मेरा पहला सेक्स स्कूल टीचर के साथ

(Mera Pahla Sex School Teacher Ke Sath)

मेरा नाम आकाश है। मैं गोरा हूँ और मेरी हाइट 6 फीट है। यह मेरे पहले सेक्स की कहानी है, जो मेरी स्कूल की टीचर के साथ हुई। यह सब तब शुरू हुआ जब मैं 12वीं क्लास में था। हमारा स्कूल एक छोटे शहर में था, जहाँ सब कुछ शांत और सामान्य लगता था, लेकिन मेरे मन में हमेशा कुछ उत्तेजक विचार घूमते रहते थे। मैं एक औसत छात्र था, लेकिन पढ़ाई से ज्यादा मेरी नजरें हमेशा लड़कियों पर रहतीं। खासकर हमारी इंग्लिश टीचर, मिस रिया पर।

मिस रिया लगभग 28 साल की थीं। उनकी उम्र मुझसे दोगुनी थी, लेकिन वे इतनी खूबसूरत थीं कि क्लास के सारे लड़के उनके पीछे पागल थे। लंबे काले बाल, गोरी त्वचा, और एक ऐसा फिगर जो साड़ी में भी सब कुछ उजागर कर देता था।

उनकी कमर पतली थी, छाती भरी हुई, और जब वे ब्लैकबोर्ड पर लिखतीं तो उनकी गांड की हलचल देखकर मेरा लंड हमेशा खड़ा हो जाता। मैं अक्सर क्लास में पीछे की बेंच पर बैठा उनकी बॉडी को घूरता रहता। कभी उनकी चूड़ियों की खनक सुनकर, कभी उनके होंठों की लाली देखकर।

एक दिन, स्कूल के बाद, मिस रिया ने मुझे क्लासरूम में रोका। ‘आकाश, तुम्हारी इंग्लिश बहुत खराब है। कल दोपहर को मेरे ऑफिस में आओ, एक्स्ट्रा क्लास लूंगी।’ उनकी आवाज में एक मिठास थी जो मेरे दिल को छू गई। मैंने हाँ कह दिया और घर चला गया। रात भर मैं सोचता रहा कि क्या होगा। मेरे मन में गंदे ख्याल आ रहे थे। क्या अगर मैंने कुछ कहा तो वे नाराज होंगी? या शायद… कुछ और?

अगले दिन दोपहर को मैं स्कूल पहुँचा। ऑफिस खाली था। मिस रिया अकेली बैठी थीं, एक सलवार कमीज में। कमीज थोड़ी टाइट थी, जिससे उनके स्तनों की आकृति साफ दिख रही थी। ‘बैठो आकाश,’ उन्होंने कहा।

मैं उनके सामने कुर्सी पर बैठ गया। वे किताब खोलकर समझाने लगीं, लेकिन मेरा ध्यान कहीं और था। उनकी गर्दन पर पसीने की बूंदें चमक रही थीं। गर्मी ज्यादा थी।

जब वे आगे झुकीं तो उनकी कमीज का बटन खुला सा लग गया, और मुझे उनके ब्रा का काला स्ट्रैप दिख गया। मेरा लंड तुरंत सख्त हो गया। मैंने अपनी किताब से नजरें हटाईं नहीं, लेकिन मन ही मन घूर रहा था। अचानक उन्होंने नोटिस किया। ‘

आकाश, क्या हो गया? ध्यान कहाँ है?’ मैं लज्जित हो गया। ‘सॉरी मैम।’ लेकिन वे मुस्कुराईं। ‘तुम्हें लड़कियाँ पसंद हैं ना? उम्र के हिसाब से नॉर्मल है। लेकिन पढ़ाई पर फोकस करो।’

उनकी यह बात सुनकर मुझे हिम्मत मिली। अगले कुछ दिनों में एक्स्ट्रा क्लास चलती रहीं। हर बार वे थोड़ा करीब आतीं। कभी हाथ छू लेतीं, कभी मेरी पीठ पर थपकी मारतीं। एक दिन, क्लास के बाद, बारिश हो गई। स्कूल बंद हो गया।

‘आकाश, तुम्हें छतरी नहीं है? मेरे साथ चलो, मैं ड्रॉप कर दूंगी।’ हम उनकी कार में बैठ गए। रास्ते में बातें होती रहीं। वे पूछतीं, ‘गर्लफ्रेंड है?’ मैं हँसकर कहता, ‘नहीं मैम, लेकिन आप जैसी कोई हो तो अच्छा हो।’ वे हँस पड़ीं।

घर पहुँचते-पहुँचते बारिश तेज हो गई। ‘आकाश, अंदर आ जाओ, भीग जाओगे। चाय पिला दूंगी।’ उनका घर छोटा सा था, लेकिन साफ-सुथरा। मैं अंदर गया। वे किचन में चाय बनाने लगीं। मैं सोफे पर बैठा उनकी पीठ देख रहा था। सलवार में उनकी गांड की गोलाई साफ दिख रही थी।

मेरा लंड फिर खड़ा हो गया। वे चाय लेकर आईं। ‘पी लो।’ हम साथ बैठे बातें करने लगे। धीरे-धीरे टॉपिक पर्सनल हो गया। ‘तुम्हें किसिंग का अनुभव है?’ उन्होंने पूछा। मैं शर्मा गया। ‘नहीं मैम।’

