अकाश दिल्ली के एक कॉलेज का स्टूडेंट था। कॉलेज की वार्षिक ट्रिप बाली के लिए तय हुई थी। पूरे ग्रुप में उसकी नजर सबसे ज्यादा अपनी क्लासमेट रिया पर टिकी थी। रिया 26 साल की थी, गोरी चमड़ी, मोटे-मोटे स्तन और गोल-गोल नितंबों वाली लड़की। ट्रिप शुरू होते ही अकाश ने रिया से दोस्ती बढ़ाई।
पहले दिन होटल के स्विमिंग पूल में रिया तैरना नहीं जानती थी। अकाश ने खुद को स्विमिंग कोच बताते हुए उसे सबक सिखाने की पेशकश की। रिया मान गई। अकाश ने पहले उसके कूल्हों को पकड़कर पानी में संतुलन सिखाया। फिर हाथ आगे बढ़ाकर उसके स्तनों के नीचे से सहारा दिया। रिया हँसी में झूम उठी लेकिन अकाश के हाथों के स्पर्श को महसूस कर रही थी।
“अकाश, तुम्हारे हाथ बहुत मजबूत हैं,” रिया ने कहा।
“तुम्हारा शरीर भी बहुत नरम है,” अकाश ने फुसफुसाते हुए जवाब दिया।
रिया की सांसें तेज हो रही थीं। अकाश ने धीरे से उसके निप्पल को छुआ। रिया ने आँखें बंद कर लीं। पानी में ही अकाश ने उसके होंठों पर अपना मुँह रख दिया। दोनों ने जोर से चूमना शुरू कर दिया।
“मेरे कमरे में चलो,” रिया ने कहा।
“नहीं, मेरे कमरे में,” अकाश ने जोर देकर कहा।
दोनों अकाश के कमरे में पहुँचे। अकाश ने दरवाजा बंद किया और रिया को बिस्तर पर लिटा दिया। उसने रिया के कपड़े उतारने शुरू किए। पहले टी-शर्ट, फिर ब्रा। रिया के स्तन बाहर निकल आए। अकाश ने दोनों स्तनों को हाथों में लेकर दबाना शुरू कर दिया।
“आह… अकाश… और जोर से दबाओ,” रिया चीखी।
अकाश ने रिया के निप्पलों को चूसा। जीभ से घुमाते हुए चाटा। रिया का शरीर काँप रहा था। फिर अकाश ने रिया की शॉर्ट्स और पैंटी उतारी। रिया की चिकनी, बाल रहित चूत सामने आ गई। अकाश ने अपना मुँह रिया की जांघों के बीच रखा।
“क्या कर रहे हो?” रिया ने पूछा।
“तुम्हें स्वर्ग दिखा रहा हूँ,” अकाश ने जवाब दिया।
अकाश ने रिया की चूत को चाटना शुरू कर दिया। जीभ से भग को छेड़ा। फिर अंदर तक जीभ डाली। रिया की साँसें भारी हो गईं।
“ओह… भगवान… यह क्या कर रहे हो…” रिया कराह रही थी।
अकाश ने रिया की चूत के अंदर उँगलियाँ डालीं। एक उँगली, फिर दो। रिया का शरीर ऐंठ रहा था। अकाश ने अपनी जीभ से रिया के भग को चूसना शुरू कर दिया।
“मैं… मैं… आ रही हूँ…” रिया चीखी।
रिया का शरीर काँप उठा। उसकी चूत से पानी की तरह तरल निकलने लगा। अकाश ने सब कुछ पी लिया। रिया का स्वाद उसके मुँह में फैल गया।
“अब मेरी बारी,” अकाश ने कहा।
अकाश ने अपने कपड़े उतारे। उसका लंड खड़ा हो चुका था। अकाश ने रिया के स्तनों पर बैठकर अपना लंड रिया के मुँह के पास ले गया।
“चूसो,” अकाश ने कहा।
रिया ने अकाश के लंड को मुँह में लिया। जीभ से चाटते हुए चूसने लगी। अकाश के लंड पर लार की परत चढ़ गई।
“बहुत अच्छा चूस रही हो,” अकाश ने सराहा।
फिर अकाश ने रिया को पेट के बल लिटाया। उसने रिया के कूल्हों को ऊपर उठाया। अकाश ने अपना लंड रिया की चूत के पास रखा।
“अंदर डालो,” रिया ने भीख माँगी।
अकाश ने एक जोरदार झटका मारा। उसका लंड रिया की चूत में घुस गया। रिया चीख पड़ी।
