मेरा नाम राज है। उम्र उन्नीस साल। गाँव में संयुक्त परिवार के साथ रहता हूँ। मेरी चाची की उम्र पैंतीस साल है। उनका फिगर ३४-३०-३८। चाची का शरीर बहुत चिकना और गोरा है।
उनकी मोटी-मोटी चूचियाँ और भारी-भारी गांड मुझे बचपन से ही पागल किए हुए थीं। चाची अक्सर बिना किसी शर्म के मेरे सामने नहाती थीं। उन्हें लगता था कि मैं अभी बच्चा हूँ।
जनवरी २०२३ की बात है। एक दोस्त ने मुझे बताया कि उसने अपनी चाची को चोदा है। उसकी बात सुनकर मेरे मन में भी विचार आया कि मैं अपनी चाची को कैसे रिझाऊँ।
चाची के पति अक्सर बाहर रहते थे। घर में चाची, उनका बेटा, मेरे माता-पिता और छोटा भाई रहते थे।
एक दिन चाची नहाने जा रही थीं। पुराने घर में बाथरूम का दरवाजा नहीं था। मैंने उनसे पूछा, “चाची, सेक्स कैसे होता है?” चाची गुस्से में आ गईं और जोर से थप्पड़ मारकर मुझे बाहर निकाल दिया। उन्होंने कहा, “पढ़ाई करो, बेवकूफी मत करो।”
मेरे दोस्त ने सलाह दी कि चाची की चूचियाँ दबाओ। एक दिन चाची कमरे में अकेली थीं। मैं दरवाजे के पीछे छिप गया। जैसे ही वे निकलीं, मैंने उनकी दोनों चूचियाँ जोर से निचोड़ लीं। चाची चीख पड़ीं, “चूहा!” फिर उन्होंने मुझे जोरदार थप्पड़ मारा।
सर्दियों की एक रात थी। पूरा घर सो चुका था। मैं चाची के कमरे में घुसा। दरवाजा बंद किया। चाची बिस्तर पर सो रही थीं।
मैंने कपड़े उतारे और अपना लंड हाथ में लेकर हिलाने लगा। फिर उनके पास जाकर उनकी चूचियों को छूने लगा।
मेरे हाथों का स्पर्श पाकर चाची जाग गईं। उन्होंने गुस्से में पूछा, “तू क्या कर रहा है?”
मैंने सारी हिम्मत जुटाकर कहा, “चाची, मैं कॉलेज की लड़कियों को चोद चुका हूँ लेकिन तुम्हें भूल नहीं पा रहा।
तुम्हारी चूचियाँ और गांड मुझे पागल किए हुए हैं।” चाची हँस पड़ीं। उन्होंने पूछा, “तुम्हारे चाचा में क्या कमी है?
मैंने कहा, “चाचा तो चूतिया है।” चाची और जोर से हँसने लगीं।
चाची ने मेरे हाथ से पैंट छीन ली और कहा, “अब मत पहनो।” उनकी आँखों में चमक थी।
मैं पूरी तरह नंगा हो गया। मेरा पाँच इंच का मोटा सफेद लंड उनके सामने खड़ा हो गया। चाची उठकर बैठ गईं और मेरे लंड को घूरने लगीं।
हम दोनों के होंठ आपस में मिल गए। मैंने उनकी साड़ी, ब्लाउज, ब्रा और पैंटी उतार दी। चाची पूरी तरह नंगी हो गईं।
उनका शरीर नोरा फतेही जैसा लग रहा था। मैंने उनकी चूचियाँ मुंह में लेकर चूसना शुरू कर दिया। चाची कराहने लगीं।
उन्होंने अपनी दोनों चूचियाँ मेरे मुंह में ठूँस दीं। मैंने उनकी निप्पलों को काटा और चूसा।
मैं नीचे झुका और उनकी जांघें खोलकर चाची की चूत चाटने लगा। चाची ने पहले मुझे रोकने की कोशिश की लेकिन जल्दी ही उनकी साँसें तेज हो गईं।
उन्होंने मेरे बाल पकड़कर मेरा सिर अपनी चूत में दबा लिया।
मैंने उनकी चूत के अंदर जीभ घुसा दी और जोर-जोर से चाटने लगा। चाची पहली बार चूत चटवाने का मजा ले रही थीं। वे चीखने लगीं, “राज… और जोर से चाट…”
चाची ने कहा, “अब अपना लंड मेरी चूत में डालो।” लेकिन मैंने कहा, “पहले मेरा लंड चूसो।” चाची ने मना कर दिया।
मैंने ब्लैकमेल किया, “चूसोगी नहीं तो चोदूंगा भी नहीं।” चाची ने आखिरकार मेरा लंड मुंह में लिया।
उन्होंने जोश से मेरे लंड को चूसना शुरू कर दिया। पंद्रह मिनट तक चाची ने मेरे लंड को चूसा।
मैंने चाची को पीठ के बल लिटाया। उनके पैरों को कंधों पर रखा। मैंने अपने लंड का सिरा उनकी चूत पर रगड़ा।
