिया। ‘आज थक गए हो, रिलैक्स करो।’ भैया ने पी ली। रात के 11 बजे बेडरूम में लाइट बंद कर दी। भाभी ने मुझे साइन किया। मैं चुपके से बेडरूम में घुस गई।
भाभी बाहर चली गईं। अंधेरा था, सिर्फ स्ट्रीट लाइट की हल्की रोशनी। भैया बेड पर लेटे थे, आंखें बंद। मैं धीरे से बेड पर चढ़ गई, भाभी की साड़ी पहने हुए। ‘रीता, आ गई?’ भैया ने कहा। मैंने भाभी की नकल उतारी, ‘हां जी, सो जाओ।’ लेकिन भैया ने मुझे खींच लिया। ‘आज मूड है।’
भैया ने मेरी साड़ी की चोली खींच दी। मेरी चूचियां बाहर आ गईं। भैया ने मुंह में एक चूची ले ली और चूसने लगे। ‘आह… राजेश…’ मैंने कराहा। उनका लंड साड़ी के ऊपर से सख्त हो गया। मैंने हाथ बढ़ाया और उनके पैंट में डाल दिया। लंड गर्म और मोटा था, कम से कम 7 इंच का।
मैंने सहलाना शुरू किया। भैया ने मेरी साड़ी ऊपर चढ़ाई और चड्ढी उतार दी। उनकी उंगली मेरी चूत पर लगी। ‘तुम आज कितनी गीली हो।’ मैंने सोचा, हां, बहन की चूत तो गीली ही होगी भैया के लंड के लिए।
भैया ने मुझे उल्टा किया और गांड ऊपर कर दी। उनकी जीभ मेरी चूत पर लगी, चाटने लगे। मैं कांप गई। ‘ओह भैया… मतलब राजेश… चाटो ज्यादा।’ जीभ अंदर-बाहर हो रही थी। मेरी चूत का रस बह रहा था। फिर भैया ने लंड निकाला।
अंधेरे में मैंने देखा, मोटा, नसों वाला। ‘चूसो रीता।’ मैंने मुंह में ले लिया। लंड का स्वाद नमकीन, लेकिन मजेदार। मैंने चूसना शुरू किया, जीभ से घुमाया। भैया सिसकारे ले रहे थे। ‘हां, ऐसे ही।’
कुछ मिनट बाद भैया ने मुझे लिटाया। लंड चूत पर रगड़ा। ‘डालो ना।’ मैंने कहा। भैया ने धक्का दिया। लंड आधा अंदर। दर्द हुआ, लेकिन मजा ज्यादा। ‘आह… पूरा डालो।’ भैया ने जोर लगाया, पूरा लंड चूत में समा गया।
चोदना शुरू। धीरे-धीरे, फिर तेज। बेड हिल रहा था। ‘चोदो राजेश, अपनी रीता को चोदो।’ लेकिन अंदर से मैं सोच रही थी, भैया अपनी बहन की चूत फाड़ रहे हो। हर धक्के से चूत में आग लग रही। भैया ने चूचियां दबाईं, चूसे। मैं चरम पर पहुंच गई, चूत सिकुड़ गई। ‘आ रहा हूं…’ भैया ने कहा और स्पर्म छोड़ दिया। गर्म गर्म चूत में।
सुबह हुई। भैया कुछ नहीं समझे। भाभी ने मुझे बताया, ‘प्लान कामयाब। अब और करेंगे।’ अगले दिन कॉलेज में मैं क्लास में बैठी सोच रही थी, भैया का लंड कितना मजा देता है। शाम को घर लौटी तो भाभी ने नया प्लान बनाया। ‘इस बार डिनर के बाद, मैं तुम्हें भैया के साथ बाथरूम में भेजूंगी। कहूंगी कि मसाज दो।’ मैं उत्साहित हो गई।
रात को डिनर के बाद भाभी ने कहा, ‘राजेश, शिल्पा नर्सिंग स्टूडेंट है, वो तुम्हें मसाज देगी। थकान उतरेगी।’ भैया सहमत हो गए। लेकिन भाभी ने प्लान किया कि लाइट बंद, और मैं भाभी के परफ्यूम लगाकर जाऊंगी। बाथरूम में भैया नंगे लेटे थे। मैं अंदर घुसी, ‘भैया, मसाज शुरू।’ लेकिन अंधेरे में भैया ने सोचा भाभी हैं। ‘रीता, आ गई?’ मैंने हां कहा।
मैंने तेल लिया और भैया की पीठ पर मलना शुरू। हाथ नीचे सरकाए, गांड पर। भैया का लंड फिर सख्त। मैंने पकड़ लिया। ‘मसाज यहां भी?’ भैया हंसे। मैंने हिलाना शुरू। लंड फड़फड़ा रहा। फिर भैया उठे, मुझे दीवार से सटा दिया। ‘चोदूं?’ मैंने सिर हिलाया।
लंड चूत में घुसा। बाथरूम में पानी की आवाज के साथ चुदाई। भैया पीछे से धक्के मार रहे। ‘हां रीता, तेरी गांड कितनी टाइट।’ मैं कराह रही, ‘चोदो भैया… राजेश।’ चूत फिसलन भरी, तेज धक्के। भैया ने बाल खींचे, जोर से चोदा। मैं फिर झड़ी। भैया ने कमर पकड़कर स्पर्म भरा।
ये सिलसिला चलता रहा। एक हफ्ते में तीन बार। भाभी खुश, मैं भी। लेकिन एक दिन भाभी ने कहा, ‘अब कुछ नया। पार्टी रखते हैं।’ घर पर छोटी सी पार्टी। भैया को ज्यादा शराब पिलाई। रात को भाभी ने मुझे ब्लाइंडफोल्ड पहनाया, लेकिन भैया को। ‘गेम खेलते हैं।’ भैया सहमत। अंधेरे कमरे में भैया को बांध दिया। मैं भाभी की ड्रेस में।
भैया की आंखें बंद, हाथ बंधे। मैं उनके लंड पर बैठ गई। चूत में लंड लिया। ऊपर-नीचे होने लगी। भैया कराहे, ‘रीता, क्या कर रही हो?’ मैं तेज चली। चूचियां उछल रही। भैया का लंड चूत को रगड़ रहा।
लेकिन प्लान में ट्विस्ट आया। एक रात भाभी ने कहा, ‘आज मैं भी जॉइन करूंगी। लेकिन भैया को पता न चले।’ हमने प्लान किया। लाइट बंद, मैं और भाभी दोनों। भैया सोचे एक ही हैं। भैया ने पहले मुझे चोदा, डॉगी स्टाइल। लंड चूत में। भाभी पास में। फिर भैया थके, भाभी ने लिया। लेकिन मैंने भैया का लंड फिर चूसा। रात भर चुदाई। भैया ने दोनों को चोदा बिना जाने।
धीरे-धीरे मैं भैया से खुलकर मजा लेने लगी। कॉलेज में भी सोचती। मैं बदल गई। नर्सिंग की पढ़ाई में मन लगता, लेकिन सेक्स का ख्याल। भाभी से बातें, ‘कैसा लगा?’ ‘बहुत मजा।’ भैया खुश, सोचते भाभी से रिश्ता मजबूत हो रहा। लेकिन सच्चाई ये कि बहन की चूत उनका लंड निगल रही।
अब घर सेक्स का अड्डा बन चूका था। कोलकाता में हम तीनों खुश थे । मैं नर्सिंग पूरी करूंगी, लेकिन भैया का लंड हमेशा याद रहेगा।
दोस्तों, ये मेरी कहानी। मजा लो? कमेंट करो।