नमस्कार दोस्तों, मैं मोहन सिंह। काफी दिनों बाद फिर से आप सबके सामने अपनी नई हिंदी सेक्स स्टोरी लेकर आया हूँ।
पिछले दो हफ्ते मैं कोविड वार्ड में भर्ती था और फिर दो हफ्ते होम आइसोलेशन में। लेकिन अब पूरी तरह ठीक हूँ और फिर से आप लोगों को मोटी-मोटी चूतों की कहानियाँ सुनाने लगा हूँ।
पिछली कड़ी में मैंने आपको बताया था कि कैसे मैंने अपनी साली की बड़ी बेटी अनीता की चूत ली, फिर उसके सामने उसके नपुंसक पति कमल के सामने उसकी चूत मारी, फिर उसकी सास वीणा की चूत भी ली।
फिर मैंने अनीता के लिए मुंबई में एक फ्लैट भी ले लिया था। उसके बाद मैंने अनीता की छोटी बहन अवीना की कुंवारी चूत भी तोड़ी थी होटल में।
वीणा ने मुझे फोन किया था कि उसे बहुत चूत मरवा रही है। मैंने उसे मुंबई बुला लिया था दो दिन के लिए।
अब आगे की कहानी सुनिए।
अनीता ने मेरे मुँह पर अपना मोटा-मोटा होंठ चिपका दिया। उसकी जीभ मेरे मुँह के अंदर घुसकर मेरी जीभ से खेलने लगी।
“भाई जी, कल रात अवीना के साथ कैसा मजा आया?” अनीता ने मेरे कान में फुसफुसाते हुए पूछा।
मैंने उसकी गांड पर हाथ मारते हुए कहा, “तेरी बहन की चूत बहुत टाइट थी। पहली बार चुदने पर भी उसने बहुत चीख-चीखकर चूत मरवायी।”
अनीता ने मेरी पैंट के अंदर हाथ डालकर मेरा लंड पकड़ लिया। उसका हाथ मेरे लंड पर फिसलने लगा।
“भाई जी, मुझे भी चोदो ना।” अनीता ने मेरा लंड सहलाते हुए कहा।
“अभी नहीं अनीता। पहले हनीमून की तैयारी कर लेते हैं।” मैंने उसका हाथ हटाते हुए कहा।
मैं घर जाकर सो गया। दोपहर चार बजे उठकर मैंने हनीमून के टिकट खरीदे। फिर अपने मेडिकल स्टोर वाले दोस्त के पास गया और उससे खास तरह की फीमेल वियाग्रा जैसी गोलियाँ खरीदीं।
जब मैं अनीता के फ्लैट पहुँचा तो दोनों बहनें बिस्तर पर सो रही थीं। मैंने उन्हें हनीमून के टिकट दिखाए। दोनों बहनें खुशी से मेरे गले लग गईं।
अनीता ने मुझे अपनी गोद में खींच लिया और मेरे होंठों पर अपना मुँह चिपका दिया। अवीना ने मेरी पैंट खोलकर मेरा लंड बाहर निकाला और उसे सहलाने लगी।
“बहुत मोटा है भाई जी का लंड।” अवीना ने मेरे लंड को चूमते हुए कहा।
अनीता ने मेरी शर्ट उतारकर मेरे नाभि से लेकर छाती तक चूमने लगी। फिर उसने मेरे निप्पलों को चूसना और काटना शुरू कर दिया।
शाम हो गई। मैंने शराब मंगवाई। दोनों बहनों ने पहले बच्चों को खाना खिलाया और सुला दिया।
बच्चों के सो जाने के बाद हम तीनों बिस्तर पर बैठकर शराब पीने लगे। मैंने चुपके से दोनों बहनों के गिलास में एक-एक फीमेल वियाग्रा की गोली डाल दी और खुद भी दो गोली खा ली।
रात दस बजे दरवाजे की घंटी बजी। कमल आया था। वह ड्रग्स के नशे में था।
“भाई जी, मुझे अनीता की चूत चोदनी है।” कमल ने हाथ जोड़कर कहा।
मैंने उसे एक कमरे में ले जाकर अनीता के साथ चोदने दिया। कमल ने मुझे एक पाइप दिया जिसमें एनर्जी ड्रिंक भरी हुई थी। मैंने उसे चूसा। तुरंत मेरे शरीर में एक अद्भुत ताकत आ गई।
अनीता ने कमल को चोदकर भेज दिया। कमल ने मुझे एक हजार रुपये दिए और चला गया।
हम तीनों ने उस एनर्जी ड्रिंक की बोतल से बारी-बारी से घूँट लिए। दस मिनट बाद हम तीनों के शरीर में एक अजीब सी गर्मी फैलने लगी।
“भाई जी, मुझे चोदो!” अवीना ने चीखते हुए मुझ पर चढ़कर मेरा लंड अपनी चूत में डाल लिया।
अवीना मेरे लंड पर उछलने लगी। उसकी चूत मेरे लंड को कसकर पकड़ रही थी।
“आह… आह… भाई जी… चोदो मुझे…” अवीना चीख रही थी।
पंद्रह मिनट बाद अवीना झड़ गई और बेहोश होकर गिर गई।
अब बारी अनीता की थी। मैंने अनीता को लिटाकर उसके ऊपर चढ़ गया। मेरा लंड उसकी चूत में घुसा और मैं जोर-जोर से धक्के मारने लगा।
“भाई जी… और जोर से… फाड़ दो मेरी चूत…” अनीता चीख रही थी।
मैंने अनीता की चूत तीस मिनट तक मारी। दोनों एक-दूसरे को काट रहे थे लेकिन दर्द महसूस नहीं हो रहा था।
अनीता मेरे ऊपर चढ़कर मेरे मुँह पर अपने स्तन दबाने लगी।
“भाई जी, ये रात मैं कभी नहीं भूलूंगी।” अनीता ने कहा।
सुबह तक हम दोनों चोदते रहे। अवीना सुबह तक सोती रही।
सुबह अनीता ने पूछा, “भाई जी, मुझे कब तक कमल के साथ रहना होगा?”
“हनीमून पर कमल को भी साथ ले चलेंगे। वह एनर्जी ड्रिंक सप्लाई करेगा और हमारी चुदाई देखेगा।” मैंने कहा।
मुझे सबसे ज्यादा मजा तब आता है जब पति अपनी बीवी को दूसरे से चुदवाता है।
मेरे कई अफेयर चल रहे हैं। मैं नंबर बदलता रहता हूँ ताकि औरतें मुझे परेशान न करें।
अगली कड़ी में कोविड वार्ड की हार्डकोर सेक्स स्टोरी सुनाऊंगा।
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