रानी 21 साल की कुंवारी लड़की थी, जिसका जन्म फैजाबाद में हुआ था। उसकी काया 30B-28-32 इंच की थी, जिसके कारण कॉलेज के दिनों में हर लड़का उसकी तरफ देखता था।
सख्त माता-पिता ने कभी उसे बॉयफ्रेंड रखने नहीं दिया, लेकिन दोस्तों की सेक्स कहानियाँ सुनकर उसकी चूत रोज़ गीली हो जाती थी।
हर रात वह आईने के सामने खड़ी होकर अपनी छोटी-छोटी स्तन दबाती, बाथरूम में उंगली डालकर चूत रगड़ती और ऑनलाइन इरोटिका पढ़ती।
एक लेखक से उसकी नियमित चैट शुरू हुई। वह उसे अपनी हर फैंटेसी बताती—कैसे कोई बड़ा लंड उसकी कुंवारी चूत फाड़कर अंदर घुस जाए, कैसे वह चीख-चीखकर चूदे।
ग्रेजुएशन के बाद वह लखनऊ आ गई। एक कंस्ट्रक्शन कंपनी में जॉब मिली। प्रोजेक्ट मैनेजर शैलेश से पहली मुलाकात में ही उसकी साँसें रुक गईं।
वह रोज़ टाइट टॉप और शॉर्ट स्कर्ट पहनकर ऑफिस जाती, जानबूझकर उसके सामने झुकती ताकि उसकी गोलाई दिखे। दूसरी लड़कियाँ जलने लगीं।
एक दिन उसने शैलेश से सीधा प्यार का इज़हार कर दिया। शैलेश बिना कुछ बोले चला गया। लेखक ने उसे धैर्य रखने को कहा।
कुछ दिनों बाद दोनों को दिल्ली पेमेंट रिलीज़ के लिए भेजा गया। फ्लाइट में शैलेश उसके पास बैठा, लेकिन बात कम की।
ऑफिसर नहीं मिला, इसलिए रात भर रुकना पड़ा। शैलेश ने दो लग्जरी होटल रूम बुक किए।
रानी ने शावर लिया, सिर्फ पैंटी और तौलिया लपेटकर खाना ऑर्डर किया। दरवाज़ा खोला तो शैलेश सामने खड़ा था।
वह घबरा गई, फिसल गई और बाईं तरफ चोट लग गई। शैलेश ने उसे गोद में उठाकर बिस्तर पर लिटाया, दर्द की स्प्रे लगाई।
खाना खाते समय तौलिया खिसक गया, दोनों स्तन बाहर आ गए। शैलेश ने तौलिया फिर से बाँधा, उसकी उँगलियाँ स्तनों को छू गईं।
रानी ने जानबूझकर टाँगें फैलाईं, पैंटी का किनारा दिखाया। शैलेश का लंड खड़ा हो गया।
रात का खाना खत्म होने के बाद रानी ने पूछा, “सर, क्या आप मुझे पसंद करते हैं?” शैलेश चुपचाप चला गया।
रानी ने लेखक को वीडियो कॉल की। कैमरा सामने करके उसने अपनी नंगी चूत और स्तन दिखाए।
तभी कमरे का दरवाज़ा खुला—शैलेश अंदर आया।
“तुम ही वो लेखक हो?” रानी ने काँपते हुए पूछा।
शैलेश ने सिर हिलाया। “हाँ, और अब मैं तुम्हारी चूत चोदने आया हूँ।”
रानी ने तौलिया फेंक दिया। पूरी तरह नंगी होकर बिस्तर पर लेट गई, टाँगें फैला दीं। “मेरी कुंवारी चूत ले लो सर।”
शैलेश ने उसकी चूत चाटी, जीभ घुसाई, दो उँगलियाँ अंदर डालीं और तेज़ी से रगड़ने लगा।
रानी चीख-चीखकर झड़ गई। फिर शैलेश ने अपना 7 इंच का मोटा लंड उसके मुँह में ठूँसा।
रानी ने पहली बार मुँह में लंड लिया। उसने जोर-जोर से चूसा, जीभ से लंड चाटा, थूक से पूरा गीला किया।
शैलेश ने उसके मुँह में झड़ने से पहले लंड निकाल लिया।
उसने रानी की चूत पर लंड रगड़ा, छेद पर दबाया, लेकिन घुसाया नहीं। रानी बेचैनी से काँप रही थी।
अचानक शैलेश ने जोर लगाया—लंड का सिरा अंदर घुसा, हाइमेन फट गया। खून निकला।
“आह्ह्ह… दर्द हो रहा है सर!” रानी चीखी।
शैलेश ने रुककर उसके स्तन चूसे, फिर धीरे-धीरे अंदर-बाहर करना शुरू किया।
दर्द धीरे-धीरे मज़े में बदल गया। रानी ने टाँगें उठाकर शैलेश की कमर में लपेट लीं।
“और जोर से चोदो सर… मेरी चूत फाड़ दो!”
शैलेश ने मिशनरी पोज़ में 10 मिनट तक चोदा। फिर कुत्ते वाली स्टाइल में घुमाया।
रानी का गधा ऊपर उठा, शैलेश ने पीछे से लंड घुसाया। चूत से खून और चूत का रस दोनों बह रहे थे।
रानी ने खुद ऊपर चढ़कर काउगर्ल पोज़ में लंड लिया। उसकी चूत ऊपर-नीचे हो रही थी, स्तन उछल रहे थे।
शैलेश ने उसके निप्पल चूसे, चूत में उँगली डाली और साथ में चोदा।
40 मिनट तक लगातार चुदने के बाद रानी बोली, “सर, अंदर झड़ जाओ… मेरी चूत में अपना माल भर दो!”
शैलेश ने जोरदार ठोके मारे और गर्म-गर्म वीर्य सीधा गर्भाशय में छोड़ा। तौलिया खून से लथपथ हो गया।
एक घंटे बाद शैलेश फिर जागा। उसने रानी के गधे पर हाथ फेरा। “गधे में दूँ?”
रानी ने मना कर दिया। “सर, अभी चूत ही चोद लो।”
उस रात शैलेश ने तीन बार उसकी चूत चोदी। हर बार रानी झड़ती रही।
सुबह उठते ही उसकी चूत सूज गई थी, चलने में दर्द हो रहा था।
अब रानी शादीशुदा है, लेकिन आज भी उसे शैलेश का लंड याद आता है।
वह चाहती है कि शैलेश फिर से उसकी चूत फाड़े।