चाची बेताब होकर बोलीं, “राज… अब मत तड़पा… चोद डाल मुझे।” मैंने एक जोरदार झटके में आधा लंड अंदर घुसा दिया। चाची जोर से चीख पड़ीं।
मैंने पंद्रह मिनट तक जोर-जोर से चोदना शुरू कर दिया। चाची की चूत गीली और गर्म थी। उनका शरीर काँप रहा था।
वे चीख रही थीं, “मेरी चूत फाड़ दो… और तेज चोदो…” चाची पहले झड़ गईं। उनकी चूत ने मेरे लंड को कस लिया। मैं भी झड़ने लगा।
चाची ने कहा, “अंदर ही छोड़ दो।” मैंने अपना गरम-गरम वीर्य उनकी चूत में भर दिया।
हम दोनों थककर एक-दूसरे की बाहों में सो गए। एक घंटे बाद चाची ने मुझे जगाया। उन्होंने कहा, “राज, तूने मुझे स्वर्ग दिखा दिया।
अब से मैं तेरी हो गई हूँ। जब भी चाहेगा, चोद लेना।” हमने फिर जोश से किस किया।
उस रात के बाद चाची हर रात मुझे अपने कमरे में बुलाती हैं। वे अब मेरी रसभरी चुदाई की गुलाम बन चुकी हैं।
चाची कहती हैं कि उनका पति उन्हें कभी ऐसा मजा नहीं दे पाया। अब वे हर दिन मेरे लंड की भूखी रहती हैं।
एक शाम चाची नहा रही थीं। मैं बाथरूम में घुस गया। चाची ने मुझे देखकर मुस्कुराते हुए कहा, “आ जा, आज तू मुझे नहला दे।” मैंने उनकी पीठ पर साबुन लगाया।
मेरे हाथ उनकी चूचियों पर फिसल गए। चाची की साँसें तेज हो गईं। मैंने उन्हें दीवार से लगाकर पीछे से चोदना शुरू कर दिया।
चाची की ३८ इंच की गांड मेरे लंड पर थप्पड़ मार रही थी। पानी की बौछार के बीच हम दोनों जोर-जोर से चोद रहे थे।
चाची चीख रही थीं, “और जोर से… मेरी चूत फट रही है…”
रात को चाची ने मुझे कुत्ते वाली पोजीशन में डाला। मैंने उनके बाल पकड़कर जोर-जोर से चोदना शुरू कर दिया।
चाची की गांड लहरा रही थी। मैंने उनकी गांड पर थप्पड़ मारे। चाची का तीसरा ऑर्गेज्म आ गया। वे चीख पड़ीं, “राज… मैं मर गई…”
हमने पूरी रात चार बार चुदाई की। हर बार मैंने चाची की चूत में वीर्य छोड़ा। चाची ने मेरा लंड चूस-चूसकर साफ किया।
वे कहती हैं कि अब वे बिना मेरे लंड के रह नहीं सकतीं।
चाची ने मुझे बताया कि उनके पति गे हैं। उन्हें पुरुषों के साथ एनल सेक्स पसंद है।
चाची ने कहा, “अब से मेरी गांड भी तेरी है।” अगली रात मैंने चाची की गांड में लंड डाला।
चाची दर्द से चीख पड़ीं लेकिन जल्दी ही मजा लेने लगीं। मैंने उनकी गांड को भी चोदा। चाची का शरीर काँप रहा था।
हमारी चुदाई अब रोज की आदत बन गई है। चाची मुझे हर जगह चोदने देती हैं।
रसोई में, छत पर, बाथरूम में। एक दिन चाची ने मुझे कहा, “अगर तू चाहे तो मैं तेरे दोस्तों को भी चुदवा दूँगी।
मैंने कहा, “पहले तू मेरी पूरी तरह गुलाम बन जा।” चाची ने मेरा लंड चूसते हुए कहा, “मैं तेरी गुलाम हूँ राज।
हमारी कहानी यहीं खत्म नहीं होती। चाची अब मेरी रसभरी चुदाई की प्यासी रहती हैं।
हर रात नई पोजीशन में चोदते हैं। चाची की चूत अब मेरे लंड की आदी हो चुकी है।
वे कहती हैं कि अगर मैं चाहूँ तो वे मेरे लिए और औरतें भी ला सकती हैं।
राज की चाची अब पूरी तरह उसकी हो चुकी है। उनकी चिकनी चूत और मोटी चूचियाँ अब राज की संपत्ति हैं।
चाची हर सुबह राज के लंड को चूमकर नमस्ते करती हैं। रात को वे बिना कपड़ों के सोती हैं ताकि राज कभी भी चोद सके।
एक दिन चाची ने राज से कहा, “मुझे गैंगबैंग करवाओ।” राज ने वादा किया कि वह चाची की यह फैंटेसी भी पूरी करेगा।
चाची की आँखें चमक उठीं। वे राज के लंड को चूसने लगीं।
इस तरह राज ने अपनी चाची को पूरी तरह जीत लिया।
चाची अब हर पल राज के लंड की भूखी रहती हैं। उनकी रसभरी चुदाई जारी है…………………..