वे करीब आईं। ‘चाहो तो सिखा सकती हूँ। लेकिन यह हमारा सीक्रेट रहेगा।’ मेरा दिल धड़कने लगा। मैंने सिर हिलाया। वे मेरे चेहरे के पास आईं। उनके होंठ मेरे होंठों से छू गए। पहले हल्का सा, फिर गहरा। उनकी जीभ मेरे मुँह में घुस गई। मैंने जवाब दिया। किसिंग का मजा आ गया।

उनके हाथ मेरे बालों में थे। हम 10 मिनट तक किस करते रहे। फिर वे पीछे हटीं। ‘बस इतना ही आज। लेकिन कल फिर आना।’

अगले दिन मैं बेकरार था। शाम को फिर उनके घर। इस बार वे नेग्लिजी पहने थे। पतली सी, जिससे उनके निप्पल्स दिख रहे थे। ‘आओ आकाश।’ हम सीधे बेडरूम में गए। ‘आज और कुछ सिखाऊँगी।’ उन्होंने मेरी शर्ट उतारी। मेरा चेस्ट छुआ।

फिर अपनी नेग्लिजी उतार दी। ब्रा और पैंटी में वे और सेक्सी लग रही थीं। उनके स्तन बड़े थे, 36D के लगते थे। ‘छूओ इन्हें।’ मैंने हाथ बढ़ाया। नरम थे। मैंने दबाया। वे सिसकारी लेने लगीं। ‘अच्छा है आकाश।’

फिर उन्होंने मेरी पैंट उतारी। मेरा लंड बाहर आ गया, सख्त और लंबा। 7 इंच का। ‘वाह, अच्छा साइज है।’ वे हाथ में लिया। सहलाने लगीं। मैं सिहर उठा। ‘मैम…’ ‘चुप।’ वे घुटनों पर बैठ गईं। अपने मुँह में मेरा लंड ले लिया। चूसने लगीं। ब्लोजॉब का पहला अनुभव।

उनकी जीभ लंड की चोटी पर घूम रही थी। मैं कंट्रोल नहीं कर पाया। ‘मैम, आने वाला है।’ लेकिन वे नहीं रुकीं। मैं झड़ गया। उनका मुँह स्पर्म से भर गया। वे निगल गईं।

अब मेरी बारी। ‘अब तुम मेरी चूत चाटो।’ उन्होंने पैंटी उतारी। उनकी चूत साफ थी, गीली। मैंने जीभ डाली। स्वाद नमकीन। वे चीखीं। ‘हाँ आकाश, ऐसे ही।’ मैं चूसता रहा। उनकी क्लिट को चाटा। वे काँपने लगीं। ‘बस, अब चोदो मुझे।

वे बेड पर लेट गईं। पैर फैलाए। मैं ऊपर चढ़ा। मेरा लंड उनकी चूत पर रगड़ा। फिर धक्का दिया। अंदर चला गया। टाइट थी। ‘आह!’ वे चीखीं। मैं धीरे-धीरे पेलने लगा।

पहला स्ट्रोक, दूसरा। स्पीड बढ़ाई। उनकी चूत गीली हो गई। ‘फास्ट आकाश, जोर से चोदो।’ मैंने जोर लगाया। बेड हिलने लगा। उनके स्तन उछल रहे थे। मैंने एक को मुँह में लिया, चूसा। वे मदहोश हो गईं। 15 मिनट तक चुदाई चली। फिर वे ऊपर आईं। खुद लंड पर बैठीं। ऊपर-नीचे होने लगीं। उनकी गांड मेरी जांघों पर टकरा रही थी। ‘ओह आकाश, कितना अच्छा लग रहा है।’

फिर डॉगी स्टाइल। ‘लुब्रिकेंट लगाओ, धीरे से।’ उनकी गांड टाइट थी, लेकिन अंदर घुस गया। वे दर्द से चीखीं, लेकिन मजा भी लिया। उनकी गांड पकड़ी। जोर-जोर से ठोकने लगा। ‘हाँ, गांड मारो।’ वे चिल्लाईं। मेरा लंड उनकी चगांड में अंदर-बाहर।

आखिरकार मैं झड़ गया। स्पर्म उनकी गांड में डाल दिया। हम दोनों थक गए। लेटे रहे। ‘यह तुम्हारा पहला सेक्स था ना? कैसा लगा?’ ‘अद्भुत मैम।’

लेकिन यह अंत नहीं था। इसके बाद हमारी मुलाकातें बढ़ गईं। हर हफ्ते दो-तीन बार। कभी स्कूल के स्टोर रूम में, कभी उनके घर पर। एक बार स्कूल ट्रिप के दौरान होटल में। वहाँ हम रात भर चुदाई करते रहे। मैंने नई-नई पोजीशन्स सीखीं। 69 पोज, एनल सेक्स भी। पहले तो डर लगता था, लेकिन मिस रिया ने सिखाया।

समय बीतता गया। 12वीं खत्म हुई। लेकिन हमारा रिश्ता नहीं। कॉलेज जाने के बाद भी मैं मिलता रहता। वे अब मेरी लवर बन गई थीं। कभी वे मेरे दोस्तों के बारे में पूछतीं, लेकिन हमारा सीक्रेट सुरक्षित रहा।

एक दिन, उन्होंने कहा, ‘आकाश, तुम्हें शादी करनी चाहिए। लेकिन याद रखना, पहला सेक्स हमारा था।

यह थी मेरे पहले सेक्स की कहानी है उम्मीद करता हु आप सभी को बहुत पसंद आयी होगी।