“आह… बहुत बड़ा है…” रिया कराह उठी।
अकाश ने रिया को कुत्ते की तरह चोदना शुरू कर दिया। एक हाथ से रिया के बाल पकड़े, दूसरे हाथ से उसके स्तन दबाए।
“और जोर से… और तेज…” रिया चीख रही थी।
अकाश का लंड रिया की चूत में अंदर-बाहर हो रहा था। रिया की चूत से चिकनाहट की आवाजें आ रही थीं।
“मेरा लंड कैसा लग रहा है?” अकाश ने पूछा।
“बहुत अच्छा… और गहरा…” रिया ने जवाब दिया।
अकाश ने रिया को पीठ के बल लिटाया। अब 69 पोजीशन में चोदने लगा। रिया के पैर अकाश के कंधों पर रखे थे।
“मेरी चूत फाड़ दो,” रिया चीखी।
अकाश ने रिया की चूत में अपना लंड जोर-जोर से ठोंका। रिया के स्तन उछल रहे थे।
“मैं झड़ने वाली हूँ,” रिया ने कहा।
रिया का शरीर काँप उठा। उसकी चूत ने अकाश के लंड को निचोड़ लिया। अकाश को भी मालूम हो गया कि वह झड़ने वाला है।
“बाहर निकालो,” रिया ने कहा।
अकाश ने अपना लंड निकाला और रिया के स्तनों पर झड़ गया। गाढ़ा सफेद वीर्य रिया के स्तनों पर फैल गया।
“अब बालकनी में चलो,” अकाश ने कहा।
दोनों बालकनी में गए। रिया ने बालकनी की रेलिंग पकड़ ली। अकाश ने पीछे से रिया की चूत में लंड डाला।
“यहाँ कोई देख लेगा,” रिया ने कहा।
“देखने दो,” अकाश ने जवाब दिया।
अकाश ने रिया को बालकनी पर चोदना शुरू कर दिया। रिया की चीखें रात के सन्नाटे में गूँज रही थीं।
“और जोर से… मुझे और चाहिए,” रिया चीख रही थी।
अकाश ने रिया के कूल्हों को पकड़कर जोर-जोर से झटके मारे। रिया की चूत में अकाश का लंड बार-बार घुस रहा था।
“मैं फिर झड़ रही हूँ,” रिया ने कहा।
रिया का शरीर काँप उठा। अकाश ने भी अपना लंड निकाला और रिया की गांड पर झड़ गया। वीर्य की धार रिया की गांड पर बहने लगी।
“अब आराम करो,” अकाश ने कहा।
दोनों बिस्तर पर लेट गए। कुछ देर बाद रिया ने अकाश के ऊपर बैठकर काउगर्ल पोजीशन में लंड लिया।
“अब मैं चोदूंगी,” रिया ने कहा।
रिया ने अकाश के लंड पर अपनी चूत रगड़ना शुरू कर दिया। फिर लंड को अंदर ले लिया।
“तुम्हारी चूत बहुत टाइट है,” अकाश ने कहा।
रिया ने अकाश के लंड पर ऊपर-नीचे होना शुरू कर दिया। अकाश ने रिया के स्तनों को हाथों में लिया।
“देखो कैसे चोद रही हूँ,” रिया ने कहा।
रिया का शरीर पसीने से तर हो गया। अकाश ने रिया की कमर पकड़कर ऊपर से भी झटके मारे।
“मैं फिर झड़ने वाली हूँ,” रिया ने कहा।
रिया का शरीर काँप उठा। अकाश ने भी अपना वीर्य रिया की चूत में छोड़ दिया।
“गर्म लग रहा है,” रिया ने कहा।
दोनों थककर सो गए। सुबह उठकर रिया ने कहा कि उसकी चूत दर्द कर रही है।
“फिर भी और चाहिए,” रिया ने कहा।
ट्रिप के बाकी दिनों में अकाश और रिया हर मौके पर सेक्स करते रहे। पूल में, कमरे में, बालकनी में, यहाँ तक कि बस में भी जब मौका मिला।
“तुम्हारा लंड बहुत अच्छा है,” रिया ने कहा।
“तुम्हारी चूत भी बहुत स्वादिष्ट है,” अकाश ने जवाब दिया।
ट्रिप खत्म होने पर दोनों दिल्ली लौट आए लेकिन उनका सेक्स एडवेंचर जारी रहा।
“अब कॉलेज में भी मिलते रहेंगे,” अकाश ने कहा।
“हाँ, और सेक्स भी करते रहेंगे,” रिया ने जवाब दिया।